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ITR refund status 2025: हाई-वैल्यू रिफंड का विश्लेषण, लो-वैल्यू रिफंड जारी: CBDT चेयरमैन रवि अग्रवाल

CBDT चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया कि हाई-वैल्यू रिफंड का विश्लेषण जारी है, लो-वैल्यू रिफंड जारी हो रहे हैं. रिफंड में गिरावट और लंबित कर अपीलों के निपटान पर फोकस, ताकि वैध करदाताओं के लिए प्रक्रिया तेज और सुचारू हो.

CBDT चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया कि हाई-वैल्यू रिफंड का विश्लेषण जारी है, लो-वैल्यू रिफंड जारी हो रहे हैं. रिफंड में गिरावट और लंबित कर अपीलों के निपटान पर फोकस, ताकि वैध करदाताओं के लिए प्रक्रिया तेज और सुचारू हो.

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FE Hindi Desk
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ITR Refund

CBDT प्रमुख रवि अग्रवाल ने कहा कि लो वैल्यू वाले टैक्स रिफंड जारी किए जा रहे हैं, जबकि हाई वैल्यू या फ्लैग किए गए दावे समीक्षा के तहत हैं. वैध रिफंड दिसंबर तक मिलने की उम्मीद है.

ITR refund status 2025: सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज़ (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि आयकर विभाग कुछ रिफंड दावों का विश्लेषण कर रहा है, विशेष रूप से उन दावों का जो “उच्च-मूल्य” (high-value) वाले हैं या जिन पर विशिष्ट कटौतियों (deductions) के दावे के कारण रेड फ्लैग लगाया गया है. इस प्रक्रिया के कारण रिफंड जारी करने में अस्थायी देरी हुई है, हालांकि वैध रिफंड दिसंबर तक मिलने की उम्मीद है.

देरी के बारे में पूछे जाने पर अग्रवाल ने कहा, “हमने करदाताओं (taxpayers) को यह भी लिखा है कि अगर उन्होंने कुछ भूल की है तो वे रिवाइज्ड रिटर्न  दाखिल करें.”

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लो वैल्यू रिफंड जारी, सिस्टम पर निरंतर निगरानी

अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि लो वैल्यू रिफंड जारी किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “लो वैल्यू रिफंड जारी किए जा रहे हैं. हमने विश्लेषण किया और पाया कि कुछ गलत रिफंड या डिडक्शन्स क्लेम किए जा रहे हैं. इसलिए यह अभी कंटीन्यूअस प्रोसेस है. हम उम्मीद करते हैं कि शेष रिफंड इस महीने या दिसंबर तक जारी कर दिए जाएंगे.” उन्होंने यह बात इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) में करदाताओं के लिए लाउंज का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही.

चेयरमैन ने कहा कि रिफंड में गिरावट हुई है. इसका एक कारण यह है कि टीडीएस दरें कम करने के बाद भी कुछ लोग रिफंड के लिए दावा नहीं कर रहे. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल से 10 नवंबर तक रिफंड लगभग 18% कम होकर 2.42 लाख करोड़ रुपये से ऊपर रह गया.

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लंबित अपीलों को तेजी से निपटाने पर जोर

अग्रवाल ने सीधे करों से जुड़े मुकदमों (litigation) को कम करने के लिए उठाए गए कदमों पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “हमने कई कदम उठाए हैं और हमारे अपीलीय अधिकारी ओवरटाइम काम कर रहे हैं ताकि लंबित मामलों को निपटाया जा सके. पिछले वर्षों में…कोविड आदि के कारण लंबित मामले जमा हो गए थे, लेकिन मैं यह बता सकता हूं कि इस साल पिछले साल की तुलना में 40% से अधिक अपीलें निपटाई गई हैं और मुझे लगता है कि साल के अंत तक हम और भी ज्यादा अपीलें निपटा लेंगे.”

CBDT प्रमुख ने दोहराया कि ये कदम इस उद्देश्य से उठाए गए हैं कि वैध करदाताओं के लिए रिफंड प्रक्रिया सुचारू हो और देरी कम हो.

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Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.

To read this article in English, click here.

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