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Gratuity calculation in New Labour Code : नए लेबर कोड के बाद कैसे कैलकुलेट होगी ग्रेच्युटी? (AI Generated Image)
Gratuity Calculation Under New Labour Codes : नए लेबर कोड आने के बाद सबसे ज़्यादा चर्चा ग्रेच्युटी को लेकर हो रही है. कई कर्मचारी यह समझना चाहते हैं कि अब ग्रेच्युटी कैसे कैलकुलेट होगी और क्या सरकारी कर्मचारियों के लिए भी नियम बदल गए हैं. अच्छी बात यह है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन पहले जैसा ही है. नए नियमों का असर मुख्य रूप से प्राइवेट सेक्टर और फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों पर पड़ेगा.
नए लेबर कोड में क्या बदलाव किए गए हैं?
नए लेबर कोड (New Labour Codes) के तहत दो बड़े बदलाव किए गए हैं. पहला बदलाव ग्रेच्युटी (Gratuity) की एलिजिबिलिटी से जुड़ा है. जहां स्थायी (permanent) कर्मचारियों के लिए अब भी कम से कम 5 साल की नौकरी ज़रूरी है, वहीं फिक्स्ड-टर्म या कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को अब सिर्फ एक साल की नौकरी के बाद भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा.
दूसरा बदलाव वेज स्ट्रक्चर से जुड़ा है. अब ग्रेच्युटी के लिए जो वेज मानी जाएगी, उसमें बेसिक पे, डीए (Dearness Allowance) और रिटेनिंग अलाउंस शामिल होंगे. इसके अलावा, ग्रेच्युटी कैलकुलेशन के लिए कुल सैलरी के 50% हिस्से को वेज (Wage) माना जाएगा. इससे कई प्राइवेट कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की रकम बढ़ सकती है. वहीं, सरकारी कर्मचारियों पर इन बदलावों का कोई असर नहीं पड़ेगा. वे पहले जैसे ही नियमों के तहत ग्रेच्युटी ले पाएंगे.
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सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी कैसे कैलकुलेट होगी?
सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी का पुराना फॉर्मूला ही लागू रहेगा. ग्रेच्युटी कैलकुलेट करने का ये फॉर्मूला है:
Gratuity = (Basic Pay + DA) × Qualifying Service (half service years) × 1/4
यानी पहले आपकी पूरी सर्विस को “हाफ–ईयर” में बदला जाता है. उसके बाद आखिरी वेतन के आधार पर ग्रेच्युटी तय होती है.
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उदाहरण से समझें ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन
मान लीजिए कोई कर्मचारी 11 दिसंबर 2025 को 60 साल की उम्र में रिटायर हो रहा है और उसकी आखिरी महीने की बेसिक+DA आय 1,00,000 रुपये है.
उदाहरण 1
रिटायरमेंट उम्र: 60 साल
सर्विस पीरियड: 32 साल
हाफ–सर्विस इयर्स : 64
आखिरी वेतन (Basic + DA): 1,00,000 रुपये
ग्रेच्युटी: 16,00,000 रुपये
उदाहरण 2
रिटायरमेंट उम्र: 60 साल
सर्विस पीरियड: 26 साल
हाफ–सर्विस इयर्स : 52
आखिरी वेतन (Basic + DA): 1,25,000 रुपये
ग्रेच्युटी: 16,25,000 रुपये
दोनों उदाहरणों में आप देख सकते हैं कि ग्रेच्युटी पूरी तरह सर्विस पीरियड और आखिरी वेतन पर निर्भर करती है. सरकारी कर्मचारियों के लिए यह कैलकुलेशन पहले जैसा ही रहेगा.
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वैसे, ग्रेच्युटी कैलकुलेशन के लिए एक ऑफिशियल कैलकुलेटर भी है, जिसमें रिटायरमेंट की तारीख, कुल सर्विस पीरियड और आखिरी महीने का वेतन डालकर तुरंत ग्रेच्युटी की रकम देखी जा सकती है. यह कैलकुलेटर सरकार के पेंशन पोर्टल (https://pensionersportal.gov.in/PensionCalculators/RevisedPensionCalculator_2016/GratuityCalculator_7pc.aspx) पर उपलब्ध है.
ग्रेच्युटी क्या होती है?
ग्रेच्युटी एक तरह का बोनस है जो एंप्लॉयर कर्मचारी को उसकी लंबी सर्विस के बदले में देता है. भारत में यह Payment of Gratuity Act, 1972 के तहत दिया जाता है. आमतौर पर कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल की नौकरी पूरी करनी होती है. हालांकि नए नियमों में फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को इससे पहले, सिर्फ 1 साल पूरा होने पर ही ग्रेच्युटी पाने का अधिकार दे दिया गया है.
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