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PSU Banks Loan Growth: पर्सनल, होम और ऑटो लोन में प्राइवेट बैंकों का शेयर छीन रहे हैं सरकारी बैंक. (Image : Freepik)
Govt Banks Gain Market Share From Private Banks in Personal, Home and Auto Loans: देश के सरकारी बैंक (PSU Banks) रिटेल लोन मार्केट में प्राइवेट बैंकों को लगातार कड़ी टक्कर दे रहे हैं. जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पर्सनल लोन, होम लोन और ऑटो लोन जैसे अहम सेगमेंट में PSU बैंक धीरे-धीरे प्राइवेट सेक्टर बैंकों से मार्केट शेयर छीन रहे हैं.
FY26 की पहली छमाही में दिखा सरकारी बैंकों का दम
रिपोर्ट में बताया गया है कि FY26 की पहली छमाही और दूसरी तिमाही में PSU बैंकों ने न सिर्फ लोन डिस्बर्समेंट में बढ़त दिखाई, बल्कि उनकी एसेट क्वालिटी भी बेहतर हुई है. बड़े टिकट साइज के लोन पर फोकस और कर्ज की मांग में धीरे-धीरे आई तेजी ने उन्हें मजबूती दी है.
JM Financial की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पर्सनल, होम और ऑटो लोन के डिस्बर्समेंट में PSU बैंकों की हिस्सेदारी बढ़ी है.
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पर्सनल लोन में PSU बैंकों का बेहतर प्रदर्शन
अनसिक्योर्ड लोन सेगमेंट, खासकर पर्सनल लोन (Personal Loan) में FY25 की सुस्ती के बाद FY26 में तेज रिकवरी देखने को मिली है. पहली छमाही में पर्सनल लोन डिस्बर्समेंट सालाना करीब 23 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दूसरी तिमाही में यह ग्रोथ 35 प्रतिशत तक पहुंच गई.
इस सेगमेंट में PSU बैंकों का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा. पर्सनल लोन डिस्बर्समेंट में सरकारी बैंकों (PSU Banks) ने सालाना आधार पर 77 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़त दर्ज की. इसके साथ ही वैल्यू के हिसाब से उनका मार्केट शेयर बढ़कर 2QFY26 में 36 प्रतिशत पर पहुंच गया.
पूरे सिस्टम में कुल आउटस्टैंडिंग लोन वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (2QFY26) में 12 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले वित्त वर्ष (FY25) की समान अवधि में 9 प्रतिशत था. हालांकि यह अब भी 25 प्रतिशत से अधिक ग्रोथ के एतिहासिक ऊंचे स्तर से कम ही है.
NBFC का दबदबा, सरकारी बैंकों का बड़े लोन पर फोकस
हालांकि पर्सनल लोन सेगमेंट में कुल मिलाकर अब भी नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) का दबदबा है, जिनका वॉल्यूम के लिहाज से 91 प्रतिशत और वैल्यू के हिसाब से 37 प्रतिशत मार्केट शेयर पर कब्जा है. लेकिन PSU बैंकों ने बड़े अमाउंट वाले लोन पर फोकस करके अपनी पकड़ मजबूत की है.
रिपोर्ट के मुताबिक, 2QFY26 में PSU बैंकों का औसत पर्सनल लोन टिकट साइज 29 प्रतिशत बढ़कर करीब 7,17,000 रुपये हो गया है. इससे साफ है कि बैंक अब ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा वैल्यू वाले ग्राहकों को प्राथमिकता दे रहे हैं.
एसेट क्वालिटी में भी सुधार
लोन की क्वॉलिटी के मोर्चे पर भी तस्वीर पहले से बेहतर नजर आ रही है. सभी लेंडर्स में पोर्टफोलियो एट रिस्क 31-90 (Portfolio at Risk - 31 to 90 days past due) मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (1QFY26) के 1.8 प्रतिशत से घटकर दूसरी तिमाही में (2QFY26) में 1.6 प्रतिशत पर आ गया. शुरुआती डिफॉल्ट के मामलों में भी सुधार देखने को मिला है, चाहे टिकट साइज छोटा हो या बड़ा.
होम लोन में PSU बैंक मजबूत
सिक्योर्ड लोन सेगमेंट की बात करें तो FY26 के दौरान होम लोन (Home Loan) में भी सुधार नजर आ रहा है. पहली छमाही में होम लोन डिस्बर्समेंट करीब 11 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि दूसरी तिमाही में इसमें 14 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई. वहीं, पिछले वित्त वर्ष (FY25) के दौरान यह ग्रोथ सिर्फ 3 प्रतिशत थी.
इस सुधार के पीछे लोन वॉल्यूम में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही, जबकि FY25 में वॉल्यूम 5 प्रतिशत घटा था.
PSU बैंकों ने होम लोन में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. 2QFY26 में होम लोन ओरिजिनेशन वैल्यू का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा PSU बैंकों के पास रहा, जो FY25 में 43 प्रतिशत था.
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महंगे घरों की बढ़ी डिमांड
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों के चलते बड़े घरों की मांग बढ़ी है. 75 लाख रुपये से ज्यादा के होम लोन अब कुल डिस्बर्समेंट वैल्यू का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा बन चुके हैं.
होम लोन सेगमेंट में एसेट क्वालिटी ज्यादातर लेंडर्स के लिए स्टेबल या बेहतर रही, हालांकि छोटे टिकट साइज वाले लोन में थोड़ी कमजोरी देखी गई.
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