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Sebi on Digital Gold : डिजिटल गोल्ड को रेगुलेट करने का कोई इरादा नहीं, सेबी चीफ का बड़ा बयान

Sebi Big Update on Digital Gold : सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा है कि डिजिटल गोल्ड को अपने रेगुलेटरी दायरे में लाने की उनकी कोई योजना नहीं है. ऐसे में सोने में निवेश के क्या हैं सुरक्षित विकल्प?

Sebi Big Update on Digital Gold : सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा है कि डिजिटल गोल्ड को अपने रेगुलेटरी दायरे में लाने की उनकी कोई योजना नहीं है. ऐसे में सोने में निवेश के क्या हैं सुरक्षित विकल्प?

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FE Hindi Desk
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Sebi chief statement on digital gold regulation

Sebi Big Update on Digital Gold : सेबी ने डिजिटल गोल्ड के रेगुलेशन पर अपना रुख साफ किया, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह : (File Photo : Reuters)

Sebi chairman Tuhin Kanta Pandey on Digital Gold : डिजिटल गोल्ड में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर आई है. मार्केट रेगुलेटर सेबी ने साफ कहा है कि डिजिटल गोल्ड को रेगुलेट करने की वह फिलहाल उसकी कोई योजना नहीं है. पीटीआई के मुताबिक सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने साफ किया है कि डिजिटल गोल्ड को रेगुलेट करना उनके दायरे से बाहर है. ऐसे में निवेशकों को इनमें निवेश करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है.

डिजिटल गोल्ड सेबी के दायरे से बाहर : सेबी

सेबी (Sebi) चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम (National Conclave on REITs and InvITs-2025) के दौरान कहा कि डिजिटल या ई-गोल्ड से जुड़े प्रोडक्ट्स सेबी के तहत नहीं आते. उन्होंने कहा, “डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) न तो सिक्योरिटी के रूप में नोटिफाइड है और न ही कमोडिटी डेरिवेटिव के रूप में रेगुलेट होता है. इसलिए यह सेबी के दायरे से बाहर है.” 

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कुछ दिन पहले ही डिजिटल गोल्ड इंडस्ट्री ने मांग की थी कि सेबी डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेशन के दायरे में लाए, ताकि निवेशकों को सुरक्षा मिल सके. लेकिन अब सेबी ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उसका ऐसा कोई इरादा नहीं है.

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निवेशकों के लिए सेबी की चेतावनी

सेबी ने इस महीने की शुरुआत में इन्वेस्टर्स को डिजिटल या ई-गोल्ड प्रोडक्ट्स में इन्वेस्ट करने के खिलाफ आगाह करते हुए कहा था कि ऐसे इंस्ट्रूमेंट्स उसके रेगुलेटरी फ्रेमवर्क से बाहर हैं. सेबी ने चेतावनी दी थी कि "ऐसे डिजिटल गोल्ड प्रोडक्ट्स इन्वेस्टर्स के लिए काफी रिस्की हो सकते हैं."

सेबी ने यह चेतावनी भरा बयान यह देखते हुए दिया था कि कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘डिजिटल गोल्ड’ या ‘ई-गोल्ड’ प्रोडक्ट्स को फिजिकल गोल्ड का आसान विकल्प बताकर  प्रमोट कर रहे हैं, जबकि इसमें किसी तरह की रेगुलेटरी सुरक्षा मौजूद नहीं है. यानी अगर कोई धोखा या नुकसान होता है, तो सेबी निवेशकों की मदद नहीं कर पाएगा.

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Sebi ने साफ किया था कि ऐसे डिजिटल गोल्ड प्रोडक्ट्स उसके द्वारा रेगुलेटेड गोल्ड प्रोडक्ट्स से अलग हैं, क्योंकि उन्हें न तो सिक्योरिटीज के तौर पर नोटिफाई किया गया है और न ही कमोडिटी डेरिवेटिव्स के तौर पर रेगुलेटेड किया जाता है. ऐसे में रेगुलेटेड सिक्योरिटीज के लिए उपलब्ध इन्वेस्टर प्रोटेक्शन मैकेनिज्म या सुविधाएं अनरेगुलेटेड डिजिटल गोल्ड स्कीम्स के लिए लागू नहीं हैं. 

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गोल्ड इनवेस्टमेंट के सुरक्षित विकल्प क्या हैं?

सेबी का कहना है कि अगर निवेशकों को रेगुलेटेड एसेट्स के जरिये सोने में निवेश करना है, तो वे म्यूचुअल फंड के गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF), एक्सचेंज-ट्रेडेड कमोडिटी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट और स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाले इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट जैसे सेबी-रेगुलेटेड इंस्ट्रूमेंट में इन्वेस्ट कर सकते हैं. सेबी के मुताबिक इन एसेट्स में रजिस्टर्ड इंटरमीडियरीज के जरिए निवेश किया जाता है और इन पर निवेशक सुरक्षा के नियम भी लागू रहते हैं. यानी अगर आप गोल्ड में सुरक्षित तरीके से निवेश करना चाहते हैं, तो डिजिटल गोल्ड के बजाय रेगुलेटेड विकल्प चुनना बेहतर है.

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