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AMFI report on SIP : नवंबर 2025 तक एसआईपी फोलियो की कुल संख्या लगभग 8 करोड़ थी. (Freepik)
Long-term wealth creation through SIP : पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड में SIP निवेश ने भारत के वित्तीय बाजार की तस्वीर ही बदल दी है. AMFI के ताजा आंकड़े दिखाते हैं कि लोग अब सिर्फ शॉर्ट-टर्म गेन नहीं, बल्कि लंबी अवधि की संपत्ति बनाने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं. मार्च 2025 तक 5 साल से अधिक समय तक चलने वाले SIP निवेश में तेज उछाल देखने को मिला है, जो निवेशकों की बढ़ती समझ और अनुशासन का स्पष्ट संकेत है.
इसके साथ ही म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) इंडस्ट्री में 53 मिलियन से ज्यादा यूनिक निवेशक जुड़ चुके हैं, जिनमें महिलाओं की भागीदारी 25.91% तक पहुंच गई है. जो यह दर्शाता है कि भारत में महिलाएं भी अब वित्तीय फैसलों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.
जियोब्लैकरॉक एएमसी के चीफ क्लाइंट ऑफिसर, कोमल नारंग का कहना है कि सबसे खास बात यह है कि अब SIP सिर्फ इक्विटी फंड तक सीमित नहीं, बल्कि हाइब्रिड और डेट फंड्स में भी निवेश का रुझान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निवेशकों का पोर्टफोलियो और भी संतुलित हो रहा है. लोगों की बचत की आदतों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है.
SIP फोलियो: तेजी से बढ़ता चलन
एसआईपी खाते (फोलियो) एक खास पहचान संख्या होती है, जो तब बनती है जब कोई निवेशक किसी म्यूचुअल फंड योजना में एसआईपी के लिए रजिस्टर करता है. पिछले 10 सालों में, भारत में एसआईपी फोलियो की संख्या तेजी से बढ़ी है.
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2025 तक एसआईपी फोलियो की कुल संख्या लगभग 8 करोड़ थी, जो पिछले सालों की तुलना में एक मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है.
इस उछाल का मुख्य कारण वित्तीय साक्षरता में बढ़ोतरी, डिजिटल पहुंच, और फंड हाउस द्वारा आसान ऑनबोर्डिंग प्रक्रियाएं हैं.
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इसके पीछे प्रमुख कारण
• डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऐप्स की मदद से एसआईपी अकाउंट खोलना और मैनेज करना बेहद आसान हो गया है.
• एम्फी (AMFI) और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं.
• सिर्फ 500 रुपये प्रति माह से भी एसआईपी शुरू होने की सुविधा ने नए निवेशकों के लिए रास्ता आसान बना दिया है.
SIP के जरिए निवेश में लगातार बढ़ोतरी
एसआईपी फोलियो बढ़ने के साथ-साथ, एसआईपी के जरिए आने वाला पैसा (इनफ्लो) भी तेजी से बढ़ा है. एम्फी के अनुसार, 2025 खत्म होते होते मंथली एसआईपी निवेश 18,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जबकि 2 साल पहले यह सिर्फ 12,500 करोड़ रुपये था.
इसका मतलब है कि साल भर में 2.16 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक एसआईपी के माध्यम से निवेश किया जा रहा है, जो यह साबित करता है कि लोगों की बचत और निवेश की आदतें मजबूत हो रही हैं.
AMFI के अनुसार कुछ महत्वपूर्ण ट्रेंड
• 5 साल से अधिक समय तक चलने वाले एसआईपी निवेश में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है (मार्च 2020 के मुकाबले मार्च 2025 में). इससे पता चलता है कि लोग अब लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.
• मार्च 2025 तक म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में 53,420,840 यूनिक निवेशक थे. इनमें से 25.91% (13,840,740) महिलाएं थीं.
यह मार्च 2024 के 24.2% के मुकाबले काफी अच्छी ग्रोथ है, जो बताता है कि महिलाओं में वित्तीय जागरूकता और आर्थिक स्वतंत्रता लगातार बढ़ रही है.
• एसआईपी के जरिए सबसे अधिक निवेश इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में होता है, लेकिन अब हाइब्रिड और डेट फंड फोलियो में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है.
निवेशकों और इंडस्ट्री के लिए मायने
कोमल नारंग का कहना है कि एसआईपी खातों और निवेशों की इस तेजी से हो रही ग्रोथ के दूरगामी प्रभाव हैं. यह नियमित बचत की आदत को बढ़ावा देता है, निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाता है, और लंबे समय के लिए निवेश करने की सोच को प्रोत्साहित करता है.
उनका कहना है कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए, एसआईपी से लगातार आ रहा पैसा लिक्विडिटी और स्थिरता प्रदान करता है, जिससे बाजार की अस्थिरता का खतरा कम होता है. एसआईपी का बढ़ता आधार यह भी दर्शाता है कि अब छोटे शहरों (टियर II और टियर III) तक भी निवेश की पहुंच बढ़ रही है, जिससे वेल्थ क्रिएशन के विकल्प आम लोगों तक पहुंच रहे हैं.
निष्कर्ष
भारत में एसआईपी फोलियो और निवेश में तेजी से बढ़ोतरी यह दिखाती है कि देश की वित्तीय आदतें बदल रही हैं, लोग ज्यादा अनुशासित, समझदार और भविष्य को लेकर आशावादी हो रहे हैं. जैसे-जैसे रिटेल निवेशकों में एसआईपी की लोकप्रियता बढ़ रही है, भारत का निवेश माहौल और मजबूत होता जा रहा है, जिससे वित्तीय समावेशन और लक्ष्य आधारित निवेश को बढ़ावा मिलेगा.
(नोट : म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं. इसलिए निवेश के पहले अपने स्तर पर एक्सपर्ट की राय लें, और योजना से संबंधित सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें.)
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