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Retirement Planning With SWP : 1 करोड़ के कॉर्पस से हर महीने 50,000 निकालें तो 30 साल में कितने बचेंगे पैसे? ये रहा पूरा कैलकुलेशन

Retirement Planning With SWP : रिटायरमेंट प्लानिंग का तरीका सही हो तो 1 करोड़ रुपये के कॉर्पस से हर महीने 50 हजार निकालने के बावजूद 30 साल बाद बची रह सकती है मोटी रकम.

Retirement Planning With SWP : रिटायरमेंट प्लानिंग का तरीका सही हो तो 1 करोड़ रुपये के कॉर्पस से हर महीने 50 हजार निकालने के बावजूद 30 साल बाद बची रह सकती है मोटी रकम.

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Viplav Rahi
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SWP Retirement Planning: Illustration showing Rs 1 crore corpus generating Rs 50,000 monthly income through Systematic Withdrawal Plan

SWP का कमाल, हर महीने 50 हजार निकालने के बावजूद 30 साल तक खत्म नहीं होगा आपका फंड. (AI Generated Image)

Retirement Planning With SWP : रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि हर महीने के खर्च के लिए फिक्स इनकम का इंतजाम कैसे किया जाए? इस सवाल का एक जवाब है - सिस्टमैटिक विथड्रॉल प्लान यानी SWP. अगर आपके पास एक अच्छा-खासा रिटायरमेंट कॉर्पस है, तो SWP रेगुलर इनकम पाने का अच्छा तरीका बन सकता है. इस प्लान के जरिये आप हर महीने रेगुलर इनकम तो हासिल कर ही सकते हैं, साथ ही आपकी बची हुई रकम पर रिटर्न भी मिलता रहता है.

SWP क्या है और कैसे काम करता है?

सिस्टमैटिक विथड्रॉल प्लान (Systematic Withdrawal Plan) यानी SWP एक ऐसी सुविधा है जिसमें आप अपने निवेश से रेगुलर इंटर्वल पर पहले से तय रकम निकाल सकते हैं. इसे आप अपनी पेंशन की तरह समझ सकते हैं. सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (Systematic Investment Plan) यानी SIP में जहां आप हर महीने पैसे लगाते हैं, वहीं SWP में आप हर महीने पैसे निकालते हैं. यह प्लान खासतौर पर उन रिटायर लोगों के लिए बेहतर है जो अपने खर्चों के लिए स्टेबल इनकम चाहते हैं.

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1 करोड़ रुपये से हर महीने 50,000 रुपये कैसे निकालें?

  • मान लीजिए आपने 1 करोड़ रुपये किसी अच्छे हाइब्रिड या बैलेंस्ड एडवांटेज म्यूचुअल फंड में निवेश किए हैं. 

  • मान लीजिए इस निवेश पर आपको सालान 10% की दर से रिटर्न मिल रहा है. 

  • अगर आप हर महीने 50,000 रुपये निकालने की योजना बनाते हैं, तो यह पूरे कॉर्पस से सालाना 6% की निकासी दर (Withdrawal Rate) बनती है.

  • अगर महंगाई की अनुमानित सालाना दर 5% है, तो आप SWP के जरिये हर साल निकाले जाने वाली रकम में 5% का इजाफा करने का विकल्प चुन सकते हैं, ताकि आपकी परचेजिंग पावर बनी रहे. 

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30 साल का कैलकुलेशन: कितना निकालेंगे और कितना बचेगा फंड?

ऊपर दिए आंकड़ों और मान्यताओं (Assumption) के हिसाब से अगर आप अगले 30 साल तक हर महीने पैसे निकालते रहें, तो : 

  • 30 साल में आपके द्वारा कुल निकाली गई रकम करीब 3.98 करोड़ रुपये होगी.

  • इस दौरान आपकी पूंजी पर मिला रिटर्न करीब 3.97 करोड़ रुपये होगा. 

  • इस कैलकुलेशन के हिसाब से आपके पास 30 साल तक लगातार पैसे निकालने के बाद भी करीब 98.68 लाख रुपये का फंड बचा रहेगा.

  • महंगाई को एडजस्ट करने पर इस फंड की असली वैल्यू (Inflation adjusted value) करीब 22.83 लाख रुपये होगी.

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यानी हर महीने महंगाई को एडजस्ट करते हुए पैसे निकालने के बावजूद 30 साल बाद भी आपकी पूंजी पूरी तरह खत्म नहीं होगी. अगर आपको लगता है कि 30 साल बाद बचने वाली 22.83 लाख रुपये की इनफ्लेशन एडजस्टेड वैल्यू कम है और इससे ज्यादा पूंजी की सुरक्षा चाहिए, तो आपको अपनी हर महीने निकालने वाली रकम में थोड़ी कमी करनी पड़ेगी. 

मिसाल के तौर पर अगर आप 50 हजार रुपये की जगह हर महीने 40 हजार रुपये निकालने से शुरुआत करेंगे तो ऊपर दिए उदाहरण में बाकी सारी चीजें वैसे ही रखने पर 30 साल बाद आपके पास 4.28 करोड़ रुपये का कॉर्पस बचेगा, जिसकी इनफ्लेशन एडजस्टेड वैल्यू करीब 99 लाख रुपये होगी. 

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 4%, 5% या 6% - हर साल कितने पैसे निकालना सही है?

रिटायरमेंट के लिए SWP शुरू करते समय यह तय करना जरूरी है कि हर साल आपको अपने कॉर्पस का कितने प्रतिशत हिस्सा निकालना चाहिए. यानी निकासी दर (Withdrawal Rate) क्या हो. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आपके निवेश से 10% सालाना रिटर्न मिल रहा है और आप 6% निकाल रहे हैं, तो आपकी पूंजी पर 4% का नेट ग्रोथ बना रहेगा. यानी निकासी दर जितनी कम होगी, नेट ग्रोथ उतनी बेहतर रहेगी.

आमतौर पर 4% निकासी को कंजर्वेटिव (Conservative) माना जाता है, जिससे पूंजी को लंबे समय तक बचाने और बढ़ाने में मदद मिलती है. 5% निकासी दर मॉडरेट (Moderate) मानी जाती है, जिसमें जरूरत और सुरक्षा का बैलेंस होता है. वहीं, 6% निकासी दर को एग्रेसिव (Aggressive) माना जाता है, जिसमें हर महीने होने वाली इनकम ज्यादा रहती है, लेकिन अंत में बचने वाला कॉर्पस कम होने का रिस्क बढ़ जाता है.

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रिटायरमेंट के लिए SWP क्यों है बेहतर विकल्प?

SWP रिटायरमेंट के लिए काफी प्रेडिक्टेबल और फ्लेक्सिबल ऑप्शन है. इसमें आप अपनी जरूरत के हिसाब से निकाली जाने वाली रकम को बढ़ा या घटा सकते हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि इसमें आपके हाथ में कंट्रोल रहता है कि कब और कितने पैसे निकालने हैं. अगर आप रिटायर हैं और हर महीने फिक्स इनकम चाहते हैं, तो SWP एक बेहतर तरीका साबित हो सकता है, बशर्ते इसके लिए सही अनुमानों के आधार पर पक्की प्लानिंग की जाए.

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