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जिन लोगों ने PAN आधार एनरोलमेंट नंबर की मदद से बनवाई है उनके लिए PAN से आधार लिंक करने की डेडलाइन 31 दिसंबर 2025 है. (Image: X/Incometaxindia)
PAN Aadhaar Link Status : साल 2025 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और नए साल की शुरुआत से पहले टैक्सपेयर्स के लिए एक बेहद अहम डेडलाइन तेजी से नजदीक आ रही है. खास तौर पर उन लोगों को सतर्क हो जाने की जरूरत है, जिन्हें यह साफ नहीं है कि उनका PAN आधार से लिंक है या नहीं, या जिन्होंने कभी आधार एनरोलमेंट आईडी के जरिए PAN बनवाया था और बाद में भूल गए.
जिन PAN होल्डर ने अब तक PAN–Aadhaar लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके लिए यह लापरवाही भारी पड़ सकती है. डेडलाइन खत्म होते ही 1 जनवरी 2026 से PAN इनऑपरेटिव या डी-एक्टिवेट किया जा सकता है. ऐसा होने पर न सिर्फ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना मुश्किल हो जाएगा, बल्कि बैंकिंग, निवेश, TDS, और दूसरे कई जरूरी वित्तीय लेन-देन भी अटक सकते हैं. STORIES YOU MAY LIKE
PAN - Aadhaar लिंक करना क्यों है जरूरी
इनकम टैक्स की धारा 139AA के तहत जिन लोगों को PAN मिला है और जो आधार (Aadhaar) के पात्र हैं, उनके लिए दोनों जरूरी डाक्यूमेंट को लिंक करना कानूनी रूप से अनिवार्य है. हालांकि, जिन लोगों को सरकार ने PAN–Aadhaar लिंकिंग से छूट दी है, उन पर यह नियम लागू नहीं होगा.
नए PAN होल्डर के मामले में यह प्रक्रिया अपने-आप पूरी हो जाती है, लेकिन पुराने PAN होल्डर्स, खासकर जिनका पैन 1 जुलाई 2017 या उससे पहले जारी हुआ था, उन्हें अलग से यह औपचारिकता पूरी करनी होती है.
अगर पैन (PAN) और आधार (Aadhaar) लिंक नहीं हुए, तो पैन को डी-एक्टिवेट मान लिया जाएगा और वह टैक्स रिटर्न, बैंक अकाउंट, निवेश या किसी भी वित्तीय लेन-देन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.
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आखिरी तारीख और किन पर लागू होगा नियम
आयकर विभाग की ओर से 3 अप्रैल 2025 को जारी नोटिफिकेशन नंबर 26/2025 के मुताबिक, जिन लोगों को 1 अक्टूबर 2024 से पहले आधार एनरोलमेंट ID के आधार पर पैन जारी किया गया था, उन्हें अब स्थायी आधार नंबर के जरिए लिंकिंग पूरी करनी अनिवार्य है.
ऐसे सभी पैन होल्डर्स, जिनके पास आधार एनरोलमेंट नंबर से बना पैन कार्ड है, उनके लिए पैन-आधार लिंक करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 है.
लिंक नहीं कराया तो क्या होगा नुकसान?
इस महीने के अंत तक आधार को पैन से लिंक नहीं किया गया, तो पैन डी-एक्टिवेट यानी इनऑपरेटिव घोषित कर दिया जाएगा. पैन के डी-एक्टिवेट होने की स्थिति में न तो उसे प्रस्तुत, सूचित या उद्धृत किया जा सकेगा और आयकर अधिनियम के तहत इसके लिए व्यक्ति जिम्मेदार होगा.
डी-एक्टिवेट पैन के कई गंभीर नतीजे हो सकते हैं. इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक नियमों का पालन न करने पर गंभीर वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है. 1 जनवरी 2026 से ऐसे पैन पर
- इनकम रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकेगा
- पहले से लंबित रिटर्न प्रोसेस नहीं होंगे
- किसी भी लंबित रिफंड का भुगतान नहीं किया जाएगा.
- इसके अलावा दोषयुक्त रिटर्न से जुड़ी लंबित कार्यवाहियां पूरी नहीं की जा सकेंगी
- पैन डी-एक्टिवेट होने के बाद टैक्स डिडक्शन भी अधिक दर से की जाएगी.
- इन सबके अलावा बैंकों और अन्य वित्तीय पोर्टलों पर लेनदेन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.
- इनकम टैक्स रिफंड रोका जा सकता है,
- टीडीएस (TDS) और टीसीएस (TCS) की दरें अधिक लग सकती हैं,
- और कई जरूरी वित्तीय लेनदेन अटक सकते हैं.
PAN–Aadhaar लिंक के लिए क्या चाहिए
- वैलिड पैन नंबर
- आधार नंबर
- PAN में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
आप भी चेक कर लें पैन-आधार लिंक स्टेटस
- आपका पैन आधार से लिंक है या नहीं यह जानने के लिए यहां बताए गए स्टेप्स अपनाएं.
- सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल incometax.gov.in पर जाएं.
- यहां होम पेज पर बायीं ओर नजर आ रहे Quick Links सेक्शन में Link Aadhaar Status विकल्प पर क्लिक करें.
- अब पैन नंबर और आधार नंबर भरें.
- दायीं ओर नीच दिख रहे View Link Aadhaar Status पर क्लिक करें. ऐसा करते ही सामने स्क्रीन पर PAN–Aadhaar लिंक स्टेटस की जानकारी सामने आए जाएगी.
पैन से आधार लिंक न होने की स्थिति में आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ सकती है. ऐसे में जिन लोगों ने अब तक PAN–Aadhaar लिंक नहीं कराया है, उन्हें सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर लिंकिंग फीस जमा करनी होगी, इसके बाद ही लिंक करने का अनुरोध स्वीकार किया जाएगा.
इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक जिन करदाताओं का PAN 1 जुलाई 2017 से पहले जारी हुआ था और जो छूट की श्रेणी में नहीं आते, उन्हें आधार–PAN लिंक कराने के लिए 1000 रुपये की नॉन-रिफंडेबल फीस देनी होती है. अगर 30 जून 2023 तक लिंकिंग नहीं कराई गई, तो 1 जुलाई 2023 से PAN इनएक्टिव मान लिया गया.
लिंकिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पहले e-Pay Tax सर्विस के जरिए 1000 रुपये की फीस जमा करना जरूरी है. भुगतान करते समय ध्यान रखने की जरूरत है कि फीस माइनर हेड (Minor Head 500) - Other Receipts (500) और मेजर हेड (Major Head 0021 – Income Tax Other than Companies) के तहत चालान में जमा करना होगा.
आधार-PAN लिंकिंग फीस कैसे भरें
- सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल incometax.gov.in पर जाएं.
- यहां होम पेज पर बायीं ओर नजर आ रहे Quick Links सेक्शन में Link Aadhaar विकल्प पर क्लिक करें.
- अब पैन नंबर और आधार नंबर भरें.
- इसके बाद “Continue to Pay Through e-Pay Tax” पर क्लिक करें.
- अगले पेज पर फिर से PAN नंबर डालकर कन्फर्म करें और मोबाइल नंबर भरें, जिस पर OTP आएगा.
- मोबाइल पर आया OTP डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें. इसके बाद आप अपने-आप e-Pay Tax पेज पर पहुंच जाएंगे.
- यहां Income Tax से जुड़ी टाइल पर Proceed पर क्लिक करें.
- अब सही असेसमेंट ईयर चुनें. Type of Payment में Other Receipts (500) सेलेक्ट करें. फिर Continue पर क्लिक करें.
- भुगतान की रकम अपने-आप भरी होगी. Continue पर क्लिक करके चालान (Challan) जनरेट करें.
- अब भुगतान का तरीका चुनें (नेट बैंकिंग/अन्य विकल्प) और बैंक की वेबसाइट पर जाकर पेमेंट पूरा करें. भुगतान पूरा होने के बाद ही आधार–PAN लिंक का अनुरोध सबमिट किया जा सकेगा.
- पेमेंट हो जाने के बाद दोबारा e-Filing पोर्टल पर लौटें और Aadhaar-PAN लिंक करने का अनुरोध (Request) सबमिट करें.
लिंकिंग के लिए दो विकल्प दिए गए हैं. पहला, लॉग-इन मोड, जिसमें यूजर को डैशबोर्ड के जरिए आधार नंबर सत्यापित कर अनुरोध सबमिट करना होगा. दूसरा, प्री-लॉगिन मोड, जिसमें बिना लॉग-इन किए PAN, Aadhaar और मोबाइल पर आए OTP के जरिए लिंकिंग पूरी की जा सकती है. दोनों ही स्थितियों में टैक्सपेयर्स पोर्टल पर जाकर Link Aadhaar Status के जरिए अपने आवेदन की स्थिति जांच सकते हैं.
ध्यान रहे पैन-आधार लिंकिंग फीस का भुगतान अगर वेरीफाई नहीं होता है, तो टैक्सपेयर्स को दोबारा e-Pay Tax प्रक्रिया अपनाने या 4–5 कार्यदिवस इंतजार करने की सलाह दी गई है.
वहीं, अगर PAN पहले से किसी अन्य Aadhaar से लिंक दिखे, तो रिकॉर्ड ठीक कराने के लिए संबंधित एसेसिंग ऑफिसर (Assessing Officer - AO) से संपर्क करना होगा.
टैक्सपेयर्स को सलाह है कि वे सही PAN और Aadhaar विवरण ही दर्ज करें, वेरिफिकेशन में दिक्कत आने पर प्रक्रिया दोहराएं और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में AO से संपर्क करें.
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