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EPFO में बड़े बदलाव की तैयारी, पासपोर्ट सेवा केंद्र जैसे होंगे रीजनल ऑफिस, कहीं से भी करा सकेंगे PF का काम, आपके लिए क्या बदलेगा?

केंद्रीय श्रम मंत्री ने कहा कि देशभर के सभी EPFO दफ्तरों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर सिंगल-विंडो सर्विस सेंटर बनाया जाएगा, जिससे PF अकाउंट होल्डर्स अब देश के किसी भी EPFO ऑफिस में अपने खाते से जुड़ा काम करा सकेंगे.

केंद्रीय श्रम मंत्री ने कहा कि देशभर के सभी EPFO दफ्तरों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर सिंगल-विंडो सर्विस सेंटर बनाया जाएगा, जिससे PF अकाउंट होल्डर्स अब देश के किसी भी EPFO ऑफिस में अपने खाते से जुड़ा काम करा सकेंगे.

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Mithilesh Kumar
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EPFO : अब तक व्यवस्था यह थी कि ईपीएफओ के सदस्यों को पीएफ से जुड़े काम के लिए उसी रीजनल ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ते थे, जहां उसका पीएफ अकाउंट रजिस्टर्ड होता था. नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह बाध्यता खत्म हो जाएगी. Photograph: (Image: X/@socialepfo)

EPFO Single Window Service Centers like Passport Seva Kendra : पीएफ अकाउंट होल्डर्स के लिए काम की खबर है. केंद्र सरकार ईपीएफओ के कामकाज को पूरी तरह सिटिजन सेट्रिक, डिजिटल और आसान बनाने जा रही है. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया (Mansukh Mandaviya) ने अपने एक बयान में कहा कि देशभर के सभी ईपीएफओ ऑफिसेज को अब पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर ‘सिंगल-विंडो सर्विस सेंटर’ में बदला जाएगा. इसका सीधा फायदा यह होगा कि पीएफ अकाउंट होल्डर्स अब अपने खाते से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए देश के किसी भी EPFO ऑफिस में जाकर काम करा सकेंगे.

अब तक व्यवस्था यह थी कि ईपीएफओ के सदस्यों को पीएफ से जुड़े काम के लिए उसी रीजनल ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ते थे, जहां उसका पीएफ अकाउंट रजिस्टर्ड होता था. नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह बाध्यता खत्म हो जाएगी.

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दिल्ली में पायलट, जल्द देशभर में लागू

अहमदाबाद के वटवा में नए ‘भविष्य निधि भवन’ के उद्घाटन के दौरान मंत्री ने बताया कि इस नई व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट दिल्ली में शुरू हो चुका है. आधुनिक तकनीक के सहारे EPFO सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और आपस में कनेक्टेड बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी शहर का कर्मचारी नजदीकी EPFO दफ्तर में जाकर अपना काम आसानी से निपटा सके.

अब पीएफ का काम कहीं से भी होगा!

कर्मचारी ने अहमदाबाद में नौकरी की हो, बेंगलुरू, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली या देश में कहीं भी उसका पीएफ बैलेंस UAN नंबर से काउंट होगा. केंद्रीय मंत्री का कहना है कि पीएफ का बैलेंस आसानी से ट्रांसफर हो जाएगा. सरकार हर ईपीएफओ के रीजनल ऑफिस में एक नई व्यवस्था लागू करने वाली है. आप देश में कहीं रहे और किसी भी EPFO ऑफिस में जाकर दिल्ली, अहमदाबाद या बेंगलुरू स्थित रीजनल ऑफिस के तहत आने वाले पीएफ खाते से जुड़े काम को पूरा करा सकेंगे. इसके लिए सरकार तैयारियों में जुटी हुई है.

EPF सुविधा प्रोवाइडर्स आपकी करेंगे मदद

सरकार जल्द ही ‘EPF सुविधा प्रोवाइडर्स (EPF Suvidha Providers) की नई व्यवस्था भी शुरू करेगी. ये अधिकृत फैसिलिटेटर होंगे, जो उन पीएफ अकाउंट होल्डर्स की मदद करेंगे जिन्हें डिजिटल प्रक्रिया समझने में दिक्कत होती है या जो पहली बार पीएफ सिस्टम से जुड़ रहे हैं. ये सुविधा प्रोवाइडर्स लोगों और EPFO के बीच ब्रिज की तरह काम करेंगे और क्लेम सेटलमेंट कराने में भी मदद करेंगे.

