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Retirement Planning : रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए कहां लगाएं पैसे? किन हाइब्रिड फंड्स में निवेश है सही

Senior citizen retirement planning : रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए कहां करें निवेश? हाइब्रिड फंड्स में पैसे लगाने का क्या है फायदा? SWP की मदद से कैसे बनाएं सही रणनीति?

Senior citizen retirement planning : रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए कहां करें निवेश? हाइब्रिड फंड्स में पैसे लगाने का क्या है फायदा? SWP की मदद से कैसे बनाएं सही रणनीति?

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Viplav Rahi
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Senior citizen planning retirement investments for stable monthly income

Retirement Planning : रिटायरमेंट के बाद मंथली इनकम के लिए हाइब्रिड फंड्स और SWP को मिलाकर असरदार रणनीति बनाई जा सकती है. (AI Generated Image)

Retirement Planning Tips : रिटायरमेंट के बाद आम तौर पर सबसे बड़ी चिंता ये होती है कि हर महीने स्टेबल और भरोसेमंद इनकम कैसे मिले. खासकर तब, जब बैंक एफडी पर मिलने वाला ब्याज पहले जितना आकर्षक नहीं रहा. महंगाई को एडजस्ट करने के बाद तो एफडी के रिटर्न और भी कम नजर आते हैं. ऐसे में कई बार सीनियर सिटिजन्स के सामने ये असमंजस होता है कि अपने रिटायरमेंट फंड के पैसों को वे कहां निवेश करें?

रिटायर्ड लोगों के सामने अक्सर ये चुनौती रहती है कि अपने पैसे कहां और कैसे लगाए जाएं, ताकि उनका फंड सुरक्षित भी रहे और हर महीने का खर्च भी आराम से पूरा हो जाए. ऐसे सवाल कभी न कभी हर सीनियर सिटिजन के मन में आते हैं. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आज हम समझेंगे कि हाइब्रिड फंड्स और SWP के मेल से कैसे आप अपने लिए रेगुलर इनकम का एक स्मार्ट और स्टेबल ऑप्शन तैयार कर सकते हैं. 

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रिटायरमेंट के बाद क्या है निवेश की सही रणनीति? (Retirement Investment Strategy)

रिटायर्ड व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात होती है कम जोखिम में स्टेबल रिटर्न. उन्हें ऐसे विकल्प चाहिए जिनमें बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हो, टैक्स का बोझ कम रहे और पैसा नियमित रूप से वापस मिलता रहे. बैंक एफडी सुरक्षित और स्टेबल इनकम तो देते हैं, लेकिन उनमें रिटर्न अच्छा नहीं मिलता. यही वजह है कि कई बार लोग एफडी से पैसे निकालकर म्यूचुअल फंड्स में लगाने के बारे में सोचते हैं. खासकर उन निवेशकों के लिए जो 20-25 लाख रुपये एकमुश्त निवेश करना चाहते हैं और हर महीने सिस्टमैटिक विथड्रॉल प्लान (SWP) के जरिये निश्चित रकम निकालना चाहते हैं. 

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हाइब्रिड फंड क्यों है समझदारी भरा निवेश (Hybrid Funds for Senior Citizens) 

हाइब्रिड फंड्स को रिटायरमेंट के बाद निवेश के लिहाज से एक संतुलित ऑप्शन माना जाता है. इस उद्देश्य से निवेश करना हो, तो बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स (Balanced Advantage Funds - BAFs) खास तौर पर पसंद किए जाते हैं. इन्हें डायनैमिक एसेट एलोकेशन फंड (Dynamic Asset Allocation Fund) भी कहते हैं. इन फंड्स का 30%-70% तक निवेश इक्विटी में रहता है और बाकी पैसे ज्यादा सुरक्षित समझे जाने वाले डेट फंड्स या ऐसे ही दूसरे इंस्ट्रूमेंट्स में लगाए जाते हैं. इस रणनीति का फायदा ये होता है कि शेयर बाजार की गिरावट में भी आपके फंड की वैल्यू में बहुत ज्यादा उथल-पुथल नहीं होती और लंबी अवधि में ग्रोथ भी होती रहती है. 

टैक्स सेविंग के लिहाज से बेहतर निवेश (Tax Efficient Investments)

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स जैसे हाइब्रिड फंड्स का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इक्विटी में 65 फीसदी या उससे ज्यादा निवेश हो तो इन्हें टैक्सेशन के लिहाज से इक्विटी फंड माना जाता है, इसलिए इन पर एफडी या डेट फंड्स की तुलना में कम टैक्स देना पड़ता है. रिटायर्ड लोगों के लिए टैक्स सेविंग भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर होता है.

