/financial-express-hindi/media/media_files/2025/06/13/VoivQ378E2cvckSl02bv.jpg)
NPS new rules for govt employees : नए नियमों से सरकारी कर्मचारियों को क्या मिली राहत. (AI Generated Image)
NPS New Rules for Govt Employees : सरकारी कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) यानी NPS से जुड़े नियमों में सरकार ने अहम बदलाव किए हैं. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने हाल ही में इन संशोधित नियमों को नोटिफाई किया है. नए नियमों का मकसद रिटायरमेंट के समय पैसे निकालने की प्रॉसेस को आसान बनाना, छोटे कॉर्पस वाले कर्मचारियों को राहत देना और एग्जिट ऑप्शन को ज्यादा क्लियर बनाना है. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब 8 लाख रुपये तक के NPS कॉर्पस पर पूरा पैसा निकालने की छूट मिल गई है. इससे सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट प्लानिंग पर सीधा असर पड़ेगा.
8 लाख तक के NPS कॉर्पस से पूरे पैसे निकालने की छूट
अब तक सरकारी कर्मचारी (Government Employees) रिटायरमेंट के समय तभी पूरा NPS पैसा निकाल सकते थे, जब उनका कुल कॉर्पस 5 लाख रुपये या उससे कम हो. नए नियमों (NPS Rules) में यह सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है. यानी अगर किसी कर्मचारी का रिटायरमेंट के समय NPS में जमा पैसे 8 लाख रुपये या उससे कम हैं, तो वह पूरी रकम एक साथ निकाल सकता है. ऐसे मामलों में एन्युटी खरीदना जरूरी नहीं होगा. यह बदलाव खासतौर पर उन कर्मचारियों को राहत देगा, जिनकी सैलरी कम या मीडियम लेवल पर है और जिनका कॉर्पस सीमित रहता है.
8 से 12 लाख रुपये के बीच नया स्लैब
नए नियमों में एक नया मिडिल स्लैब जोड़ा गया है. अगर किसी सरकारी कर्मचारी का NPS कॉर्पस 8 लाख रुपये से ज्यादा और 12 लाख रुपये तक है, तो वह अधिकतम 6 लाख रुपये तक की रकम एकमुश्त निकाल सकता है. बाकी रकम को एन्युटी या सिस्टमेटिक विदड्रॉल ऑप्शन में लगाना होगा.
12 लाख रुपये से बड़े कॉर्पस पर 40% एन्युटी जरूरी
जिन सरकारी कर्मचारियों का NPS कॉर्पस 12 लाख रुपये से ज्यादा है, उनके लिए एन्युटी (Annuity) खरीदने की अनिवार्यता पहले की तरह बनी रहेगी. आमतौर पर रिटायरमेंट के समय कम से कम 40 प्रतिशत रकम से एन्युटी खरीदनी होगी, जबकि बाकी 60 प्रतिशत रकम एकमुश्त या किस्तों में निकाली जा सकती है. हालांकि नियम में ढील नहीं दी गई है, लेकिन फुल विदड्रॉल की सीमा बढ़कर 8 लाख रुपये तक होने से छोटे कॉर्पस वालों को मजबूरी में एन्युटी लेने से छुटकारा मिल गया है.
Also read : SIR Update : 5 राज्यों और UT में 1.02 करोड़ नाम हटे, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 7.6% घटी मतदाताओं की तादाद
85 साल तक NPS में बने रहने का ऑप्शन
सरकारी कर्मचारी अब चाहें तो रिटायरमेंट के बाद NPS से पूरे पैसे निकालने की जगह 85 साल की उम्र तक निवेश बनाए रख सकते हैं. इस दौरान पैसा बाजार से जुड़े रिटर्न देता रहेगा. यह ऑप्शन उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें फौरन पैसों की जरूरत नहीं है और जो लंबे समय तक निवेश बनाए रखकर रिटर्न लेना चाहते हैं.
इस्तीफा, बर्खास्तगी और असमय रिटायरमेंट के नियम
इस्तीफा देने, सेवा से हटाए जाने या स्वास्थ्य कारणों से समय से पहले रिटायरमेंट की स्थिति में आमतौर पर 80 प्रतिशत तक रकम एन्युटी में लगानी होगी, बशर्ते कॉर्पस बताई गई लिमिट में हो.
कर्मचारी का निधन होने पर परिवार को क्या मिलेगा
अगर किसी सरकारी कर्मचारी का निधन रिटायरमेंट से पहले हो जाता है, तो कॉर्पस के आकार के हिसाब से नियम लागू होंगे. छोटे कॉर्पस में नॉमिनी को पूरा पैसा मिल सकता है. लेकिन बड़े कॉर्पस में परिवार के लिए एन्युटी लेना जरूरी होगा, ताकि जीवनसाथी और आश्रितों को रेगुलर इनकम रहे.
Also read : 5 साल में 1 लाख को 3.3 लाख बनाने वाली स्कीम, 211 % का एब्सोल्यूट रिटर्न, AUM में भी कैटेगरी टॉपर
लापता कर्मचारी के परिवार को अंतरिम राहत
पहली बार नियमों में यह साफ किया गया है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी लापता हो जाता है और उसे मृतक मानने की प्रॉसेस चल रही है, तो परिवार को NPS कॉर्पस का 20 प्रतिशत हिस्सा अंतरिम राहत के तौर पर दिया जा सकता है. बाकी रकम कानूनी प्रॉसेस पूरी होने के बाद नियमों के मुताबिक दी जाएगी.
सर्विस के दौरान पार्शियल विदड्रॉल और लोन
सरकारी कर्मचारी सेवा के दौरान अपनी जमा की गई रकम का 25 प्रतिशत तक, अधिकतम चार बार, आंशिक रूप से निकाल सकते हैं. इसके अलावा अब NPS अकाउंट पर लोन लेने के लिए औपचारिक तौर पर लियन मार्क करने की इजाजत भी दे दी गई है. कुल मिलाकर NPS नियमों में हुए ताजा बदलावों में सरकारी कर्मचारियों को प्राइवेट निवेशकों जितनी छूट तो नहीं मिली है, लेकिन उन्हें कुछ राहत जरूर दी गई.
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us