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PM Kisan 21st installment : पात्र किसानों की पहचान करने और पोर्टल पर विवरण अपलोड करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है. (Image: X)
PM Kisan: Missed the 21st Installment?: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना के तहत 19 नवंबर को करीब 9 करोड़ किसानों के खाते में 2,000 रुपये की 21वीं किस्त ट्रांसफर की गई हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर में एक कार्यक्रम के दौरान यह किस्त जारी की है. लेकिन हर बार की तरह कुछ मामले ऐसे हो सकते हैं कि पात्र भी हैं और रजिस्ट्रेशन भी है, फिर भी 21वीं किस्त खाते में नहीं पहुंची है. अगर ऐसा आपके साथ हुआ है तो टेंशन बिल्कुल ना लें. इसके लिए कुछ समय निकालकर छोटा सा काम करें, अगली किस्त के साथ 21वीं किस्त भी जुड़कर आ जाएगी.
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रजिस्ट्रेशन के बाद क्यों रुकी किस्त
अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) में रजिस्टर्ड हैं तो भी कुछ वजहों से आपकी किस्त रुक सकती है. अगर रजिस्ट्रेशन में कोई जानकारी अनजाने में गलत हो गई हो. मसलन एड्रेस में गलती, गलत बैंक अकाउंट या एनपीसीआई में आधार सीडिंग नहीं होना. अगर आपने अबतक ईकेवाईसी नहीं कराया है. इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर फार्मर कार्नर पर क्लिक कर इसकी जानकारी पा सकते हैं.
आपको क्या करना होगा?
फार्मर कार्नर पर क्लिक करने के बाद बेनेफिशियरी स्टेटस पर क्लिक करें. जिसके बाद वहां आधार नंबर, अकाउंट नंबर और फोन नंबर का विकल्प दिखेगा. यहां आप देख सकते हैं कि आपकी सूचना सही है या नहीं. आवेदन किसी डॉक्युमेंट की वजह से रुका है तो वह डॉक्युमेंट भी ऑनलाइन अपलोड भी कर सकते हैं. सब करेक्ट होने के बाद आपके खाते में किस्त आने लगेगी.
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एक भी पैसे का नहीं होगा नुकसान
आवेदन के बाद अगर किसी बेनेफिशियरी का नाम स्टेट/UT गवर्नमेंट द्वारा पीएम किसान के पोर्टल पर अपलोड किया गया है तो उसे एक भी पैसे का नुकसान नहीं होगा. भले ही किसी पवजह से उसे कुछ किस्तें ना मिली हों. जिस वजह से किस्त रुकी है, वह गलती सुधारने के बाद पूरा अगली किस्त के साथ पूरा ड्यू खाते में भेजा जाएगा. ऐसा कई किसानों के साथ हुआ है. लेकिन अगर किसी वजह से उस किसान का नाम सरकार द्वारा रिजेक्ट किया जाता है तो वह इसका किस्त पाने का हकदार नहीं होगा.
हेल्पलाइन पर भी ले सकते हैं जानकारी
पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर:155261
पीएम किसान टोल फ्री नंबर: 18001155266
पीएम किसान लैंडलाइन नंबर: 011—23381092, 23382401
पीएम किसान की एक और हेल्पलाइन है: 0120-6025109
ई-मेल आईडी: pmkisan-ict@gov.in
कैसे होती है लाभ पाने वालों की पहचान
पात्र लाभार्थी किसानों की पहचान करने और पीएम-किसान पोर्टल पर उनका विवरण अपलोड करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य सरकारों की है. एक बार आवेदन करने के बाद राज्य/UT सरकारों को उस बारे में जांच करने का अधिकार है. सब कुछ सही पाए जाने पर ही इस योजना के तहत लाभ का हकदार माना जाता है.
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किन कंडीशन में नहीं माना जाता पात्र
इनकम टैक्स देने वालों को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है.
10,000 रुपये से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा.
किसान परिवार में कोई म्यूनिसिपल कॉरपोरेशंस, जिला पंचायत में हो तो भी इसके दायरे से बाहर होगा.
अगर खेत किसान के नाम न होकर उसके पिता या दादा के नाम हो.
अगर कोई किसान किसी दूसरे किसान से जमीन लेकर किराए पर खेती करता है. पीएम किसान में लैंड की ओनरशिप जरूरी है.
अगर कोई किसान या परिवार में कोई संवैधानिक पद पर है.
राज्य/केंद्र सरकार के साथ-साथ पीएसयू और सरकारी स्वायत्त निकायों के सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी होने पर लाभ नहीं मिलेगा.
डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, आर्किटेक्ट्स और वकील जैसे प्रोफेशनल्स को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
सभी संस्थागत भूमि धारक भी इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे.
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