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे सभी EPFO लाभार्थियों और श्रमिकों को कागजात, इनफार्मेंशन और अन्य चीजों में मदद के लिए प्राइवेट सर्विस प्रोवाडर नियुक्त किया जाएगा ताकि EPFO ऑफिस में आकर उस सरलता से हमारे श्रमिक या नियोक्ता या प्रतिष्ठान या एंप्लायर के द्वारा मान्य व्यक्तियों के द्वारा सर्विस प्रोवाइड की जाएगी. आने वाले दिनों में इस नई व्यवस्था का लाभ सभी प्रतिष्ठानों और सभी श्रमिक कर्मचारियों को मिलेगा. 

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KYC कराके असल हकदारों को PF का पैसा देने की तैयारी

देश में लाखों पीएफ अकाउंट होल्डर्स का पैसा ऐसे इन ऑपरेटिव यानी डी-एक्टिवेट EPF खातों में लॉक है जो सालों से पड़े हैं. मंत्री ने कहा कि EPFO अब इन खातों के लिए ‘मिशन मोड’ में KYC वेरीफिकेशन करेगा. इसके लिए एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा, जिससे पीएफ अकाउंट होल्डर्स या उनके वारिसों की पहचान कर बकाया राशि सुरक्षित तरीके से लौटाई जा सकेगी.

पुरानी व्यवस्था का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा - पहले ईपीएफओ में दिक्कत इतनी होती थी कि छोटी-मोटी रकम पड़ी हो तो पीएफ अकाउंट होल्डर यानी EPFO मेंबर बार-बार दस्तरों के चक्कर लगाने और अन्य कागजी कार्रवाई के झंझट के वजह से छोड़ देते थे लेकिन नई व्यवस्था में सभी ऐसे मेंबर जिसकी कोई भी रकम EPFO के पास पड़ी हो और हर साल डिपॉजिट पर इंटरेस्ट भी जमा हो रही हो लेकिन लोगों को पता नहीं है कि उसका पीएफ अकाउंट कहां है और उसमें कितनी रकम है.

ऐसे सभी कर्मचारियों और श्रमिकों की KYC कराके सिंपल प्रासेस के जरिए उनका पैसा उनके अकाउंट में देने का अभियान भी सरकार चला रही है. ताकि ऐसे लोगों की मदद हो पाए. अभियान चलाकर सरकार असर हकदारों को ढूंढने और उन्हें पैसा वापस लौटाने का काम कर रही है. मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों इस नई व्यवस्था का लाभ सभी 8 करोड़ ईपीएफओ के लाभार्थियों को मिलेगी. 

विदेश में काम किया तो भी PF सुरक्षित

सरकार अब अपने मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) में सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल कर रही है. मंत्री के मुताबिक, भारत-ब्रिटेन समझौते की तरह आगे होने वाले अन्य अंतरराष्ट्रीय समझौतों में भी यह व्यवस्था होगी कि अगर कोई भारतीय कर्मचारी विदेश में काम कर वापस लौटता है, तो वहां जमा हुआ उसका PF व्यर्थ नहीं जाएगा. भारत लौटने पर वह अपनी जमा राशि और अन्य लाभ ले सकेगा.

आपके लिए क्या बदलेगा? एक नजर में

ऑफिस एक्सेस: पहले केवल होम ब्रांच जाना पड़ता था, अब देश की किसी भी EPFO ऑफिस में काम होगा

मदद का जरिया: पहले खुद या बिचौलियों पर निर्भरता, अब अधिकृत EPF सुविधा प्रोवाइडर्स मदद देंगे

विदेशी नौकरी: पहले विदेश में कटा PF फंस जाता था, अब भारत लौटने पर पैसा मिलेगा

पुराने खाते: पहले KYC न होने से पैसा अटकता था, अब डिजिटल प्लेटफॉर्म से तेज KYC और क्लेम सेटलमेंट

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28 लाख करोड़ का कोष, 8.25% ब्याज और सरकारी गारंटी

EPFO की वित्तीय मजबूती पर भरोसा दिलाते हुए मंत्री ने कहा कि संगठन के पास फिलहाल 28 लाख करोड़ रुपये का फंड कॉर्पस है और इस पर सालाना 8.25% ब्याज दिया जा रहा है. उन्होंने साफ किया कि EPFO में जमा पैसा पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि इसके पीछे भारत सरकार की गारंटी है.

आंकड़ों का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि 2014 से पहले देश की सिर्फ 19% आबादी सामाजिक सुरक्षा यानी सोशल सिक्योरिटी के दायरे में थी, जो अब बढ़कर 64% हो चुकी है. आज करीब 94 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में सोशल सिक्योरिटी के दायरे में आते हैं. लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक 100 करोड़ नागरिकों को इस दायरे में लाया जाए.

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