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Best Mutual Fund Category : 2025 में बैंकिंग फंड्स का रिटर्न डोमेस्टिक इक्विटी फंड्स की किसी भी दूसरी कैटेगरी से ज्यादा रहा है. (AI Generated Image)
Year Ender 2025 : Best Domestic Equity Mutual Fund Category : इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के लिए 2025 का साल बहुत अच्छा नहीं रहा है, लेकिन एक फंड कैटेगरी ऐसी है जिसने इस दौरान भी बेहतर रिटर्न दिए हैं. ये फंड कैटेगरी है बैंकिंग फंड्स की, जिसने किसी भी अन्य डोमेस्टिक इक्विटी फंड कैटेगरी की तुलना में बेहतर रिटर्न दिए हैं.
बैंकिंग फंड्स का साल 2025 में एवरेज कैटेगरी रिटर्न (YTD) 17.67% रहा है. यही नहीं, म्यूचुअल फंड्स की इस कैटेगरी के लंबी अवधि के आंकड़े भी अच्छे हैं. बैंकिंग फंड कैटेगरी ने 3 साल में 14.06%, 5 साल में 16.49% और 10 साल में 13.78% का औसत रिटर्न दिया है. यानी बैंकिंग फंड सिर्फ इसी साल नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म में बढ़िया प्रदर्शन करते रहे हैं.
2025 में बैंकिंग फंड कैटेगरी क्यों रही सबसे आगे
2025 में बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की मजबूती ने इस कैटेगरी के फंड्स को भी फायदा पहुंचाया है. घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार और बैंकों की बैलेंस शीट मजबूत होने का सीधा फायदा बैंकिंग शेयरों को मिला. यही वजह रही कि बैंकिंग सेक्टर में निवेश (Banking Sector Investment) करने वाले फंड्स ने अन्य इक्विटी फंड कैटेगरी को पीछे छोड़ दिया.
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रिटर्न के हिसाब से टॉप 5 बैंकिंग फंड
आइए अब नजर डालते हैं डोमेस्टिक इक्विटी फंड्स (Equity Funds) में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले टॉप 5 बैंकिंग म्यूचुअल फंड्स के प्रदर्शन पर. पिछले 1 साल के रिटर्न को देखें तो जिन स्कीम्स ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है, उनमें मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड (Motilal Oswal Mutual Fund), एचडीएफसी म्यूचुअल फंड (HDFC Mutual Fund), आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड (ICICI Prudential Mutual Fund) की स्कीम्स शामिल हैं:
1 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले टॉप 5 बैंकिंग फंड
1. मोतीलाल ओसवाल निफ्टी मिड स्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स फंड
(Motilal Oswal Nifty MidSmall Financial Services Index Fund - Direct Plan)
1 साल का रिटर्न : 25.29%, एक्सपेंस रेशियो : 0.63%
2. डीएसपी निफ्टी पीएसयू बैंक ईटीएफ (DSP Nifty PSU Bank ETF)
1 साल का रिटर्न : 24.25%, एक्सपेंस रेशियो : 0.15%
3. मिरे एसेट निफ्टी पीएसयू बैंक ईटीएफ (Mirae Asset Nifty PSU Bank ETF)
1 साल का रिटर्न : 24.23%, एक्सपेंस रेशियो : 0.19%
4. एचडीएफसी निफ्टी पीएसयू बैंक ईटीएफ (HDFC NIFTY PSU BANK ETF)
1 साल का रिटर्न : 24.04%, एक्सपेंस रेशियो : 0.35%
5. आईसीआईसीआई प्रू निफ्टी पीएसयू बैंक ईटीएफ (ICICI Pru Nifty PSU Bank ETF)
1 साल का रिटर्न : 23.95%, एक्सपेंस रेशियो : 0.40%
(Source: Value Research)
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एसेट्स के मामले में टॉप 5 बैंकिंग फंड
पिछले 1 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले टॉप 5 बैंकिंग फंड्स में कई स्कीम ऐसी हैं, जिनका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बहुत अधिक नहीं है. सबसे ज्यादा AUM वाले बैंकिंग फंड्स की जानकारी आप यहां देख सकते हैं :
सबसे ज्यादा AUM वाले टॉप 5 बैंकिंग फंड
1. आईसीआईसीआई प्रू बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड
(ICICI Prudential Banking and Financial Services Fund - Direct Plan)
एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) : 11,086 करोड़ रुपये, 1 साल का रिटर्न : 14.54%, एक्सपेंस रेशियो : 1.00%
2. एसबीआई बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (SBI Banking & Financial Services Fund - Direct Plan)
एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) : 9,813 करोड़ रुपये, 1 साल का रिटर्न : 18.31%, एक्सपेंस रेशियो : 0.73%
3. निप्पॉन इंडिया ईटीएफ निफ्टी बैंक बीईईएस (Nippon India ETF Nifty Bank BeES)
एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) : 8,030 करोड़ रुपये, 1 साल का रिटर्न : 15.20%, एक्सपेंस रेशियो : 0.19%
4. निप्पॉन इंडिया बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फं (Nippon India Banking & Financial Services Fund - Direct Plan)
एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) : 7,792 करोड़ रुपये, 1 साल का रिटर्न : 15.92%, एक्सपेंस रेशियो : 0.96%
5. कोटक निफ्टी बैंक ईटीएफ (Kotak Nifty Bank ETF)
एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) : 6,532 करोड़ रुपये, 1 साल का रिटर्न : 15.24%, एक्सपेंस रेशियो : 0.15%
(Source: Value Research)
इन आंकड़ों से क्या समझें
बैंकिंग फंड कैटेगरी ने भले ही 2025 के दौरान दूसरे डोमेस्टिक इक्विटी फंड्स से बेहतर रिटर्न दिए हों, लेकिन यह बात भूलनी नहीं चाहिए कि सेक्टोरल फंड्स में शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव का रिस्क ज्यादा हो सकता है. इसलिए इनमें निवेश हमेशा लॉन्ग टर्म के लिए करना चाहिए. साथ ही नए निवेशकों के लिए फ्लेक्सी कैप या मल्टी कैप जैसे फंड में पैसे लगाना बेहतर रहता है, क्योंकि उनके जरिये कम निवेश में भी ज्यादा डायवर्सिफाइड इक्विटी पोर्टफोलियो तैयार करना आसान है.
यह भी याद रखें कि किसी भी इक्विटी फंड में पिछले रिटर्न का आगे भी जारी रहना जरूरी नहीं है. यही वजह है कि इन फंड्स को आमतौर पर बहुत अधिक जोखिम (Very High Risk) की रेटिंग दी जाती है. इसलिए इनमें निवेश से पहले अपनी रिस्क लेने की क्षमता को जरूर ध्यान में रखें.
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, किसी स्कीम में निवेश की सलाह देना नहीं. निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने के बाद और सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेकर ही करें.)
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