scorecardresearch

सोना अभी और चमकेगा, ग्लोबल उथल पुथल के बीच 2026 में शेयर बाजार बना रहेगा मजबूत : Report

Indian Stock Market Outlook 2026 : जब दुनिया बढ़ती जियो-पॉलिटिकल टेंशन और आर्थिक अनिश्चितता से जूझ रही है, तभी भारत के वित्तीय बाजार (Capital Markets) दुनिया के सबसे मजबूत बाजारों में बने रहने की उम्मीद है.

Indian Stock Market Outlook 2026 : जब दुनिया बढ़ती जियो-पॉलिटिकल टेंशन और आर्थिक अनिश्चितता से जूझ रही है, तभी भारत के वित्तीय बाजार (Capital Markets) दुनिया के सबसे मजबूत बाजारों में बने रहने की उम्मीद है.

author-image
Sushil Tripathi
New Update
2026 stock market outlook, Investment strategy 2026, Share market outlook India 2026, Sectoral rotation 2026, Stock picking strategy, Best stocks to buy in 2026

Gold Outlook : भारत में यानी डोमेस्टिक लेवल पर इस साल सोने की कीमतें 60% बढ़ीं, जिसमें रुपया कमजोर होने का भी असर शामिल था. (Image : Freepik)

India equity market forecast : जब दुनिया बढ़ती जियो-पॉलिटिकल टेंशन और आर्थिक अनिश्चितता से जूझ रही है, तभी भारत के वित्तीय बाजार दुनिया के सबसे मजबूत बाजारों में बने रहने की उम्मीद है. हाल ही में जारी कोटक सिक्योरिटीज मार्केट आउटलुक 2026 के अनुसार, भारतीय इक्विटी मार्केट में आगे भी तेजी जारी रह सकती है. इसका मुख्य कारण है - मजबूत कॉर्पोरेट अर्निंग, घरेलू निवेशकों का लगातार निवेश और सरकार का अनुकूल नीतिगत माहौल. सोना, जिसने पहले ही रिकॉर्ड रिटर्न दिया है, आगे भी और ज्यादा चमक सकता है क्योंकि दुनिया भर के निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं.

ICICI Pru AMC IPO : आईपीओ के साथ क्या है अच्छा और क्या हैं रिस्क, निवेश के पहले जरूर समझ लें वैल्युएशन

Advertisment

कोटक सिक्योरिटीज के एमडी एंड सीईओ श्रीपाल शाह का कहना है कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ग्रोथ का मजबूत केंद्र बना हुआ है. हमारी इक्विटी (Stock Market) पर राय पॉजिटिव है, क्योंकि कॉर्पोरेट अर्निंग अच्छी रहने की उम्मीद है और नीतिगत माहौल भी सहयोगी है. 2026 में सोना एक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में अपनी चमक बनाए रखेगा. युवा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से बाजार और मजबूती पकड़ेगा और वेल्थ क्रिएशन के नए अवसर पैदा होंगे.  

इंडस्ट्री के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि लेटेस्ट सेबी (SEBI) सर्वे के अनुसार, 63% परिवार कम से कम एक सिक्योरिटीज मार्केट प्रोडक्ट के बारे में जानते हैं, लेकिन सिर्फ 9.5% परिवार ही वास्तव में निवेश करते हैं. इसका मतलब है कि भारत के इक्विटी बाजार में अभी भी बहुत बड़ा अनछुआ संभावित हिस्सा मौजूद है. ब्रोकरेज फर्मों को आगे आकर निवेश को आसान और सभी के लिए सुलभ बनाना चाहिए.

