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राजस्थान में अब से कुछ ही देर बाद पीएम आवास योजना के 18500 लाभार्थियों के बैंक खातों में 100 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे. (Image : X/@BhajanlalBjp)
किसान दिवस के अवसर पर आज राजस्थान की मरुधरा से खुशहाली की एक नई इबारत लिखी जा रही है. नागौर जिले के डांगावास में आयोजित 'राज्य स्तरीय उन्नत खेती–समृद्ध किसान सम्मेलन' में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के हजारों किसानों और ग्रामीणों को करोड़ों रुपये की सौगातें सौंपेंगे.
इस भव्य समारोह का सबसे मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) है, जिसके तहत अब से कुछ ही देर में प्रदेश के 18,500 लाभार्थियों के खातों में 100 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर (DBT) की जाएगी. राजस्थान सूचना विभाग ने इसकी जानकारी एक्स पर किए पोस्ट के जरिए मंगलवार सुबह दी.
राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन
— सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, राजस्थान सरकार (@DIPRRajasthan) December 23, 2025
नागौर जिले में 351 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास
राशि हस्तांतरण
23 दिसंबर, 2025 | अपराह्12:00 बजे
डांगावास, मेड़ता सिटी (नागौर) @BhajanlalBjp@KumariDiya@DrPremBairwa@RajCMO@RajGovOfficial@DmNagaur#DIPRRajasthan… pic.twitter.com/AjFhMS50g3
योजना के लाभार्थी अपने बैंक खाते की पासबुक, बैंक SMS अलर्ट या संबंधित बैंक शाखा में संपर्क कर यह जांच कर सकेंगे कि राशि खाते में आई है या नहीं.
खाते में पैसे आए या नहीं कैसे कर सकेंगे चेक
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 18,500 लाभार्थियों के बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये की राशि सीधे डीबीटी के जरिए भेजी जा रही है. जिनका नाम लाभार्थी सूची में है, वे घर बैठे आधिकारिक वेबसाइट या उमंग ऐप के माध्यम से आसानी से यह जांच सकते हैं कि उनके खाते में राशि पहुंची है या नहीं. पेमेंट स्टेटस देखने के लिए यहां स्टेप बाय स्टेप प्रासेस
- सबसे पहले PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
- स्क्रीन पर नजर आ रहे '"Stakeholders" पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन मेनू से "IAY / PMAYG Beneficiary" चुनें.
Search Beneficiary Details नाम से एक पेज खुलेगा, अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और "Submit" पर क्लिक करें. किस्त की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी.
यदि आपके पास रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है, तो आप लाभार्थी का नाम, बीपीएल नंबर, खाता नंबर या अन्य जानकारी का उपयोग करके भी खोज सकते हैं.
वैकल्पिक रूप से, आप किस्त की जानकारी जांचने के लिए उमंग ऐप का उपयोग कर सकते हैं:
- उमंग ऐप या पोर्टल पर लॉग इन करें.
- PMAYG खोजें और "Pradhan Mantri Awas Yojana - Gramin" पर क्लिक करें.
- "Installment Details" पर क्लिक करें और अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें.
किस्त आया या नहीं, ऐसे भी कर सकते हैं पता
SMS चेक करें
अगर आप भी पीएम आवास योजना के लाभार्थी हैं, तो आज जारी हुई पहली किस्त का मैसेज आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया होगा.
आमतौर पर विभाग की ओर से किस्त भेजे जाने की जानकारी SMS के जरिए दी जाती है.
साथ ही, बैंक भी आपके खाते में पैसे आने पर मैसेज भेजता है. आप इन मैसेजों के जरिए आसानी से पता कर सकते हैं कि आपको पहली किस्त मिली है या नहीं.
ATM से बैलेंस चेक करें
अगर SMS नहीं आया, तो आप नजदीकी एटीएम पर जाकर बैलेंस चेक कर सकते हैं या मिनी स्टेटमेंट निकाल सकते हैं.
पासबुक अपडेट करके देखें
अगर आपके पास डेबिट कार्ड नहीं है, तो आप अपने बैंक की शाखा में जाकर पासबुक में एंट्री करवा सकते हैं. इससे यह साफ हो जाएगा कि आपको किस्त मिली है या नहीं
मिस्ड कॉल से चेक करें बैलेंस
कई बैंक एक विशेष नंबर पर मिस्ड कॉल करके बैलेंस और ट्रांजेक्शन डिटेल्स देने की सुविधा देते हैं. आप इसे भी आज़मा सकते हैं.
PMAY-G : क्या है पीएम ग्रामीण आवास योजना?
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (Pradhan Mantri Awaas Yojana – Gramin) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है. इस योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को की गई थी, ताकि 2024 तक "हर किसी के लिए आवास" (Housing for All) का लक्ष्य पूरा किया जा सके.
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) का उद्देश्य कच्चे या जर्जर मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, जिसमें बिजली, शौचालय, नल का पानी और रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाएं शामिल हों. लाभार्थियों की पहचान सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना (SECC) 2011 के आधार पर की जाती है.
इस योजना का लाभ वही व्यक्ति ले सकते हैं जो बीपीएल परिवार से हों, जिनके पास पक्का घर न हो या सिर्फ एक-दो कमरे का कच्चा मकान हो, और जिनका नाम SECC 2011 सूची में शामिल हो; SC/ST, विधवा, दिव्यांग व भूमिहीन श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाती है.
सामान्य क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी-दुर्गम क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, साथ ही मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90-95 दिन की मजदूरी भी दी जाती है; कई राज्यों में राज्य सरकारें अतिरिक्त सहायता भी प्रदान करती हैं.
राजस्थान में आवास योजना की प्रगति
राज्य सरकार के अनुसार पिछली सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल में केवल 39,428 आवास ही आवंटित कर सकी थी, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में मौजूदा सरकार ने महज डेढ़ साल में 53,321 बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध करा दिया.
वर्तमान सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल में पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत 38,447 पक्के मकान का निर्माण पूरा कर लिया था और 1 लाख 55 हजार नए आवासों को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति दे दी ती. वहीं समान अवधि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 30,297 आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया था और 30,408 नए आवासों को मंजूरी दी गई.
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