/financial-express-hindi/media/media_files/2024/11/30/BdehkcNWpJ0TIfldQttc.jpg)
लोकसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू की गई थी.
PM Vishwakarma Yojana: देश की पारंपरिक कारीगरी एक नए दौर में कदम रख रही है जहां हुनर, आधुनिक तकनीक और सरकारी सहायता मिलकर छोटे कामधंधों को फिर से मजबूत बना रहे हैं. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ने लाखों कारीगरों को उस समय बड़ा सहारा दिया, जब पूंजी, ट्रेनिंग और मार्केट तक पहुंच उनकी सबसे बड़ी मुश्किल थी. बढ़ई, सुनार, बुनकर, लोहार, मोची जैसे पारंपरिक पेशों से जुड़े लोगों को अब सिर्फ 5 फीसदी ब्याज पर 3 लाख रुपये तक का लोन मिल रहा है जिसे वे अपने काम को विस्तार देने में इस्तेमाल कर रहे हैं.
योजना से जुड़ चुके हैं 30 लाख कारीगर
लोकसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू की गई थी. शुरुआत से लेकर 1 दिसंबर 2025 तक कुल 30 लाख लाभार्थी योजना से जुड़ चुके हैं. इनमें से 23.09 लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. योजना का उद्देश्य है कि देश के पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल सेवाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए.
डिजिटल पेमेंट से ई-मार्केट तक कारीगरों की बदल रही दुनिया
योजना के तहत डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, पेटीएम, पेनियरबाय, भारतपे और फोनपे जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ समझौते किए गए हैं. अब तक 6.8 लाख से अधिक लाभार्थियों को 22 करोड़ रुपये के डिजिटल पेमेंट इंसेंटिव दिए जा चुके हैं.
कारीगरों के उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने के लिए उन्हें ओएनडीसी, फैबइंडिया, मीशो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ऑनबोर्ड कराया जा रहा है. 30 हजार से अधिक विश्वकर्मा लाभार्थियों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस जेम पर सफलतापूर्वक जोड़ा जा चुका है जिससे उनके लिए संस्थागत खरीदारों तक पहुंच आसान हुई है.
एमएसएमई की शिकायतों का फास्ट ट्रैक समाधान: चैंपियंस पोर्टल
एमएसएमई की समस्याओं के तेज और सरल निपटान के लिए चैंपियंस पोर्टल तैयार किया गया है जो अब 23 भाषाओं में सेवाएं उपलब्ध करा रहा है. देशभर के 69 कंट्रोल रूम इस प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे हैं. 26 नवंबर 2025 तक पोर्टल को कुल 1,59,577 शिकायतें मिलीं जिनमें से 99.24 फीसदी शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है.
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है?
यह योजना पारंपरिक हस्तकला और शिल्प से जुड़े कारीगरों के लिए है जैसे बढ़ई, सुनार, लोहार, कुम्हार, मोची, दर्जी, बुनकर, राजमिस्त्री, टोकरी बनाने वाले, जाल बनाने वाले, नाव बनाने वाले, पत्थर तराशने वाले और खिलौना व सजावटी सामान बनाने वाले. सरकार चाहती है कि ये कारीगर आधुनिक तकनीक की मदद से अपनी आमदनी बढ़ाएं और अपने क्षेत्र में नए रोजगार पैदा करें.
लाभार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान दैनिक भत्ता दिया जाता है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 15 हजार रुपये तक टूलकिट सहायता दी जाती है. इसके बाद दो चरणों में कुल 3 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाता है. पहले चरण में 1 लाख रुपये और दूसरे चरण में 2 लाख रुपये तक का लोन मिलता है जिसकी ब्याज दर केवल 5 फीसदी रखी गई है जबकि सामान्य बाजार में लोन 10 से 12 फीसदी तक ब्याज पर मिलता है.
Also read : RBI MPC Meeting : आरबीआई ने रेपो रेट घटाकर 5.25% किया, कम होगी आपकी EMI
योजना का लाभ कैसे मिलेगा
योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मकसद है कि देश के पारंपरिक कारीगरों को नई तकनीक और नए बाजारों से जोड़कर उनकी कमाई में वृद्धि हो और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें. योजना परंपरागत कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर को बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए डिजाइन की गई है. देशभर में हजारों लोग इस योजना से जुड़कर अपने हुनर के दम पर अच्छी आय कमा रहे हैं.
