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Gold Silver Price Today : सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, मजबूत रुपये और कमजोर ग्लोबल संकेतों का असर? (AI Generated Image)
Gold Rate Today, Sone Chandi Ka Bhav Aaj Ka : सोमवार को सोने की कीमतों में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली. दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना करीब 700 रुपये टूटकर 1,25,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. वहीं चांदी में भी 1,000 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव गिरकर 1,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया. ऐसा लगातार तीसरे दिन हुआ है कि दाम नीचे आ गए हैं. आखिर क्या है इस गिरावट की वजह और एक्सपर्ट की राय में आगे के संकेत क्या हैं?
रुपये की मजबूती और कमजोर ग्लोबल संकेत
सोने की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह रुपये की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी बताई जा रही है. सोमवार को रुपये में 50 पैसे की तेजी देखने को मिली और यह 89.16 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. इसी ने सोने की घरेलू कीमतों पर दबाव बढ़ाया.
LKP सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एंड करेंसी) जतिन त्रिवेदी के अनुसार, “सोने के दाम कमजोर खुले क्योंकि मजबूत रुपये और इंटरनेशनल मार्केट में नरमी से घरेलू कीमतों पर दबाव आया.” उनका कहना है कि सोने में इन दिनों उतार-चढ़ाव थोड़ा ज्यादा देखने को मिल रहा है, लेकिन गिरावट के बाद खरीदारों की दिलचस्पी फिर बढ़ने की उम्मीद है.
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ग्लोबल मार्केट में सतर्कता का माहौल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव बना हुआ है. स्पॉट गोल्ड हल्की गिरावट के साथ 4,064.35 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. वहीं चांदी थोड़ी बढ़त के साथ 50.09 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी.
कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) की कमोडिटी एंड करेंसी एनालिस्ट कायनात चैनवाला के मुताबिक, “स्पॉट गोल्ड 4,060 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है क्योंकि निवेशक इस हफ्ते आने वाले अहम अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं. अगर आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं तो ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ सकती हैं.”
US पॉलिसी और डेटा पर टिकी नजर
सोने की चाल पर अमेरिकी इकनॉमिक इंडिकेटर्स का बड़ा असर रहता है. सोने के भाव में आगे का रुझान क्या होगा, यह काफी हद तक महंगाई, जॉब डेटा और कंज्यूमर सेंटिमेंट जैसे फैक्टर्स से तय होगा. ऑगमोंट गोल्ड की हेड ऑफ रिसर्च रेनीशा चैनानी का कहना है कि मिले-जुले जॉब डेटा और फेडरल रिजर्व की आगे की पॉलिसी को लेकर असमंजस बना हुआ है. इस वजह से सोने में ट्रेडिंग रेंज बाउंड है, लेकिन माहौल फिलहाल थोड़ा कमजोर दिख रहा है.
सेंट्रल बैंकों की गोल्ड खरीद बनी सपोर्ट
जहां बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है, वहीं दुनिया भर के सेंट्रल बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं. चीन के सेंट्रल बैंक (PBoC) ने अक्टूबर में लगातार 12वें महीने गोल्ड रिजर्व बढ़ाकर 74.09 मिलियन ट्रॉय औंस कर दिया. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, तीसरी तिमाही में दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों ने 220 MT गोल्ड खरीदा, जो पिछली तिमाही से 28% ज्यादा है. यह लॉन्ग टर्म में सोने के लिए मजबूत संकेत माना जा रहा है.
आगे क्या?
जतिन त्रिवेदी आगे कहते हैं, “सोना 4,100 डॉलर के पास मोमेंटम पकड़ने की कोशिश कर रहा है क्योंकि दिसंबर में फेड रेट कट की संभावना 71% तक पहुंच गई है. अगले हफ्ते सोने में डिप्स पर खरीदारी की उम्मीद है. घरेलू बाजार में 1,25,000 रुपये पर रेजिस्टेंस और 1,22,000 रुपये के आसपास सपोर्ट देखने को मिल सकता है.” यानि गिरावट के बावजूद सोने में लॉन्ग टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है. निवेशकों की नजर अब अमेरिकी डेटा और डॉलर की चाल पर रहेगी.
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, निवेश की सलाह देना नहीं. निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने और अपने इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेने के बाद ही करें.)
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