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Groww Nifty Metal ETF NFO : मेटल सेक्टर की तेजी से फायदा उठाने का नया मौका (AI Generated Image)
NFO Review: Groww Nifty Metal ETF : भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग की तेज रफ्तार ने मेटल सेक्टर को नई उड़ान दी है. इसी तेजी को पकड़ने का मौका अब निवेशकों को एक नए ETF के जरिए मिल रहा है. ग्रो म्यूचुअल फंड (Groww Mutual Fund) ने अपना नया मेटल एक्सचेंज ट्रेडेड फंड लॉन्च किया है. इस नए फंड ऑफर (New Fund Offer) में सब्सक्रिप्शन 17 दिसंबर 2025 तक खुला हुआ है. ग्रो निफ्टी मेटल ईटीएफ (Groww Nifty Metal ETF) के नाम से लॉन्च यह स्कीम निफ्टी मेटल इंडेक्स (Nifty Metal Index) को ट्रैक करेगी. खास बात ये है कि इस इंडेक्स ने पिछले 1, 3, 5 और 10 साल की अवधि के दौरान निफ्टी 50 (Nifty 50 TRI) से बेहतर रिटर्न दिया है.
भारत की मेटल ग्रोथ स्टोरी और इंडेक्स का प्रदर्शन
भारत का लक्ष्य 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है. ऐसे में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन-एनर्जी प्रोजेक्ट्स में बड़े स्तर पर हो रहे निवेश के कारण मेटल की मांग तेजी से बढ़ रही है.
यही वजह है कि निफ्टी मेटल इंडेक्स ने पिछले कई वर्षों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है. इस इंडेक्स ने 1 साल में 16.46% का रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में Nifty 50 TRI का रिटर्न 11.85% रहा. इसी तरह 3, 5 और 10 साल की अवधि में भी मेटल इंडेक्स का प्रदर्शन लगातार Nifty 50 TRI से बेहतर रहा है. Nifty Metal Index का 10 साल का CAGR 22.20% रहा है, जबकि Nifty 50 TRI का CAGR इस दौरान 14.24% ही है.
अवधि | CAGR : NIFTY METAL - TRI | CAGR : NIFTY 50 - TRI |
1 साल | 16.46% | 11.85% |
3 साल | 17.91% | 13.56% |
5 साल | 32.01% | 16.27% |
10 साल | 22.20% | 14.24% |
(Source: NSE, Nov 18, 2025)
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि भारत दुनिया के बड़े मेटल प्रोड्यूसर देशों में गिना जाता है. क्रूड स्टील (Crude Steel) और एल्युमिनियम (Aluminium) में भारत दूसरे नंबर पर है, जबकि आयरन ओर (Iron Ore) में हमारा नंबर चौथा और लाइम (Lime) प्रोडक्शन में तीसरा है. उत्पादन के ये आंकड़े मेटल सेक्टर (Metal Sector) की मजबूती और भविष्य की संभावनाएं दोनों दिखाते हैं.
सरकार की नीतियों से फायदा मिलने की उम्मीद
भारत सरकार के कई बड़े फैसलों से भी मेटल सेक्टर को मजबूती मिलने की उम्मीद की जा सकती है. मिसाल के तौर पर :
PLI स्कीम फॉर स्पेशियलिटी स्टील के तहत 29,500 करोड़ रुपये की योजना FY28 तक 25 MT क्षमता जोड़ने में मदद करेगी.
National Critical Mineral Mission जैसे कदम EV और क्लीन-एनर्जी सेक्टर के लिए जरूरी मिनरल्स की सप्लाई को मजबूत करेंगे.
100% FDI की इजाजत और ऑफशोर मिनरल्स बिल जैसे सुधार इस सेक्टर के विस्तार को सपोर्ट करने वाले हैं.
इन नीतियों से लंबी अवधि में मेटल कंपनियों को फायदा होगा, जिसका लाभ मेटल ETF को भी मिलेगा.
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NFO में कौन-कौन सी कंपनियां होंगी शामिल?
