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Mutual Fund Tracker : बैंकिंग एंड फाइनेंशियल फंड 1 साल से कर रहे डॉमिनेट, टॉप परफॉर्मर्स ने 18 से 24% दिए रिटर्न

Top Performing Banking Sector Funds India : पिछले 12 महीनों में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज थीम म्यूचुअल फंड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरी. इसकी वजह है बैंकों और NBFCs में तेज क्रेडिट ग्रोथ, बढ़ता मुनाफा और बेहतर एसेट क्वॉलिटी.

Top Performing Banking Sector Funds India : पिछले 12 महीनों में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज थीम म्यूचुअल फंड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरी. इसकी वजह है बैंकों और NBFCs में तेज क्रेडिट ग्रोथ, बढ़ता मुनाफा और बेहतर एसेट क्वॉलिटी.

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Sushil Tripathi
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Banking & Financial Funds Dominate, Mutual Fund Investors Bet Big on Banking Theme

Best Banking & Financial Services Funds in India : इस सेक्टर पर आधारित फंड्स ने बाकी मार्केट इंडेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है. (Freepik)

High Return  Banking Sector Mutual Funds 2025 : पिछले 12 महीनों में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज थीम म्यूचुअल फंड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरी है. इसकी वजह है बैंकों और NBFCs में तेज क्रेडिट ग्रोथ, बढ़ता मुनाफा और बेहतर होती एसेट क्वॉलिटी. इस सेक्टर (Banking Sector) पर आधारित फंड्स ने बाकी मार्केट इंडेक्स की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है. कई फंड्स ने 20% से 24% तक के शानदार रिटर्न दिए हैं. इनमें ITI बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड (23.77%), DSP बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड (23.44%) और SBI बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड (22.99%) सबसे आगे रहे, जो बेहतरीन स्टॉक चयन और लगातार सेक्टर की मजबूती को दिखाता है.

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अन्य अच्छे प्रदर्शन करने वाले फंड्स में मिरे एसेट, WhiteOak कैपिटल, टाटा और LIC MF बैंकिंग फंड्स भी शामिल हैं, जिन्होंने लगभग 20% या उससे ज्यादा रिटर्न दिया. वहीं Axis निफ्टी बैंक इंडेक्स और ICICI प्रूडेंशियल निफ्टी बैंक इंडेक्स जैसे इंडेक्स फंड्स ने भी मजबूत डबल डिजिट रिटर्न दर्ज किए. एक्टिव और पैसिव दोनों तरह की योजनाओं में मिले इन मजबूत रिटर्न से यह साफ दिखता है कि भारत का बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर कितना मजबूत और लंबी अवधि में ग्रोथ की क्षमता वाला है. यही कारण है कि यह थीम पूरे साल निवेशकों की पसंद बनी रही.

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ये हैं टॉप 15 परफॉर्मर्स 

ITI बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 23.77%
DSP बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 23.44%
SBI बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 22.99%
मिरे एसेट बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 22.07%
WhiteOak कैपिटल बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 20.45%
टाटा बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 20.27%
HDFC बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 19.87%
LIC एमएफ बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 19.59%
ABSL बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 19.22%
UTI बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 19.16%
निप्पॉन इंडिया बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 19.02%
बड़ौदा BNP पारिबा बैंकिंग और फाइन सर्विसेज फंड: 18.54%
Invesco इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड: 18.47%
सुंदरम फाइनेंशियल सर्विसेज ऑपर्च्युनिटीज फंड: 18.11%
Axis निफ्टी बैंक इंडेक्स: 18.05%

नोट : हमने म्यूचुअल फंड चुनते समय ईटीएफ, इंटरनेशनल फंड को क्राइटेरिया से बाहर रखा है. इन स्कीम का चुनाव लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप, ईएलएसएस, वैल्यू फंड, लार्ज एंड मिड कैप, फ्लेक्सी कैप और सेक्टोरल फंड से किया गया है. रिटर्न के आंकड़े वैल्यू रिसर्च के हैं. 

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बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड क्या होते हैं?

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज फंड एक प्रकार का इक्विटी म्यूचुअल फंड होता है (या कभी-कभी ETF), जो अपने पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा उन कंपनियों में निवेश करता है जो फाइनेंशियल सेक्टर में काम करती हैं. SEBI के नियमों के अनुसार, ऐसे सेक्टर-थीम्ड फंड्स को कम से कम 65% निवेश उसी सेक्टर में करना जरूरी होता है. इससे निवेशक को एक खास सेक्टर में केंद्रित निवेश का अवसर मिलता है.

ये फंड निवेशकों से पैसा कई तरह की कंपनियों में लगाते हैं, जैसे बैंक, NBFCs, इंश्योरेंस कंपनियां और बड़े समूहों (कॉनग्लोमरेट्स) की फाइनेंस सब्सिडियरीज. 

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निवेश क्यों करना चाहिए?

फाइनेंशियल सेक्टर अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. यह क्रेडिट और कैपिटल को आगे बढ़ाता है, इसलिए इसका प्रदर्शन अक्सर पूरी अर्थव्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है.

जब अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो घर, बिजनेस और उपभोक्ता लोन की मांग बढ़ती है, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों की कमाई तेजी से बढ़ती है.

ये फंड कई कंपनियों में निवेश करते हैं, इसलिए एक ही स्टॉक में सीधे निवेश करने की तुलना में जोखिम कम होता है.

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