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should I invest in infrastructure theme NFO 2025 : इस स्कीम का उद्देश्य लंबे समय में कैपिटल ग्रोथ (पूंजी में बढ़ोतरी) करना है. (Pixabay)
New Fund Offer, new infrastructure theme mutual fund NFO 2025 : अगर आप भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए निवेश करना चाहते हैं तो अच्छा मौका है. मिरे एसेट म्यूचुअल फंड (Mirae Asset Mutual Fund) ने अपना इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लॉन्च किया है. यह न्यू फंड ऑफर (NFO), निवेश के लिए 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 तक खुला रहेगा. यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर थीम पर आधारित है. यह स्कीम फिर से निवेश के लिए 8 दिसंबर, 2025 से खुलेगी.
इन एनएफओ (New Fund Offer) को थीमैटिक इंफ्रास्ट्रक्चर कैटेगरी में लॉन्च किया गया है. इसमें कम से कम 5,000 रुपये के साथ लम्प सम की शुरूआत कर सकते हैं. इसमें लॉक इन पीरियड कुछ भी नहीं है. वहीं 365 दिनों के अंदर भुनाए जाने पर 1% एग्जिट लोड है. इक्विटी कैटेगरी का होने के नाते इसे (Mirae Asset Infrastructure Fund) वेरी हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है. इसके लिए बेंचमार्क BSE India Infrastructure TRI है. इसके लिए फंड मैनेजर भारती सावंत हैं.
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फंड की विशेषताएं
यह फंड उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगा जिन्हें भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से सीधा या अप्रत्यक्ष फायदा मिलता है.
फंड को किसी भी मार्केट कैप (लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप) या निवेश शैली में निवेश करने की पूरी आजादी है.
फंड का लक्ष्य है कि सेक्टर और स्टॉक स्तर पर एक अलग और मजबूत पोर्टफोलियो बनाया जाए ताकि लंबे समय में बेहतर रिटर्न (alpha) मिल सके.
निवेश का क्या है उद्देश्य
इस स्कीम का उद्देश्य लंबे समय में कैपिटल ग्रोथ (पूंजी में बढ़ोतरी) करना है. इसके लिए फंड उन कंपनियों के शेयरों और इक्विटी से जुड़े विकल्पों में निवेश करेगा, जो भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं या भविष्य में इस सेक्टर की बढ़त से लाभ कमा सकती हैं. हालांकि यह जरूरी नहीं है कि स्कीम का निवेश उद्देश्य हमेशा पूरा ही हो.
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किसे करना चाहिए निवेश?
वे निवेशक जो अपने सैटेलाइट पोर्टफोलियो में इंफ्रास्ट्रक्चर थीम का फोकस्ड एक्सपोजर चाहते हैं.
वे निवेशक जिनकी रिस्क लेने की क्षमता अधिक है और जो ज्यादा रिटर्न पाने के लिए उतार-चढ़ाव से परेशान नहीं होते.
वे निवेशक जिनका लक्ष्य कम से कम 5 से 7 साल या फिर उससे अधिक हो, खासकर अगर वे SIP या STP जैसी नियमित निवेश विधियों का उपयोग कर रहे हों.
महत्वपूर्ण नोट : ऊपर बताई गई निवेश रणनीति समय-समय पर बदल सकती है, बिना किसी पहले से दिए गए नोटिस के. यह रणनीति हमेशा स्कीम इन्फॉर्मेशन डॉक्यूमेंट (SID) में दिए गए नियमों के अनुसार ही होगी. मार्केट कैपिटलाइजेशन से जुड़े SID के नियम हमेशा लागू रहेंगे.
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े रिस्क फैक्टर
इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स सेक्टोरल म्यूचुअल फंड होते हैं, जो खास तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर फोकस करते हैं. अगर किसी वजह से इस सेक्टर में ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ जाए, घरेलू या अंतरराष्ट्रीय माहौल में हुए किसी बदलाव का निगेटिव असर इस सेक्टर पर पड़े, तो इस सेक्टर से जुड़े फंड्स के प्रदर्शन पर भी उसका असर पड़ सकता है.
एक ही सेक्टर के स्टॉक्स पर फोकस करने वाले सेक्टोरल फंड होने की वजह से इन फंड्स में वोलैटिलिटी की आशंका भी ज्यादा होती है. इन तमाम कारणों को ध्यान में रखते हुए ही इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स को रिस्कोमीटर पर वेरी हाई रिस्क रेटिंग दी गई है.
(डिस्क्लेमर: इस लेख का मकसद सिर्फ जानकारी देना है, निवेश की सलाह देना नहीं. किसी भी इक्विटी फंड के पिछले रिटर्न को भविष्य में वैसा ही रिटर्न मिलने की गारंटी नहीं माना जा सकता. निवेश से जुड़े फैसले अपने निवेश सलाहकार की राय लेकर ही करें.)
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