मुख्य फायदे
- हुनर बढ़ाने के लिए बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग
- साधनों और उपकरणों के लिए 15000 रुपये तक की वित्तीय सहायता
- व्यवसाय को विस्तार देने के लिए 3 लाख रुपये तक की लोन सुविधा
- उत्पादों को बेचने के लिए बाजार की सुविधा
कौन कर सकता है अप्लाई?
वे कारीगर या शिल्पकार जो अपने कौशल में निपुणता हासिल करना चाहते हैं और आर्थिक रूप से विकसित होना चाहते हैं, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं.
किन्हें मिलेगा योजना का लाभ
- बढ़ई
- लोहार
- सुनार
- राजमिस्त्री
- नाई
- मालाकार
- धोबी
- दर्जी
- ताला बनाने वाले
- अस्त्रकार
- मूर्तिकार, पत्थर तराशने वाले
- पत्थर तोड़ने वाले
- मोची/जूता बनाने वाला कारीगर
- नाव निर्माता
- टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाला
- गुड़िया और खिलौना निर्माता
- हथौड़ा और टूलकिट निर्माता
- फिशिंग नेट निर्माता
PM विश्वकर्मा ऐप की खासियत
इस योजना को सरल बनाने के लिए सरकार ने PM विश्वकर्मा एप्लिकेशन ऐप लॉन्च किया है.
- ऑनलाइन आवेदन: घर बैठे आसानी से आवेदन किया जा सकता है.
- आवेदन की स्थिति की जानकारी: ऐप के माध्यम से तुरंत जानकारी प्राप्त होती है.
- मदद के लिए विकल्प: यदि कोई समस्या आती है तो ऐप में ही हेल्प ऑप्शन उपलब्ध है.
PM विश्वकर्मा ऐप कैसे करें डाउनलोड?
- सबसे पहले अपने मोबाइल में Google Play Store ओपन करें.
- अब "PM Vishwakarma Yojana APP" टाइप करके सर्च करें.
- अब आधिकारिक ऐप को फोन में इंस्टॉल करें.
- उसके बाद ऐप ओपन करके अप्लाई करें.
आप चाहें तो सीधे इस लिंक की मदद से https://play.google.com/store/apps/details?id=com.pmvishwakarma ऐप डाउनलोड कर सकते हैं.
ऐप के जरिए ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
- ऐप खोलकर "Registration" पर क्लिक करें.
- अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP दर्ज करें.
- अपना नाम और अन्य जानकारी भरें.
- पासवर्ड बनाएं और पंजीकरण पूरा करें.
ऐप के जरिए इन स्टेप्स की मदद से भरें आवेदन?
- PM विश्वकर्मा ऐप में लॉगिन करें.
- "Apply Now" पर क्लिक करें.
- अपने व्यवसाय और शिल्प से संबंधित जानकारी भरें.
- आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें, जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, और बैंक पासबुक.
- आवेदन सबमिट करें और प्राप्त नंबर को सुरक्षित रखें.
इसके अलावा पीएम विश्वकर्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट से भी अप्लाई कर सकते हैं. यहां स्टेप्स चेक कर सकते हैं.
- पीएम विश्वकर्मा योजना के आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर जाएं.
- अपने मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन करें.
- ओटीपी वेरिफिकेशन के माध्यम से अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड वेरिफाई करें.
- नाम, पता और व्यापार से संबंधित जानकारी सहित अपनी डिटेल के साथ पीएम विश्वकर्मा योजना रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें और उसे सबमिट करें.
- पीएम विश्वकर्मा डिजिटल आईडी और प्रमाणपत्र डाउनलोड करें.
- जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें. जिसके बाद संबंधित विभाग आपके डिटेल का वेरिफिकेशन करेगा.
- सभी डिटेल सही होने पर आपका लोन स्वीकृत हो जाएगा.
- पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कोलैटरल फ्री लोन कमर्शियल बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों की मदद से दिया जाएगा.
- कलाकार और शिल्पकार अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर भी जाकर पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए रजिस्ट्रेशन और आवेदन कर सकते हैं.
क्या है योग्यता?
भारतीय नागरिक
उम्र 18 साल से कम न हो
PMEGP, PM SVANidhi, और मुद्रा लोन का लाभ पहले से न ले रहे हों
जरूरी डॉक्युमेंट्स
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- जाति प्रमाणपत्र
- बैंक अकाउंट पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us