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प्योर इक्विटी फंड्स में रिस्क अधिक

प्योर इक्विटी फंड्स भी टैक्स सेविंग के लिहाज से बेहतर होते हैं और उनमें ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद भी रहती है. लेकिन इसके साथ ही प्योर इक्विटी फंड्स ज्यादा रिस्की होते हैं, क्योंकि बाजार में ज्यादा एक्सपोजर होने के कारण उनमें तेजी से उतार-चढ़ाव होने की आशंका रहती है. यही वजह है कि उन्हें बुजुर्गों और लो रिस्क प्रोफाइल वाले दूसरे निवेशकों के लिए उतना सही नहीं माना जाता. लेकिन अगर किसी के पास बड़ा रिटायरमेंट फंड है, तो सुरक्षित एसेट्स में पर्याप्त निवेश के बाद पूरे पोर्टफोलियो का कुछ हिस्सा फ्लेक्सी कैप या मल्टी कैप जैसे डायवर्सिफाइड फंड्स में लगाया जा सकता है. लेकिन ऐसे फंड्स को कम से कम 5 साल या उससे ज्यादा समय के लिए होल्ड करने की तैयारी होनी चाहिए.  

SWP यानी रेगुलर इनकम का स्मार्ट तरीका (SWP for Monthly Income)

अगर कोई रिटायर्ड सीनियर सिटिजन एकमुश्त 20-25 लाख रुपये या उससे ज्यादा रकम म्यूचुअल फंड में लगाकर रेगुलर मंथली इनकम (Monthly Income from Mutual Funds) हासिल करना चाहते हैं, तो उनके लिए SWP एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इसमें आप अपने हाइब्रिड फंड से हर महीने एक तय रकम निकालते हैं, जबकि बाकी पैसे फंड में बने रहते हैं, जिन पर रिटर्न मिलता है और हर महीने निकाली जाने वाली रकम को सही अनुपात में फिक्स किया जाए, तो कॉर्पस भी बढ़ता रहता है. यह तरीका FD के मंथली इंटरेस्ट से ज्यादा फ्लेक्सिबल और अक्सर बेहतर रिटर्न देने वाला माना जाता है. 

Equity Savings Funds: कम जोखिम में रेगुलर इनकम 

इक्विटी सेविंग्स फंड्स (Equity Savings Funds) उन निवेशकों के लिए सही ऑप्शन हो सकते हैं, जिन्हें थोड़ी ज्यादा स्टेबिलिटी चाहिए. इन फंड्स के पोर्टफोलियो में इक्विटी की हिस्सेदारी आमतौर पर 15%-45% तक रहती है. ये भी कम उतार-चढ़ाव में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं. (Low Risk Equity Funds)

2025 के बजट में ऐसे हाइब्रिड फंड्स जिनमें 65% से कम इक्विटी और 65% से कम डेट होता है, उन्हें 2 साल से ज्यादा समय तक होल्ड करने पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है, जिससे इनका पोस्ट-टैक्स रिटर्न और बेहतर हो सकता है. यानी हाइब्रिड फंड्स में निवेश करना रिटायरमेंट प्लानिंग के लिहाज से भी बेहतर हो सकता है. (Hybrid Fund Tax Benefits)

क्या है सबसे सही रणनीति?

रिटायरमेंट के बाद 20-25 लाख रुपये या उससे ज्यादा रकम को सुरक्षित रखते हुए रेगुलर इनकम के लिए इनवेस्ट करना है, तो बैलेंस्ड एडवांटेड फंड (Balanced Advantage Funds) और इक्विटी सेविंग्स फंड्स (Equity Savings Funds) दोनों में निवेश किया जा सकता है. आप चाहें, तो अपने पोर्टफोलियो में इन दोनों को जगह दे सकते हैं. यह तरीका कम रिस्क में रेगुलर इनकम के साथ ही साथ कैपिटल ग्रोथ का मौका भी दे सकता है, जिससे लंबी अवधि में महंगाई को मात देने में मदद मिलती है. (Best Funds for Monthly Income). 

डायनैमिक एसेट एलोकेशन फंड या बैलेंस्ड एडवांटेज फंड कैटेगरी का पिछले 5 साल का औसत सालाना रिटर्न 12.11% और 10 साल का CAGR 9.80% रहा है. वहीं, इक्विटी सेविंग्स फंड कैटेगरी का 5 साल का औसत सालाना रिटर्न 9.89% और 10 साल का CAGR 8.27% रहा है. 

(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, किसी स्कीम में निवेश की सिफारिश करना नहीं. निवेश से जुड़े फैसले पूरी जानकारी हासिल करने और अपने इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेने के बाद ही करें.)

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