Groww Nifty Metal ETF के NFO के जरिये जुटाए गए फंड को ठीक उसी रेशियो में मेटल स्टॉक्स (Metal Stocks) में निवेश किया जाएगा, जिस अनुपात में उन्हें Nifty Metal Index में जगह मिली हुई है या आगे चलकर मिलेगी. इस इंडेक्स में फिलहाल टाटा स्टील, हिंडाल्को, JSW स्टील, वेदांता, अडाणी एंटरप्राइजेज, जिंदल स्टील जैसी बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स शामिल हैं. ETF होने की वजह से इस स्कीम में निवेश बेहद ट्रांसपेरेंट तरीके से होगा और निवेश का खर्च (Expense Ratio) भी बेहद कम होगा.
निफ्टी मेटल इंडेक्स (NiFty Metal Index) में शामिल टॉप 10 शेयर
कंपनी का नाम | वेटेज (%) |
TATA STEEL LTD. | 18.82 |
HINDALCO INDUSTRIES LTD. | 15.85 |
JSW STEEL LTD. | 14.76 |
VEDANTA LTD. | 12.39 |
ADANI ENTERPRISES LTD. | 7.91 |
JINDAL STEEL LTD. | 5.22 |
APL APOLLO TUBES LTD. | 4.27 |
NMDC LTD. | 3.57 |
JINDAL STAINLESS LTD. | 3.31 |
NATIONAL ALUMINIUM CO. LTD. | 3.23 |
(सोर्स: NSE, 2 दिसंबर, 2025)
फंड मैनेजर और निवेश रणनीति
इस ETF को ग्रो एएमसी (Groww AMC) के फंड मैनेजर - निखिल साटम, आकाश चौहान और शशि कुमार मैनेज करेंगे. इसके साथ ही स्टॉक्स सेलेक्शन के लिए Groww की स्पियरटेक (SPEARTech) हाई-फ्रिक्वेंसी रीबैलेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा. फंड हाउस का कहना है कि इस तकनीक से स्कीम का ट्रैकिंग एरर कम रखने में मदद मिलेगी.
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किन निवेशकों के लिए सही है यह विकल्प?
Groww Nifty Metal ETF खास तौर पर उन निवेशकों के लिए सही ऑप्शन हो सकता है, जो मेटल सेक्टर की लॉन्ग टर्म ग्रोथ में भरोसा रखते हैं. ऐसे निवेशक इसमें पैसे लगाने पर विचार कर सकते हैं, जो:
मेटल सेक्टर की थीम में लंबी अवधि का एक्सपोजर रखना चाहते हैं.
Nifty Metal Index की ऐतिहासिक आउटपरफॉर्मेंस को कैप्चर करना चाहते हैं.
कम लागत और ट्रांसपेरेंट पोर्टफोलियो वाले ETF में निवेश करना चाहते हैं.
कम से कम 5 साल या उससे ज्यादा समय के लिए निवेश कर सकते हैं.
हालांकि एक सेक्टोरल फंड होने की वजह से इसमें हाई वोलैटिलिटी रहने की संभावना रहेगी. रिस्कोमीटर पर इस स्कीम को बहुत ज्यादा रिस्क (Very High Risk) की रेटिंग दी गई है. इसलिए इसमें उन्हीं लोगों को निवेश करना चाहिए, जिनमें ज्यादा रिस्क लेने की क्षमता है.
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NFO की बड़ी बातें (NFO Highlights)
NFO की अवधि : 3 दिसंबर से 17 दिसंबर 2025
मिनिमम इनवेस्टमेंट : 500 रुपये
एग्जिट लोड : कुछ नहीं
बेंचमार्क : Nifty Metal TRI
निवेश का तरीका : पूरी तरह पैसिव, रूल बेस्ड
थीम : Metals and Mining Sector ETF
रिस्क लेवल : बहुत अधिक (Very High)
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, किसी स्कीम में निवेश की सलाह देना नहीं. निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने के बाद और सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेकर ही करें.)
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