रिस्‍क ले सकते हैं? या बिल्‍कुल नहीं, आपके पास किस तरह की हेनी चाहिए म्‍यूचुअल फंड स्‍कीम

इक्विटी मार्केट : अगली तेजी के लिए पॉजिटिव माहौल

· भारतीय शेयर बाजार में सितंबर 2024 की ऊंचाइयों से 17% की गिरावट आई थी, लेकिन निफ्टी 50 ने 2025 के अंत तक एक नया आल टाइम हाई लेवल हासिल कर लिया.
· लार्ज-कैप कंपनियों के शेयरों ने सबसे ज्यादा बढ़त दिखाई, जबकि मिड-कैप और स्मॉल-कैप पीछे रह गए.
· ऑटोमोबाइल, बैंक और मेटल सेक्टर ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि आईटी और FMCG सेक्टर कमजोर रहे.
· घरेलू निवेशकों ने लगातार FPI (विदेशी पोर्टफोलियो निवेश) की बिकवाली के बावजूद बाजार को संभाले रखा, जिससे भारतीय इक्विटी मार्केट पर भरोसा मजबूत हुआ.
· IPO और अन्य प्राइमरी मार्केट गतिविधियां मजबूत रहीं, जिससे निवेशकों का उत्साह और भारतीय बाजार का लचीलापन साफ दिखाई दिया.

SIP Miracle : 30 साल में 23% CAGR का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड, 7 लाख का कुल निवेश बन गया 5 करोड़ से ज्यादा

निफ्टी आउटलुक और टारगेट

निफ्टी की अर्निंग का अनुमान और मजबूत हुआ है. उम्मीद है कि निफ्टी का मुनाफा FY27 में 17.6% और FY28 में 14.8% बढ़ेगा. 

बेस केस : दिसंबर 2026 तक निफ्टी के 29,120 तक पहुंचने का अनुमान है. यह मानते हुए कि FY28 की अनुमानित EPS 1,456 रुपये पर निफ्टी का P/E अनुपात 20.0 रहेगा.  

बुल केस : निफ्टी का लक्ष्य 32,032 तक जा सकता है (P/E 22.0).
 
बियर केस : नीचे जाने वाली स्थिति में निफ्टी 26,208 तक आ सकता है (P/E 18.0). 

CY26 के लिए पसंदीदा सेक्टर

BFSI (बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज)
टेक्नोलॉजी
हेल्थकेयर
हॉस्पिटैलिटी

पोस्ट ऑफिस MIS : सिर्फ एक बार निवेश करें और हर महीने पाएं फिक्स मुनाफा, क्या हैं नियम

कमोडिटीज : गोल्‍ड और सिल्‍वर में जारी रहेगी तेजी 

· 2025 में सोने (Gold) ने मजबूत प्रदर्शन किया, इसकी कीमत 55% से ज्यादा बढ़ी और 4,000 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई.  इसका कारण था, वैश्विक अनिश्चितता, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और सेंट्रल बैंकों की बड़ी खरीदारी.  

· भारत में यानी डोमेस्टिक लेवल पर सोने की कीमतें 60% बढ़ीं, जिसमें रुपया कमजोर होने का भी असर शामिल था.

· इस साल चांदी ने सोने से भी बेहतर किया, और 100% तक बढ़त दर्ज की. इसकी वजह थी सेफ-हेवन मांग, सप्लाई की कमी, और स्ट्रक्चरल मुद्दे, हालांकि इंडस्ट्रियल टैक्स से जुड़ी चुनौतियां बनी रहीं.

· क्रूड ऑयल की कीमतों में 19% गिरावट आई, क्योंकि सप्लाई ज्यादा थी और जियो-पॉलिटिकल घटनाओं का असर कम हो गया. इससे 2026 के लिए आयल मार्केट में सतर्कता का माहौल बन गया.

· कॉपर और एल्युमिनियम जैसे बेस मेटल मजबूत बने रहे, क्योंकि इलेक्ट्रिफिकेशन की बढ़ती मांग, सप्लाई में कमी और स्ट्रक्चरल टाइटनेस ने इन्हें सहारा दिया, हालांकि कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है.

(Disclaimer: यहां बाजार के आउटलुक पर ब्रोकरेज हाउस के हवाले से जानकारी दी गई है. निवेश को लेकर सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई है. यह फाइनेंशियल एक्सप्रेस के निजी विचार नहीं है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेशके पहले एक्सपर्ट की राय लें.)

Stock Market Gold