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NPS, UPS Big Update : एनपीएस, यूपीएस में मिलेंगे 2 नए ऑप्शन, सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहतर होगी रिटायरमेंट प्लानिंग

NPS new investment options, PFRDA new rules : सरकारी कर्मचारियों के लिए PFRDA ने दो नए ऑटो च्वायस विकल्प लॉन्च किए हैं. NPS और UPS में अब उन्हें 6 इनवेस्टमेंट ऑप्शन मिलेंगे.

NPS new investment options, PFRDA new rules : सरकारी कर्मचारियों के लिए PFRDA ने दो नए ऑटो च्वायस विकल्प लॉन्च किए हैं. NPS और UPS में अब उन्हें 6 इनवेस्टमेंट ऑप्शन मिलेंगे.

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FE Hindi Desk
New Update
NPS UPS New Auto Choice Options for Central Govt Employees – PFRDA Update

PFRDA New Rules : NPS और UPS सब्सक्राइबर्स को मिलेंगे निवेश के दो नए Auto Choice ऑप्शन. (Image : Freepik)

NPS new investment options, UPS auto choice update, PFRDA latest circular : सरकारी कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग को आसान और ज्यादा लचीला बनाने के लिए पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने एक बड़ा बदलाव किया है. अब नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) यानी NPS और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) यानी UPS के सब्सक्राइबर्स को दो नए ऑटो च्वायस (Auto Choice) ऑप्शन मिलेंगे. इससे उनके पास अब कुल मिलाकर 6 इनवेस्टमेंट ऑप्शन हो जाएंगे. इसका मतलब है कि अब कर्मचारी अपने रिस्क प्रोफाइल और पसंद के हिसाब से निवेश की ज्यादा सटीक स्ट्रैटजी सेलेक्ट कर पाएंगे. 

PFRDA ने क्या बदला?

PFRDA ने जानकारी दी है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए अब कुल 6 निवेश विकल्प उपलब्ध होंगे. पहले ये संख्या केवल 4 थी. दो नए ऑटो च्वायस लाइफ साइकल (Auto Choice Life Cycle) ऑप्शन जोड़कर इसे 6 कर दिया गया है. ये दोनों विकल्प उन निवेशकों को मिलेंगे, जो लंबी अवधि में अधिक रिटर्न पाने के लिए थोड़ा ज्यादा रिस्क लेने को तैयार हैं. 

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दो नए विकल्प इस प्रकार हैं:

  1. Auto Choice – Life Cycle 75 – High (15E/55Y)

  2. Auto Choice – Life Cycle – Aggressive (35E/55Y)

इन ऑप्शन्स से सब्सक्राइबर्स को ज्यादा इक्विटी एक्सपोजर (equity exposure) के जरिये ग्रोथ और वेल्थ क्रिएशन (wealth creation) का बेहतर मौका मिलेगा.

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पहले से मौजूद 4 ऑप्शन

NPS और UPS में अब तक सरकारी कर्मचारियों के लिए 4 विकल्प उपलब्ध रहे हैं. ये विकल्प अलग-अलग प्रकार के निवेशकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. जिनमें कम रिस्क लेने वाले, मॉडरेट रिस्क लेने वाले और कुछ अधिक रिस्क लेने वाले निवेशक शामिल हैं.

1. डिफॉल्ट स्कीम (Default Scheme)

यह पहले से तय एसेट एलोकेशन वाला विकल्प है, जिसमें तीन पेंशन फंड निवेश को मैनेज करते हैं. इसे सब्सक्राइबर्स के लिए डिफॉल्ट या स्टैंडर्ड विकल्प माना जाता है. (default NPS scheme for govt employees)

2. एक्टिव च्वायस - 100% G-Sec

एक्टिव च्वायस (Active Choice) के इस ऑप्शन में पूरा निवेश सरकारी बॉन्ड (Government Securities) में होता है. इस विकल्प (NPS 100 percent G-sec option) को सबसे सुरक्षित माना जाता है. 

