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Gold Rate Today : सोने में तेजी और चांदी पर दबाव, बाजार में दिखा मिला-जुला रुझान. Photograph: (AI Generated Image)
Gold Rate Today, Sone Chandi Ka Bhav Aaj Ka : सोमवार को सोने में तेजी का रुझान रहा, जबकि चांदी में गिरावट देखने को मिली. दिल्ली सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोना 300 रुपये बढ़कर 1,29,700 रुपये पर पहुंच गया. वहीं चांदी में 1,000 रुपये की तेज गिरावट देखने को मिली और यह 1,63,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. सवाल ये है कि आखिर सोने में तेजी और चांदी में गिरावट का रुझान क्यों नजर आ रहा है?
सोने की कीमतों को ग्लोबल मार्केट में सपोर्ट
(International Gold Price Trend)
सोना लगातार दूसरे कारोबारी सेशन के दौरान मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया. विदेशी बाजारों में भी गोल्ड की चाल स्टेबल है और स्पॉट गोल्ड 4,077.35 डॉलर प्रति औंस के आसपास टिके रहने से घरेलू बाजार में भाव को सहारा मिला है. डॉलर की मजबूती सोने की तेज बढ़त को रोक रही है, लेकिन एशिया में जियो-पोलिटिकल टेंशन ने इसे नीचे भी नहीं गिरने दिया है.
इस बारे में मिरे ऐसेट शेयरखान के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि "स्पॉट गोल्ड अभी इसलिए स्टेबल है क्योंकि डॉलर की मजबूती ने कीमतों में तेज उछाल को सीमित किया है, जबकि ताइवान को लेकर जापान और चीन के बीच तनाव ने गिरावट को भी रोक रखा है." ये हालात बताते हैं कि सोना एक सुरक्षित निवेश के तौर पर अभी भी मजबूत बना हुआ है. (Safe haven gold investment)
चांदी क्यों फिसली, बाजार में क्या हुआ बदलाव
(Silver Price Today, Silver Trend)
सोना बढ़ा लेकिन चांदी 1,000 रुपये टूटकर 1,63,800 रुपये पर आ गई है. इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट सिल्वर भले ही 0.66 फीसदी चढ़कर 50.89 डॉलर पर पहुंची हो, लेकिन घरेलू बाजार पर दबाव साफ दिखा. बीते सप्ताह बड़ी मार्केट सेल-ऑफ ने इसकी कीमतों को कमजोर कर दिया था.
ऑग्मोंट की हेड ऑफ रिसर्च रेनिशा चेनानी का कहना है, "पिछले हफ्ते बाजार में जोरदार बिकवाली हुई. इसका कारण यूएस फेड (US Federal Reserve) के अधिकारियों की सख्त टिप्पणियां थीं, जिससे दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं. इसी वजह से सोने में 2.5 फीसदी और चांदी में 5.5 फीसदी गिरावट दर्ज की गई." उनका कहना है कि यूएस फेड अब शटडाउन ब्लैकआउट की दलील देकर दिसंबर में ब्याज दरें स्टेबल रखने की तैयारी में है.
भारत का ट्रेड डेफिसिट बढ़ा, सोने-चांदी के इम्पोर्ट में उछाल
(India Trade Deficit, Gold Import)
भारत के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट के आंकड़ों ने भी बाजार पर असर डाला है. अक्टूबर में देश का एक्सपोर्ट 11.8 फीसदी गिरा है, जबकि ट्रेड डेफिसिट बढ़कर रिकॉर्ड 41.68 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. यह भारी गिरावट इसलिए हुई क्योंकि अमेरिका की ओर से लगाए गए ऊंचे टैरिफ ने भारतीय प्रोडक्ट्स की डिमांड कम कर दी है.
दूसरी ओर, इंपोर्ट में 16.63 फीसदी उछाल देखने को मिला है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा सोने और चांदी के इंपोर्ट का रहा. अक्टूबर में सोने का इंपोर्ट लगभग 200 फीसदी बढ़कर 14.72 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि चांदी का इंपोर्ट 528 फीसदी से ज्यादा उछलकर 2.71 अरब डॉलर पर पहुंच गया. (India Gold Import Surge)
क्या हैं आगे के संकेत?
(Gold Price Forecast)
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतें फिलहाल सीमित दायरे में रह सकती हैं. जियो-पोलिटिकल टेंशन, मजबूत डॉलर और ब्याज दरों के फैसले इसके ट्रेंड को प्रभावित करेंगे. वहीं चांदी में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है क्योंकि इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्लोबल लेवल पर इनवेस्टर सेंटिमेंट में तेजी से बदलाव हो रहे हैं. मौजूदा माहौल में निवेशकों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय संकेत काफी मिले-जुले हैं. (Gold Silver Outlook)
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, निवेश की सलाह देना नहीं. निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने और अपने इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेने के बाद ही करें.)
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