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Income Tax Refund Delay : रिफंड में हो रही देरी? CBDT ने ITR में गड़बड़ियों को लेकर टैक्सपेयर्स को किया अलर्ट. (Image : Freepik)
Income Tax Refund Delay 2025 : दिसंबर का महीना खत्म होने वाला है, लेकिन देश के लाखों टैक्सपेयर्स अब भी अपने इनकम टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे हैं. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी CBDT पहले ही कह चुका है कि ज्यादातर रिफंड दिसंबर के अंत तक जारी कर दिए जाएंगे, लेकिन हकीकत यह है कि बड़ी संख्या में रिटर्न अभी भी प्रोसेसिंग या वेरिफिकेशन के दौर में अटके हुए हैं.
इसी बीच, CBDT ने 23 दिसंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण प्रेस रिलीज जारी की है, जिसमें बताया गया है कि ITR में गड़बड़ियों और गलत क्लेम की वजह से कई रिफंड अटक रहे हैं. ऐसे में टैक्सपेयर्स को अब अलर्ट रहने की जरूरत है.
CBDT ने क्यों जारी किया यह अलर्ट?
CBDT के मुताबिक, आयकर विभाग ने अपने रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क और डेटा एनालिटिक्स के जरिए कुछ ऐसे मामलों की पहचान की है, जहां टैक्सपेयर्स ने ऐसे डिडक्शन या छूट का दावा किया है, जिनके वे हकदार नहीं थे.
ये गड़बड़ियां असेसमेंट इयर 2025-26 के इनकम टैक्स रिटर्न्स में पाई गई हैं. इन गलत क्लेम्स की वजह से इनकम कम दिखाई गई और रिफंड गलत तरीके से ज्यादा बन गया.
किन वजहों से फंस रहे हैं रिफंड?
CBDT ने साफ किया है कि कई ITRs में रजिस्टर्ड गैर-मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों (Registered Unrecognised Political Parties) यानी (RUPPs) को दिखाए गए फर्जी दान शामिल हैं. कहीं दान पाने वाले का गलत या इनवैलिड PAN नंबर दर्ज किया गया है. वहीं कई रिटर्न्स में डिडक्शन या छूट की रकम जरूरत से ज्यादा दिखा दी गई है.
इस तरह की गड़बड़ियां ITR प्रोसेसिंग को रोक देती हैं, जिससे रिफंड भी अटक जाता है.
SMS और ई-मेल क्यों आ रहे हैं?
इन मामलों को सुलझाने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने ‘नज’ (NUDGE) कैंपेन शुरू किया है. यहां NUDGE का फुलफॉर्म है - Non-intrusive Usage of Data to Guide and Enable.
इसके तहत जिन टैक्सपेयर्स के रिटर्न (Itr Filing) में गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें SMS और ई-मेल के जरिए जानकारी दी जा रही है. इसका उद्देश्य है टैक्सपेयर को बिना डर या नोटिस के खुद अपनी गलती सुधारने का मौका देना.
CBDT ने साफ कहा है कि यह पहल ट्रस्ट-फर्स्ट अप्रोच पर आधारित है, यानी पहले टैक्सपेयर को सुधार का मौका दिया जा रहा है.
31 दिसंबर की डेडलाइन क्यों है अहम?
CBDT ने टैक्सपेयर्स को सलाह दी है कि वे 31 दिसंबर 2025 तक अपने ITR की दोबारा जांच कर लें. अगर कहीं कोई गलती है, तो समय रहते रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर दें.
यह आखिरी तारीख असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए रिवाइज्ड ITR फाइल करने की है. तय समय के भीतर सुधार करने से आगे किसी तरह की पूछताछ या नोटिस से बचा जा सकता है और अगर वाजिब रिफंड बनता है, तो उसके जारी होने की प्रॉसेस भी तेज हो सकती है.
अब तक कितने लोगों ने रिटर्न अपडेट किए?
CBDT के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 21 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने AY 2021-22 से 2024-25 तक के अपने पुराने रिटर्न अपडेट किए हैं और इसके जरिए 2,500 करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स जमा किया गया है.
इतना ही नहीं, मौजूदा असेसमेंट ईयर यानी AY 2025-26 के लिए भी अब तक 15 लाख से ज्यादा ITRs रिवाइज किए जा चुके हैं.
इन लोगों को घबराने की जरूरत नहीं
CBDT ने यह भी साफ कर दिया है कि जिन टैक्सपेयर्स ने सही और वैलिड तरीके से डिडक्शन या छूट का क्लेम किया है, उन्हें घबराने या कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है. उनका रिफंड तय प्रॉसेस के तहत जारी कर दिया जाएगा.
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31 दिसंबर की डेडलाइन चूक गए तो क्या होगा?
अगर कोई टैक्सपेयर 31 दिसंबर 2025 तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल नहीं कर पाता है, तो भी एक मौका बचता है. ऐसे टैक्सपेयर्स 1 जनवरी 2026 से अपने अपडेटेड रिटर्न फाइल (Updated Income Tax Filing) कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए कानून के मुताबिक अतिरिक्त टैक्स और पेनल्टी देनी पड़ सकती है.
रिफंड जल्दी पाने के लिए क्या करें?
अगर आप अब भी अपने इनकम टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो ITR का स्टेटस जरूर चेक करें. अपने डिडक्शन, PAN डिटेल्स और डोनेशन से जुड़ी जानकारी का ध्यान से मिलान करें.
छोटी सी गलती भी रिफंड के इंतजार को और लंबा कर सकती है. समय रहते सुधार करने से न सिर्फ रिफंड जल्दी मिल सकता है, बल्कि आगे की परेशानी से भी बचा जा सकता है.
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