3. ऑटो च्वायस – लाइफ साइकल 25 

ऑटो च्वायस - लाइफ साइकल 25 (Auto Choice – Life Cycle 25 – Low (5E/55Y) ऑप्शन में इक्विटी एक्सपोजर 35 साल की उम्र तक 25% रहता है और 55 साल तक धीरे-धीरे 5% तक आ जाता है. यह उन लोगों के लिए सही है जो जोखिम कम रखना चाहते हैं. (low-risk NPS auto choice)

4. ऑटो च्वायस – लाइफ साइकल 50 

ऑटो च्वायस – लाइफ साइकल 50 (Auto Choice – Life Cycle 50 – Moderate (10E/55Y) ऑप्शन में 35 साल की उम्र तक इक्विटी एक्सपोजर 50% रहता है और बाद में 10% तक कम किया जाता है. यह जोखिम और रिटर्न का बैलेंस चाहने वालों के लिए बनाया गया है. (moderate risk NPS life cycle option)

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अब जुड़े दो नए Auto Choice विकल्प

(new NPS aggressive options, high equity exposure NPS plan)

1. ऑटो च्वायस – लाइफ साइकल 75

ऑटो च्वायस – लाइफ साइकल 75 (Auto Choice – Life Cycle 75 - High) ऑप्शन में 35 साल की उम्र तक इक्विटी एक्सपोजर 75% रहता है. यानी शुरुआत में रिटर्न तेज़ी से बढ़ने का अवसर ज्यादा मिलता है. 55 साल तक यह एक्सपोजर 15% रह जाता है. यह विकल्प उन निवेशकों के लिए बेहतर है, जो मार्केट के उतार-चढ़ाव को समझते हैं और लंबे समय में ज्यादा रिटर्न चाहते हैं. (NPS high equity option for young employees)

2. ऑटो च्वायस – लाइफ साइकल - एग्रेसिव

ऑटो च्वायस – लाइफ साइकल - एग्रेसिव (Auto Choice – Life Cycle – Aggressive) ऑप्शन में 45 साल की उम्र तक इक्विटी एलोकेशन (equity allocation) 50% रहता है और धीरे-धीरे 55 साल की उम्र तक 35% हो जाता है. इसका इक्विटी फ्लोर पहले वाले विकल्पों से ज्यादा है, इसलिए यह उन कर्मचारियों के लिए है जो करियर के बीच में भी ग्रोथ-ओरिएंटेड पोर्टफोलियो रखना चाहते हैं. (aggressive NPS investment plan for central govt employees)

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विकल्प चुनने से पहले क्या ध्यान रखें?

जो भी सब्सक्राइबर डिफॉल्ट स्कीम के अलावा दूसरे विकल्प चुनना चाहते हैं, उन्हें दो चीजें करनी होंगी:

  1. 5 में से कोई एक निवेश विकल्प सेलेक्ट करना होगा.

  2. PFRDA के 10 रजिस्टर्ड पेंशन फंड्स में से एक फंड को चुनना होगा.

रेगुलेटर का सुझाव है कि बदलाव करने से पहले सब्सक्राइबर्स को पेंशन फंड की रेटिंग, ऐतिहासिक रिटर्न, और मैनेजमेंट परफॉर्मेंस जरूर देखना चाहिए.इसके लिए वे NPS ट्रस्ट की वेबसाइट पर मौजूद आंकड़े (Scheme-wise, Fund-wise Data) देख सकते हैं.

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सरकारी कर्मचारियों के लिए एसेट अलोकेशन की सीमा

PFRDA के नियमों के अनुसार सरकारी कर्मचारियों के लिए एसेट अलोकेशन की सीमा इस प्रकार है (NPS asset allocation limits for central government employees):

  • सरकारी सिक्योरिटीज : मैक्सिमम 65%

  • डेट इंस्ट्रूमेंट्स (Debt Instruments): मैक्सिमम 45%

  • शॉर्ट टर्म डेट (Short-term Debt) : मैक्सिमम 10%

  • इक्विटी (Equity) : मैक्सिमम 25%

  • एसेट आधारित, ट्रस्ट और अन्य (Asset-backed/Trust/Miscellaneous) : मैक्सिमम 5%

कोई भी निवेश इन लिमिट्स के भीतर ही किया जाता है, ताकि रिस्क कंट्रोल में रहे और रिटर्न में स्टेबिलिटी मिले. यह हमेशा ध्यान में रखें कि एनपीएस और यूपीएस मार्केट आधारित रिटर्न देने वाली योजनाएं हैं, जिनमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती. लेकिन सरकार की निगरानी में संचालित होने की वजह से इन योजनाओं में एक्सपेंस रेशियो कम रहता है और लंबी अवधि में तुलनात्मक रूप से स्टेबल रिटर्न मिलने की गुंजाइश रहती है. 

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