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Best age to start SIP : कंपाउंडिंग की ताकत सही में जादू की तरह काम करती है, लेकिन सिर्फ उनके लिए जो इसे समय देते हैं. Photograph: (Freepik)
Difference between early vs late SIP investing : सबसे बड़ी गलती निवेश में गलत म्यूचुअल फंड चुनना नहीं है, बल्कि देर से निवेश शुरू करना है. पैसे बनाने की इस दौड़ में आपका सबसे बड़ा टूल है समय. आज के युवा 18 साल में पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी बनवा लेते हैं, जल्दी नौकरी शुरू कर देते हैं और काफी जागरूक भी होते हैं, लेकिन फिर भी एक सबसे जरूरी कदम टाल देते हैं या देरी करते हैं. ये है जल्दी निवेश शुरू करना और कंपाउंडिंग (Magic of Compounding) का फायदा उठाना.
शुरुआत में यह देरी छोटी लगती है, लेकिन आने वाले समय में यह आपको लाखों, यहां तक कि करोड़ों का नुकसान कर सकती है.
कंपाउंडिंग की ताकत सही में जादू की तरह काम करती है, लेकिन सिर्फ उनके लिए जो इसे समय देते हैं. अगर आप जल्दी SIP शुरू करते हैं, तो आपके पैसों को बढ़ने और फिर उस बढ़े हुए पैसे पर और कमाई करने के लिए ज़्यादा समय मिलता है. एक ही योजना और एक जितनी ही कुल निवेश राशि होने पर भी, जो व्यक्ति 30 साल की उम्र में शुरू करता है, वह 35 या 40 की उम्र में शुरू करने वाले से 2 से 3 गुना ज्यादा पैसा बना सकता है.
इस आर्टिकल में हम तीन निवेशकों की तुलना करेंगे. स्कीम एक ही है, तरीका एक ही है, लेकिन निवेश शुरू करने की उम्र अलग है. नतीजे आपको चौंका देंगे और साबित करेंगे कि हर साल नहीं, हर महीना भी महत्वपूर्ण है. अगर आप चाहते हैं कि रिटायरमेंट टेंशन-फ्री हो और सच्ची वित्तीय आज़ादी मिले, तो रास्ता सरल है: जल्दी शुरू करें, नियमित निवेश करें और कंपाउंडिंग को अपना काम करने दें.
30, 35 और 40 साल में निवेश शुरू
पहले केस में रिटायरमेंट फंड के लिए मिस्टर एक्स ने 30 साल की उम्र से फाइनेंशियल प्लानिंग शुरू किया, जबकि दूसरे केस में मिस्टर वाई ने 35 की उम्र और तीसरे केस में मिस्टर जेड ने 40 की उम्र से निवेश करना शुरू किया. तीनों ने एक ही म्यूचुअल फंड स्कीम में एसआईपी शुरू किया. एक के पास निवेश के लिए 30 साल, दूसरे के पास 25 साल और तीसरे के पास 20 साल है.
एक्स ने हर महीने 5 हजार रुपये की एसआईपी की तो 30 साल में उसका कुल निवेश 18 लाख हुआ.
वाई ने 25 साल में 18 लाख निवेश करने के लिए 6 हजार रुपये की एसआईपी की.
जेड को 20 साल में 18 लाख निवेश करने के लिए 7500 रुपये की एसआईपी करनी पड़ी.
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केस-1 : 30 साल का निवेश लक्ष्य
मंथली SIP: 5000 रुपये
अवधि: 30 साल
कुल निवेश: 18 लाख रुपये
30 साल बाद फंड: 1,76,49,569 रुपये (1.8 करोड़)
फायदा: 1,58,49,569 रुपये (1.6 करोड़)
केस-2 : 25 साल का लक्ष्य
मंथली SIP: 6000 रुपये
अवधि: 25 साल
कुल निवेश: 18 लाख रुपये
30 साल बाद फंड: 1,13,85,811 रुपये (1.1 करोड़)
फायदा: 95,85,811 रुपये (95.9 लाख)
केस-3 : 20 साल का लक्ष्य
मंथली SIP: 7500 रुपये
अवधि: 20 साल
कुल निवेश: 18 लाख रुपये
30 साल बाद फंड: 74,93,609 रुपये (74.9 लाख)
फायदा: 56,93,609 रुपये (56.9 लाख)
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रिजल्ट क्या हासिल हुआ : यहां साफ है कि 30 साल में एसआईपी शुरू करने वाले मिस्टर एक्स को 18 लाख के निवेश पर करीब 1.8 करोड़ का फंड (Power of Compounding) मिला. वहीं मिस्टर वाई को 18 लाख ही निवेश करने पर 25 साल में 1.1 करोड़ का फंड हासिल हुआ. जबकि मिस्टर जेड ने 18 लाख लगाए, लेकिन मिला सिर्फ 56.9 लाख रुपये.
अगर मंथली SIP एक समान हो
उम्र : 30 साल
हर महीने SIP: 5000 रुपये
निवेश की अवधि: 30 साल
अनुमानित रिटर्न: 12% सालाना
कुल निवेश: 18 लाख रुपये
SIP की वैल्यू: 1.8 करोड़ रुपये
फायदा: 1.6 करोड़
उम्र : 35 साल
हर महीने SIP: 5000 रुपये
निवेश की अवधि: 25 साल
अनुमानित रिटर्न: 12% सालाना
कुल निवेश: 15 लाख रुपये
SIP की वैल्यू: 94.9 लाख रुपये
फायदा: 79.9 लाख रुपये
उम्र : 40 साल
हर महीने SIP: 5000 रुपये
निवेश की अवधि: 20 साल
अनुमानित रिटर्न: 12% सालाना
कुल निवेश: 12 लाख रुपये
SIP की वैल्यू: 50 लाख रुपये
फायदा: 38 लाख रुपये
यहां साफ है कि अगर अलग अलग उम्र में एक समान रकम से एसआईपी करते हैं तो 5 साल की देरी में फायदा आधा और 10 साल की देरी में फायदे में करीब 5 गुने की कमी आएगी.
(Note : यह आर्टिकल हमने सिर्फ जानकारी के लिए दिया है, जो कैलकुलेशन के बेस पर है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश के पहले अपने स्तर पर एडवाइजर से सलाह लें.)
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