/financial-express-hindi/media/media_files/2025/08/04/upcoming-nfo-quant-mf-specialized-investment-fund-pixabay-2025-08-04-12-31-36.jpg)
mutual fund new scheme : ये दोनों इंडेक्स ऐसे सेक्टर्स में भी एक्सपोजर देते हैं, जहां लार्ज-कैप कंपनियों की हिस्सेदारी कम होती है. Photograph: (Pixabay)
New Fund Offer : डीएसपी म्यूचुअल फंड (DSP Mutual Fund) ने आज 24 नवंबर 2025 को 4 नए पैसिव स्कीम लॉन्च किए हैं. ये न्यू फंड ऑफर (NFO) 24 नवंबर से 8 दिसंबर 2025 तक खुले रहेंगे. इनमें डीएसपी निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स फंड, डीएसपी निफ्टी मिड कैप 150 ईटीएफ, डीएसपी निफ्टी स्मॉल कैप 250 इंडेक्स फंड और डीएसपी निफ्टी स्मॉल कैप 250 ईटीएफ शामिल हैं.
DSP Nifty Midcap 150 Index Fund
DSP Nifty Midcap 150 ETF
DSP Nifty Smallcap 250 Index Fund
DSP Nifty Smallcap 250 ETF
इन स्कीमों का उद्देश्य निवेशकों को कम खर्च में, सिंपल और नियमों पर आधारित तरीके से भारत के तेजी से बढ़ते मिड कैप और स्मॉल कैप सेगमेंट में निवेश का मौका देना है. ये दोनों ही कैटेगरी भारत की सबसे बड़ी और सबसे डायनामिक कंपनियों का बड़ा हिस्सा हैं.
Nippon India Pharma Fund : पावरफुल SIP परफॉर्मेंस के 21 साल, 18%+ CAGR का ट्रैक रिकॉर्ड
Nifty Midcap 150 Index में Nifty 500 की 101वीं से 250वीं रैंक वाली कंपनियां शामिल होती हैं. वहीं Nifty Smallcap 250 Index में 251वीं से 500वीं रैंक तक की कंपनियां शामिल होती हैं.
ब्रॉडर मार्केट से बेहतर रिटर्न
पिछले आंकड़ों के अनुसार, इन दोनों इंडेक्स ने लंबे समय में ब्रॉडर मार्केट से कहीं बेहतर रिटर्न दिए हैं. 10 साल की अवधि में Nifty Midcap 150 TRI का औसत रोलिंग रिटर्न 16.2% रहा है, जोकि Nifty 500 TRI के 12.6% रिटर्न से काफी ज्यादा है (31 अक्टूबर 2025 के इंडेक्स डेटा के आधार पर).
Nifty Smallcap 250 TRI ने 10 साल के औसत रोलिंग रिटर्न में 13.5% का रिटर्न दिया है, जबकि Nifty 500 TRI का रिटर्न 12.6% रहा है.
हालांकि ये दोनों इंडेक्स ब्रॉडर मार्केट की तुलना में कभी-कभी ज्यादा गिरावट दिखा सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे निवेश की अवधि बढ़ती है, इन इंडेक्स में नुकसान न होने की संभावना काफी बढ़ जाती है.
मिड कैप वर्सेज स्मॉल कैप
ये दोनों इंडेक्स ऐसे सेक्टर्स में भी एक्सपोजर देते हैं, जहां लार्ज-कैप कंपनियों की हिस्सेदारी कम होती है. Smallcap 250 Index में खासतौर पर कैपिटल मार्केट, इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स, हेल्थकेयर इक्विपमेंट, बिल्डिंग मैटेरियल्स और टेक्सटाइल्स जैसे सेक्टर की मौजूदगी है.
इस इंडेक्स में कई ऐसे खिलाड़ी भी शामिल हैं जो अपने-अपने सेगमेंट में लीडर्स हैं, जिससे पता चलता है कि भारत की उभरती हुई लीडरशिप सिर्फ टॉप 250 कंपनियों तक सीमित नहीं है.
वहीं Midcap 150 Index स्मॉल-कैप की तुलना में ज्यादा स्थिर अर्निंग देता है और जब बाजार में ब्रॉड बेस्ड रैली आती है, तब यह इंडेक्स मार्केट में मजबूत योगदान देता है.
SIP Chart : 10 करोड़ फंड के लिए 12% CAGR पर कितनी मंथली एसआईपी जरूरी, उम्र के हिसाब से चार्ट
बिल्कुल अलग और नए तरह का एक्सपोजर
दोनों इंडेक्स का एक्टिव फंड कैटेगरी के साथ बहुत कम ओवरलैप है, जिससे निवेशकों को बिल्कुल अलग और नए तरह का एक्सपोजर मिलता है. Midcap 150 इंडेक्स का सिर्फ 32% ओवरलैप एक्टिव मिडकैप फंड्स से है, जबकि Smallcap 250 इंडेक्स का एक्टिव स्मॉलकैप फंड्स की पोर्टफोलियो से सिर्फ 18% ओवरलैप है. इस तरह का कम ओवरलैप इंडेक्स-बेस्ड निवेश को एक्टिव स्ट्रैटेजीज के साथ मिलाकर एक अच्छा, डाइवर्सिफाइड और पूरक निवेश विकल्प बनाता है.
PPF Returns : कैसे 22.50 लाख रुपये का निवेश इस स्कीम में बन जाएगा 41 लाख
DSP Mutual Fund के हेड ऑफ पैसिव इन्वेस्टमेंट्स एंड प्रोडक्ट्स, अनिल घेलेनी, CFA, ने कहा कि भारत में मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियां इनोवेशन और ग्रोथ का केंद्र हैं. हमारा रिसर्च दिखाता है कि डिसिप्लिन्ड, नियमों पर आधारित निवेश-स्टॉक चुनने के बजाय, लंबे समय तक टिके रहने वाले निवेशकों को हमेशा फायदा देता है. ये नए प्रोडक्ट्स निवेशकों को व्यापक बाजार की ग्रोथ में आसान तरीके से हिस्सा लेने का मौका देते हैं.
(नोट : पिछला प्रदर्शन भविष्य में दोहराया जाए यह जरूरी नहीं है. इसे किसी दूसरे निवेश से तुलना का आधार भी नहीं बनाना चाहिए. लार्ज कैप वे कंपनियां होती हैं, जो मार्केट कैपिटलाइजेशन में टॉप 100 में आती हैं, मिड कैप 101 से 250 रैंक तक, और स्मॉल कैप 251 और उससे नीचे की रैंक वाली कंपनिया होती हैं. ऊपर दिए गए आंकड़े इंडेक्स के प्रदर्शन को दर्शाते हैं, ये स्कीम के रिटर्न या प्रदर्शन को किसी भी तरह से नहीं दर्शाते. इंडेक्स में सीधे निवेश करना संभव नहीं होता.)
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us