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NFO Alert : सोने में बिना झंझट निवेश का मौका देता है गोल्ड ETF. (Image : Pixabay)
Gold ETF NFO Alert, Gold Investment : सोने में निवेश भारतीयों के लिए नया नहीं है, लेकिन तरीका अब तेजी से बदल रहा है. फिजिकल गोल्ड की जगह डिजिटल और एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाले विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. इसी कड़ी में द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड (The Wealth Company Mutual Fund) ने एक नया गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) लॉन्च किया है. द वेल्थ कंपनी गोल्ड ईटीएफ (The Wealth Company Gold ETF) के नाम से पेश इस स्कीम के न्यू फंड ऑफर (NFO) में सब्सक्रिप्शन मंगलवार 16 दिसंबर को खुल चुका है. अगर आप सोने में निवेश का प्लान बना रहे हैं, तो पैसा लगाने से पहले इस स्कीम से जुड़ी हर जरूरी बात जानना जरूरी है.
इस गोल्ड ETF में क्या है खास
द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड पैंटोमैथ ग्रुप (Pantomath Group) की कंपनी है, जिसने द वेल्थ कंपनी Gold ETF लॉन्च किया है. यह एक ओपन एंडेड स्कीम है, जो देश में सोने की घरेलू कीमत को ट्रैक करेगी. इस ETF का मकसद निवेशकों को सोने में निवेश का एक आधुनिक, सुरक्षित और आसान विकल्प देना है. इस NFO में निवेश 16 दिसंबर 2025 से 22 दिसंबर 2025 तक खुला रहेगा. इसके बाद यह ETF BSE और NSE दोनों एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाएगा, जिससे निवेशक इसे शेयर की तरह खरीद और बेच सकेंगे.
किस तरह के सोने में होगा निवेश
यह गोल्ड ETF मुख्य रूप से 99.5% या उससे ज्यादा प्योरिटी वाले फिजिकल गोल्ड (Physical Gold) में निवेश करेगा. यह सोना लंदन बिलियन मार्केट एसोसिएशमन (London Bullion Market Association) यानी LBMA के गुड डिलीवरी स्टैंडर्ड्स के अनुसार होगा. इसका मतलब यह है कि निवेशकों को सोने की क्वॉलिटी को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. फिजिकल गोल्ड खरीदते वक्त जहां प्योरिटी चेक करने के साथ ही मेकिंग चार्ज और स्टोरेज जैसी परेशानियां होती हैं, वहीं ETF के जरिए निवेश पूरी तरह पारदर्शी होता है और इसमें किसी किस्म का झंझट भी नहीं होता.
फिजिकल गोल्ड के मुकाबले ETF क्यों बेहतर
गोल्ड ETF की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शी कीमत और ज्यादा लिक्विडिटी है. इसकी कीमत सीधे बाजार भाव से जुड़ी होती है. फिजिकल गोल्ड की तरह इसमें लोकल प्रीमियम या मेकिंग चार्ज नहीं देना पड़ता.
ETF को आप अपने डीमैट अकाउंट में सुरक्षित रख सकते हैं. इसमें न लॉकर की जरूरत होती है और न चोरी या सुरक्षा की चिंता. जरूरत पड़ने पर इसे एक्सचेंज पर फौरन बेचा भी जा सकता है, जो फिजिकल गोल्ड में आसान नहीं होता.
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कैसा दिख रहा है सोने का भविष्य
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक अगर ब्याज दरों में नरमी के साथ-साथ जियो-पोलिटिकल टेंशन और सेफ हेवन डिमांड बनी रहे, तो सोने की कीमतों में तेजी का रुझान जारी रह सकता है. रिपोर्ट का अनुमान है कि 2026 में सोना मौजूदा स्तर से 15% से 30% तक बढ़ सकता है. इसमें गोल्ड ETF के जरिए निवेश की बड़ी भूमिका रहने की संभावना है.
प्योर गोल्ड में एक्सपोजर का मौका
द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड (The Wealth Company Mutual Fund) की संस्थापक MD और CEO मधु लुनावत का कहना है, “हम सबको यह सिखाया गया है कि सोने के गहने खरीदना एक अच्छा निवेश है. लेकिन सच यह है कि जब आप गहना खरीदते हैं, तो आप निवेश नहीं, बल्कि खरीदारी कर रहे होते हैं. आप कारीगरी और पहनने की कीमत चुका रहे होते हैं, न कि सिर्फ सोने की. अगर पोर्टफोलियो में सही मायनों में गोल्ड एक्सपोजर चाहिए, तो ज्वेलरी की तरह नहीं, निवेशक की तरह सोचें. गोल्ड ETF आपको किसी एक्स्ट्रा चार्ज और इमोशनल बोझ के बिना प्योर गोल्ड में एक्सपोजर का मौका देता है.”
वहीं, द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड (The Wealth Company Mutual Fund) के चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर (Chief Strategy Officer) देबाशीष मोहंती का कहना है कि “उतार-चढ़ाव भरे माहौल में सोना हमेशा भारतीय निवेश का मजबूत आधार रहा है. ये नया गोल्ड ETF भी लिक्विडिटी, भरोसे और सटीकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.” उन्होंने कहा कि हमारा मकसद रिटेल निवेशक से लेकर बड़े निवेशकों तक, सभी के लिए गोल्ड निवेश को आसान और प्रभावी बनाना है.
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निवेश से जुड़े रिस्क फैक्टर
यह ईटीएफ सोने की कीमतों को ट्रैक करेगा, इसलिए रिटर्न पूरी तरह गोल्ड प्राइस पर निर्भर करेगा. हालांकि, इस ईटीएफ का उद्देश्य फिजिकल गोल्ड की कीमतों में होने वाले बदलावों के हिसाब से रिटर्न देना है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है कि यह उद्देश्य पूरा हो ही जाएगा. यही वजह है कि इस न्यू फंड ऑफर (New Fund Offer) को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है.
NFO की बड़ी बातें
- स्कीम का नाम : द वेल्थ कंपनी गोल्ड ईटीएफ (The Wealth Company Gold ETF)
NFO की अवधि : 16 दिसंबर 2025 से 22 दिसंबर 2025
स्कीम का प्रकार : ओपन एंडेड, घरेलू सोने की कीमत को ट्रैक करने वाली ETF
मिनिमम इनवेस्टमेंट : NFO के दौरान 5000 रुपये, उसके बाद 1000 रुपये के मल्टीपल में
एंट्री और एग्जिट लोड : कुछ नहीं
रिस्क प्रोफाइल (Riskometer) : हाई (High)
बेंचमार्क : फिजिकल गोल्ड की घरेलू कीमत (Domestic Price of Physical Gold)
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, किसी स्कीम में निवेश की सलाह देना नहीं. निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने के बाद और सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेकर ही करें.)
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