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यह नई दरें 15 दिसंबर से लागू होंगी और यह फैसला RBI द्वारा रेपो रेट में की गई कटौती के अनुरूप लिया गया है. (Image : Reuters)
SBI reduces lending rates after RBI rate cut : महंगाई और ब्याज दरों के मोर्चे पर राहत के संकेतों के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ी खुशखबरी दी है. RBI द्वारा रेपो रेट में 0.25% की कटौती के बाद देश के सबसे बड़े बैंक ने तुरंत असर दिखाते हुए लोन की ब्याज दरों में कमी का ऐलान कर दिया है. इस फैसले से खासतौर पर होम लोन और अन्य रिटेल लोन लेने वालों की EMI घट सकती है.
EBLR में 25 bps की कटौती
शुक्रवार को SBI ने रेपो रेट से जुड़े बाहरी बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) को 8.15% से घटाकर 7.90% कर दिया है. बैंक की यह नई दरें 15 दिसंबर से लागू होंगी. जिन ग्राहकों के लोन EBLR से जुड़े हैं, उन्हें इस कटौती का फायदा तुरंत मिलेगा, क्योंकि ऐसे लोन सीधे RBI के रेपो रेट से लिंक होते हैं.
आमतौर पर जब RBI रेपो रेट घटाता है, तो बैंक पहले EBLR आधारित लोन की ब्याज दरों में बदलाव करते हैं. वहीं MCLR से जुड़े लोन की दरों में इसका असर धीरे-धीरे देखने को मिलता है. इसी क्रम में SBI ने MCLR में भी राहत दी है.
MCLR में 5 bps की कटौती
SBI ने ओवरनाइट से लेकर तीन साल की अवधि तक सभी MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है. इसका फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा, जिनके होम लोन, ऑटो लोन या अन्य कर्ज MCLR से जुड़े हैं, हालांकि उनकी EMI में कमी कुछ समय बाद दिखेगी.
SBI ने FD रेट भी बदले
बैंक ने केवल लोन ही नहीं, बल्कि जमा दरों में भी मामूली बदलाव किया है. SBI ने 3 करोड़ रुपये से कम की रिटेल टर्म डिपॉजिट पर, खासकर 2 साल से कम 3 साल की अवधि वाली एफडी पर ब्याज दर 5 बेसिस प्वाइंट घटाई है. आम तौर पर जमा दरों में बदलाव कुछ देरी से लागू होता है, जबकि लोन की दरें जल्दी एडजस्ट हो जाती हैं.
कुल मिलाकर, SBI का यह कदम कर्ज लेने वालों के लिए राहत लेकर आया है, जबकि FD निवेशकों पर इसका असर सीमित रहेगा. आने वाले दिनों में दूसरे बैंक भी RBI के रेपो रेट कट के बाद इसी तरह ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं.
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