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हर EPF सदस्य को 12 अंकों का UAN दिया जाता है. यह नंबर जीवनभर एक ही रहता है और आपके सभी PF अकाउंट इसी UAN से जुड़े होते हैं. (Image: YT/@officialepfo)
PF Account Transfer Made Easy: निजी कंपनियों में काम करने वाले ज्यादातर लोग अक्सर नौकरी बदलते रहते हैं. हर नई कंपनी के साथ नया PF अकाउंट नंबर (Member ID) मिलता है, जबकि पुराना PF वहीं जमा रहता है. ऐसे में कई लोगों के PF पैसे अलग-अलग खातों में बिखरे रह जाते हैं. नियम कहता है कि नौकरी बदलने के बाद पुराना PF अकाउंट नए PF अकाउंट में ट्रांसफर करना जरूरी है, और ऐसा करने के फायदे भी बड़े हैं - पूरे पैसे पर कंपाउंडिंग का लाभ, ज्यादा ब्याज, पांच साल से ज्यादा की सेवा होने पर अंतिम निकासी पर TDS से बचाव और 10 साल की सदस्यता पूरी होने पर पेंशन के लिए पात्रता.
लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत आती है - अकाउंट ट्रांसफर की जटिल प्रक्रिया. इसी समस्या को समझते हुए EPFO ने अब ट्रांसफर को आसान बना दिया है और कई मामलों में नियोक्ता के वेरीफिकेशन की जरूरत खत्म कर दी है.
UAN नंबर क्यों है जरूरी?
- हर EPF सदस्य को 12 अंकों का UAN (Universal Account Number) दिया जाता है. यह नंबर जीवनभर एक ही रहता है और आपके सभी PF अकाउंट इसी UAN से जुड़े होते हैं.
- आधार वेरीफिकेशन शुरू होने से पहले कई लोगों के दो-दो UAN बन गए थे. अगर आपके पास भी दो या अधिक UAN हैं, तो पुराने UAN से जुड़े PF अकाउंट को नए UAN में ट्रांसफर करा दें. उसके बाद पुराना UAN अपने आप बेकार हो जाएगा.
- ट्रांसफर करने से पहले यह जरूर जांच लें कि सभी UAN में नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, जेंडर एक ही तरह से सही-सही दर्ज हों. गलत विवरण पहले सुधारना जरूरी है, नहीं तो ट्रांसफर संभव नहीं होगा.
EPF अकाउंट ट्रांसफर कैसे करें?
अगर आपके पास एक ही UAN है और उससे दो या ज्यादा PF खाते जुड़े हैं और आधार भी वेरीफाई है, तो आप EPFO Member Portal से ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं.
इसके लिए जरूरी है कि
- पुराने PF खाते में Date of Exit दर्ज हो
- नई नौकरी की Date of Joining, Date of Exit के बाद की हो
- एंप्लॉयर ने दोनों तारीखें सही भरी हों
अगर नियोक्ता ने Date of Exit नहीं भरी है, तो नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद आप खुद भी इसे अपडेट कर सकते हैं.
किन मामलों में ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं हो सकता?
- पहले ट्रांसफर हो चुका हो और ट्रांसफर के बाद भी पैसा जमा हुआ हो
- खाता UAN से लिंक न हो
- सदस्य की मृत्यु हो चुकी हो और परिवार ट्रांसफर कराना चाहता हो
इनके लिए EPFO की वेबसाइट से Form 13R डाउनलोड कर ऑफलाइन प्रक्रिया अपनानी होती है.
कई मामलों में एंप्लायर का रोल खत्म
- 15 जनवरी 2025 के नए EPFO सर्कुलर के अनुसार, नीचे दिए गए मामलों में अब नियोक्ता की वेरीफिकेशन की जरूरत नहीं:
- पुरानी और नई Member ID एक ही UAN से लिंक हैं, UAN 1 अक्टूबर 2017 के बाद जारी हुआ है और आधार से लिंक है.
- पुरानी और नई Member ID अलग-अलग UAN से जुड़ी हैं, और दोनों 1 अक्टूबर 2017 के बाद जारी हुए हैं तथा आधार से लिंक हैं.
- दोनों Member ID एक ही UAN से जुड़ी हैं, UAN 2017 से पहले का है, लेकिन दोनों खाते आधार से लिंक हैं, और नाम–जन्मतिथि–जेंडर एक समान हैं.
- Member ID दो अलग-अलग UAN में हैं, उनमें से एक UAN 2017 से पहले का है, दोनों आधार से लिंक हैं और विवरण बिल्कुल एक जैसे हैं.
- इन स्थितियों में सदस्य घर बैठे, बिना नियोक्ता के पास जाए, Member Portal या UMANG App से ट्रांसफर क्लेम फाइल कर सकता है.
क्यों जरूरी है PF ट्रांसफर?
- यह कानूनी रूप से अनिवार्य है
- कंपाउंडिंग और ब्याज का फायदा नहीं टूटता
- पेंशन के लिए सर्विस हिस्ट्री लगातार जुड़ती रहती है
- TDS से बचाव
- आपका EPF पैसा एक ही अकाउंट में सुरक्षित जमा होता रहता है
पुराने खाते से पैसा निकालने की गलती बिल्कुल न करें. किसी भी समस्या पर अपने नजदीकी EPF ऑफिस में संपर्क करें. कर्मचारी आपकी मदद करने के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं.
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