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OPS : ओल्ड पेंशन स्कीम फिर से लागू होगी? इस सवाल पर मोदी सरकार ने संसद में क्या दिया जवाब

Old Pension Scheme : ओल्ड पेंशन स्कीम फिर से लागू होगी या नहीं, संसद में पूछे गए इस सवाल का सरकार ने जवाब दिया है, साथ ही NPS और UPS के बारे में भी स्थिति साफ की है.

Old Pension Scheme : ओल्ड पेंशन स्कीम फिर से लागू होगी या नहीं, संसद में पूछे गए इस सवाल का सरकार ने जवाब दिया है, साथ ही NPS और UPS के बारे में भी स्थिति साफ की है.

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FE Hindi Desk
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Old Pension Scheme OPS NPS UPS government clarification in Parliament

OPS को फिर से लागू करने के बारे में मोदी सरकार ने संसद में साफ किया अपना रुख. (Image : Pixabay)

Old Pension Scheme : देश के सरकारी कर्मचारियों के बीच पुरानी पेंशन योजना यानी ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है. बड़ी संख्या में कर्मचारी चाहते हैं कि केंद्र सरकार भी OPS को दोबारा लागू करे. राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब, झारखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने पहले ही OPS बहाल कर दी है. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी था कि क्या केंद्र सरकार भी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) को हटाकर OPS वापस लाने पर विचार कर रही है.

यही सवाल संसद में वित्त मंत्रालय से भी पूछा गया. इस पर सरकार ने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है.

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OPS, NPS और UPS में क्या है फर्क

ओल्ड पेंशन स्कीम भारत की सबसे पुरानी पेंशन व्यवस्था रही है. इसमें रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को तय पेंशन मिलती थी, जिसे हर वेतन आयोग के साथ बढ़ाया जाता था. सरकार को इसकी पूरी जिम्मेदारी उठानी होती थी.

1 जनवरी 2004 से केंद्र सरकार ने OPS को खत्म कर नेशनल पेंशन सिस्टम लागू किया. NPS एक डिफाइंड कन्ट्रीब्यूशन स्कीम है, जिसमें कर्मचारी और सरकार दोनों योगदान करते हैं और रिटायरमेंट के समय मिलने वाली रकम बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है.

इसके बाद केंद्र सरकार ने यूनिफाइड पेंशन सिस्टम यानी UPS पेश किया, जिसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया गया. UPS में OPS और NPS दोनों की कुछ खूबियों को जोड़ा गया है. इसमें कम से कम 10 साल की सर्विस पर 10,000 रुपये महीने की गारंटीड पेंशन का प्रावधान है. NPS में शामिल कर्मचारियों को UPS में आने और फिर वापस NPS में लौटने का विकल्प भी दिया गया था, जिसकी आखिरी तारीख 30 नवंबर 2025 थी.

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OPS की वापसी पर सरकार का जवाब

संसद के शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) के दौरान लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने साफ कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम को दोबारा लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है. उन्होंने कहा कि जो केंद्रीय कर्मचारी NPS या UPS के दायरे में आते हैं, उनके लिए OPS की बहाली पर विचार नहीं किया जा रहा है.

इस बारे में सवाल कई सांसदों ने पूछे थे, जिनमें एंटो एंटनी, अमरा राम, उत्कर्ष वर्मा मधुर और इमरान मसूद शामिल हैं. वित्त मंत्रालय के जवाब से साफ हो गया कि मोदी सरकार फिलहाल OPS को फिर से लागू करने पर विचार नहीं कर रही है.

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OPS लागू करने वाले राज्यों को NPS फंड वापस मिलेगा?

सांसदों ने यह सवाल भी उठाया कि जिन राज्यों ने OPS दोबारा लागू कर दी है, क्या उन्हें NPS के तहत जमा पैसा वापस मिलेगा. इस पर वित्त मंत्रालय ने साफ किया कि मौजूदा नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.

पंकज चौधरी ने बताया कि PFRDA कानून और उससे जुड़े नियमों के तहत NPS में जमा कर्मचारी और सरकार का योगदान, साथ ही उस पर मिलने वाला रिटर्न, राज्य सरकारों को वापस नहीं किया जा सकता. यानी OPS बहाल करने वाले राज्यों को केंद्र के पास जमा NPS फंड नहीं मिलेगा.

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UPS को लेकर उठे सवालों पर क्या बोली सरकार

UPS को लेकर यह सवाल भी पूछा गया कि क्या इसमें कर्मचारियों की सैलरी से कटने वाला योगदान रिटायरमेंट पर वापस नहीं मिलेगा. सरकार ने माना कि UPS शुरू होने के बाद सैलरी से कटे योगदान को सीधे लौटाने का प्रावधान नहीं है.

हालांकि, नियमों के मुताबिक UPS में शामिल कर्मचारी या उनके जीवनसाथी को रिटायरमेंट के समय कुल कॉर्पस का 60 प्रतिशत तक निकालने का विकल्प मिलेगा. लेकिन ऐसा करने पर उन्हें मिलने वाली मंथली पेंशन में कटौती होगी.

UPS की प्रमुख खूबियां क्या हैं

UPS के तहत 25 साल की सर्विस पूरी करने वाले कर्मचारी को आखिरी 12 महीनों के औसत बेसिक वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के तौर पर मिलेगा. कम सर्विस अवधि होने पर यह पेंशन अनुपात में तय की जाएगी, लेकिन मिनिमम सर्विस 10 साल जरूरी है.

इसके अलावा, कर्मचारी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को 60 प्रतिशत फैमिली पेंशन मिलेगी. UPS में महंगाई राहत का भी प्रावधान है, जो ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर तय होगी. रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी के अलावा एकमुश्त भुगतान का भी विकल्प रहेगा, जिससे मंथली पेंशन पर असर नहीं पड़ेगा.

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कितने कर्मचारियों ने UPS को चुना?

वित्त मंत्रालय ने संसद को यह भी बताया कि 30 नवंबर 2025 तक कुल 1,22,123 केंद्रीय कर्मचारियों ने UPS को चुना है. इसमें नए कर्मचारी, मौजूदा कर्मचारी और पहले रिटायर हो चुके कर्मचारी भी शामिल हैं. यह जानकारी लोकसभा सांसद जनार्दन सिंह सिंगरीवाल के सवाल के जवाब में दी गई.

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