/financial-express-hindi/media/media_files/2025/11/21/best-equity-fund-category-for-long-term-freepik-2025-11-21-15-38-11.jpg)
Small Cap vs Mid Cap vs Large Cap vs Flexi Cap : चारों फंड कैटेगरी का 1 से 10 साल का रिटर्न कंपैरिजन. (Image : Freepik)
Small Cap vs Mid Cap vs Large Cap vs Flexi Cap : Complete Return Analysis : इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है. लेकिन किसी आम निवेशक के सामने सबसे बड़ी दुविधा ये होती है कि वो इनवेस्टमेंट के लिए सही स्कीम का चुनाव कैसे करे? और स्कीम चुनने से भी पहले बड़ा सवाल ये होता है कि निवेश के लिए कौन सी फंड कैटेगरी पर फोकस किया जाए. स्मॉल कैप (Small Cap Funds), मिड कैप (Midcap Funds) और लार्ज कैप (Large Cap Funds) में से उसके लिए कौन सी कैटेगरी सबसे सही होगी? सवाल ये भी उठता है कि क्या इन मार्केट कैप आधारित फंड कैटेगरी पर फोकस करने की बजाय फ्लेक्सी कैप फंड्स (Flexi Cap Funds) का रुख करना बेहतर होगा, जिनके जरिये हर म्यूचुअल फंड सेगमेंट में निवेश किया जा सकता है?
स्मॉल कैप vs मिड कैप vs लार्ज कैप vs फ्लेक्सी कैप
ऊपर दिए सवालों का कोई भी एक सही जवाब नहीं हो सकता. ऐसा इसलिए क्योंकि किस निवेशक के लिए कौन सी कैटेगरी का कौन सा फंड सही है, यह उसके आर्थिक हालात, रिस्क लेने की क्षमता, निवेश की अवधि और निजी प्रिफरेंस पर भी निर्भर होता है. लेकिन एक पैरामीटर निवेशकों के मन में हमेशा रहता है. और वो पैमाना है निवेश पर मिलने वाले सालाना रिटर्न का. इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम ऊपर बताई गई चारों फंड कैटेगरी के 1 साल, 3 साल, 5 साल और 10 साल के एवरेज रिटर्न के आंकड़े यहां दे रहे हैं, ताकि आपको अपने लिए सही फैसला करने में कुछ मदद मिल सके.
Also read : Top 5 Flexi Cap Funds : 10 साल का CAGR 16 से 20%, 1 लाख रुपये बने 4 से 6 लाख, 10 हजार SIP से कितना बना फंड?
स्मॉल कैप फंड कैटेगरी का पिछला प्रदर्शन
(Small Cap Fund Category Past Performance)
1 साल का रिटर्न : 1.13%
3 साल का रिटर्न : 20.61%
5 साल का रिटर्न : 25.94%
10 साल का रिटर्न : 16.71%
मिड कैप फंड कैटेगरी का पिछला प्रदर्शन
(Mid Cap Fund Category Past Performance)
1 साल का रिटर्न : 8.03%
3 साल का रिटर्न : 22.26%
5 साल का रिटर्न : 24.00%
10 साल का रिटर्न : 16.37%
लार्ज कैप फंड कैटेगरी का पिछला प्रदर्शन
(Large Cap Fund Category Past Performance)
1 साल का रिटर्न : 9.67%
3 साल का रिटर्न : 15.17%
5 साल का रिटर्न : 17.10%
10 साल का रिटर्न : 13.34%
फ्लेक्सी कैप फंड कैटेगरी का पिछला प्रदर्शन
(Flexi Cap Fund Category Past Performance)
1 साल का रिटर्न : 6.74%
3 साल का रिटर्न : 16.36%
5 साल का रिटर्न : 17.77%
10 साल का रिटर्न : 13.73%
क्या है इन आंकड़ों का मतलब
अलग-अलग मार्केट कैप और फ्लेक्सी कैप जैसी डायवर्सिफाइड फंड कैटेगरीज के पिछले रिटर्न की आपस में तुलना करने से कई बातें साफ होती हैं.
1 साल की अवधि में शॉर्ट टर्म फंड्स का रिटर्न सबसे कम और लार्ज कैप का सबसे ज्यादा है.
इससे यह बात फिर से जाहिर होती है कि उथल-पुथल के दौरान लार्ज कैप कैटेगरी का प्रदर्शन सबसे मजबूत और स्मॉल कैप प्रदर्शन कमजोर रहने की संभावना अधिक होती है.
1 साल में सबसे बेहतर रिटर्न देने वाले लार्ज कैप कैटेगरी का रिटर्न बाकी तीनों अवधि में सबसे कम रहा है.
लार्ज कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स के कैटेगरी रिटर्न 5 साल और 10 साल में काफी एक जैसे हैं. दोनों कैटेगरी की आपस में तुलना करें तो 1 साल में लार्ज कैप और 3 साल में फ्लेक्सी कैप का रिटर्न बेहतर रहा है.
3 साल में मिड कैप कैटेगरी के रिटर्न सबसे बेहतर हैं, लेकिन स्मॉल कैप फंड्स भी उससे बहुत पीछे नहीं हैं.
5 साल के रिटर्न में स्मॉल कैप सबसे आगे है और 10 साल में भी उसे मिड कैप पर थोड़ी बढ़त हासिल है.
Also read : NFO Alert : इक्विटी, डेट, गोल्ड और सिल्वर में एक साथ निवेश का मौका, एक्सिस म्यूचुअल फंड की नई स्कीम लॉन्च
मिड कैप फंड कैटेगरी रिटर्न में सबसे बैलेंस्ड?
ऊपर दिए सभी आंकड़ों को देखें, तो मिड कैप फंड कैटेगरी ने हर अवधि में संतोषजनक रिटर्न दिए हैं. 3, 5 और 10 साल में मिड कैप फंड्स का औसत रिटर्न लार्ज कैप और फ्लेक्सी कैप कैटेगरी से काफी बेहतर है. 1 साल में भी मिड कैप कैटेगरी का रिटर्न फ्लेक्सी कैप से बेहतर और लार्ज कैप से बहुत पीछे नहीं है.
हालांकि इन सभी आंकड़ों को देखते समय यह बात भी याद रखें कि कि इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में पिछले प्रदर्शन के आगे भी जारी रहने की कोई गारंटी नहीं होती. फिर भी इनके आधार पर संभावित रिटर्न का कुछ अनुमान जरूर लगाया जा सकता है. यह भी ध्यान में रखें कि इक्विटी फंड्स में लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना ही बेहतर रहता है. म्यूचुअल फंड में निवेश (Mutual Fund Investment) से जुड़े फैसले इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही लें.
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, निवेश की सिफारिश करना नहीं. निवेश से जुड़े फैसले पूरी जानकारी हासिल करने और अपने इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेने के बाद ही करें.)
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us