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Latest AUM Comparison of Big 10 Mutual Funds : टॉप 10 फंड में एसबीआई, एचडीएफसी और निप्पॉन एएमसी, सभी की 2 स्कीम है. Photograph: (Image : Pixabay)
Highest AUM Mutual Funds in India : एयूएम एक प्रमुख मीट्रिक है जिसका उपयोग किसी फंड या पोर्टफोलियो के साइज और उसके प्रदर्शन का आकलन करने के लिए किया जाता है. अगर किसी फंड का एयूएम (Mutual Fund AUM) अधिक है तो इसका मतलब है कि उसमें निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और भारी संख्या में निवेशक पैसे लगा रहे हैं. हाई एयूएम किसी फंड की ओर से बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्लो, क्वालिटी और मैनेजमेंट का संकेत देते हैं. ऐसे में आप जानना चाहेंगे कि AUM के आधार पर टॉप 10 फंड कौन कौन से हैं और उनका एसेट्स कितना है.
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AUM : टॉप 10 फंड (बिलियन रुपये में)
Parag Parikh Flexi Cap Fund : 1,258 बिलियन रुपये
HDFC Flexi Cap Fund : 910 बिलियन रुपये
HDFC Mid Cap Fund : 894 बिलियन रुपये
ICICI Pru Large Cap Fund : 759 बिलियन रुपये
Nippon India Small Cap Fund : 690 बिलियन रुपये
Kotak Midcap Fund : 604 बिलियन रुपये
ICICI Pru Value Fund : 579 बिलियन रुपये
Kotak Flexi Cap Fund : 560 बिलियन रुपये
SBI Large Cap Fund : 547 बिलियन रुपये
Nippon India Multi Cap Fund : 493 बिलियन रुपये
SBI Contra Fund : 492 बिलियन रुपये
(सोर्स : मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज मंथली रिपोर्ट)
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इंडस्ट्री AUM 79.9 लाख करोड़ रुपये
म्यूचुअल फंड (MF) इंडस्ट्री का कुल AUM (Mutual Fund Industry AUM) लगातार दूसरे महीने बढ़कर अक्टूबर 2025 में 79.9 लाख करोड़ रुपये हो गया और इसमें मंथली बेसिस पर 5.6% बढ़ोतरी रही है. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से इन कैटेगरी में AUM बढ़ने के कारण हुई : इक्विटी फंड (1,597 अरब रुपये), लिक्विड फंड (1,119 अरब रुपये), इनकम फंड (624 अरब रुपये), अन्य ETFs (427 अरब रुपये), और बैलेंस्ड फंड (292 अरब रुपये).
डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स का इक्विटी AUM (ELSS और इंडेक्स फंड्स सहित) अक्टूबर 2025 में 4.3% MoM बढ़कर 38.4 लाख करोड़ रुपये हो गया. इसकी मुख्य वजह मार्केट इंडेक्स में बढ़त रही है. हालांकि, अक्टूबर में इक्विटी स्कीम्स की बिक्री मंथली बेसिस पर 3.2% घटकर 731 अरब रुपये रह गई. इसी दौरान रेडेम्प्शन मंथली बेसिस पर 6.9% बढ़कर 465 अरब रुपये हो गया. (सोर्स : मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज मंथली रिपोर्ट)
सेक्टर और स्टॉक एलोकेशन में बड़े बदलाव
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर महीने में म्यूचुअल फंड्स के सेक्टर और स्टॉक एलोकेशन में बड़े बदलाव देखने को मिले. मंथली बेसिस पर (MoM) टेक्नोलॉजी, NBFCs, ऑयल एंड गैस, PSU बैंक, टेलीकॉम और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स का वेट बढ़ा, जबकि ऑटोमोबाइल, यूटिलिटीज, सीमेंट, केमिकल्स और टेक्सटाइल सेक्टर का वेट घटा है.
टेक्नोलॉजी सेक्टर का वेट सितंबर 2025 में 67 महीने के निचले स्तर पर था. अक्टूबर 2025 में यह बढ़कर 7.6% हो गया (+10bp MoM, -130bp YoY)।
NBFC सेक्टर का वेट बढ़कर अक्टूबर 2025 में 21 महीने के उच्च स्तर यानी 5.9% पर पहुंच गया (+10bp MoM; +60bp YoY).
ऑयल एंड गैस सेक्टर का वेट लगातार दूसरे महीने बढ़कर अक्टूबर 2025 में चार महीने के हाई यानी 5.9% पर रहा (+10bp MoM; YoY स्थिर).
ऑटोमोबाइल सेक्टर का वेट तीन महीने की बढ़त के बाद अक्टूबर 2025 में घटकर 8.3% हो गया (-40bp MoM; -20bp YoY).
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किन सेक्टर्स में हिस्सेदारी ज्यादा और कम
जिन सेक्टर्स में म्यूचुअल फंड (MF) की हिस्सेदारी BSE 200 की तुलना में 1% या उससे ज्यादा ज्यादा है, उनमें शामिल हैं : हेल्थकेयर (16 फंड्स ने ज्यादा निवेश किया), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (11 फंड्स), केमिकल्स (10 फंड्स), NBFCs (9 फंड्स), और कैपिटल गुड्स (8 फंड्स).
जिन सेक्टर्स में MF की हिस्सेदारी BSE 200 की तुलना में 1% या उससे ज्यादा कम है, वे हैं : ऑयल एंड गैस (17 फंड्स ने कम निवेश किया), कंज्यूमर (17 फंड्स), प्राइवेट बैंक (16 फंड्स), यूटिलिटीज (13 फंड्स), और टेक्नोलॉजी (11 फंड्स).
वैल्यू में बढ़ोतरी वाले टॉप और बॉटम 5 स्टॉक
वैल्यू बढ़ोतरी (MoM) के आधार पर, टॉप 10 स्टॉक्स में से 4 बैंकिंग सेक्टर के रहे : HDFC Bank (+130 बिलियन रुपये), Axis Bank (+75 बिलियन रुपये), SBI (+64 बिलियन रुपये), और Kotak Mahindra Bank (+44.8 बिलियन रुपये).
वहीं जिन स्टॉक्स में सबसे ज्यादा MoM गिरावट देखी गई, वे थे : SKF India (-29.9 बिलियन रुपये), Coal India (-16.2 बिलियन रुपये), Eternal (-15.6 बिलियन रुपये), Avenue Supermarts (-15.4 बिलियन रुपये), और NTPC (-13.5 बिलियन रुपये).
(नोट : यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है. यह निवेश की सलाह नहीं है. किसी भी फंड का एसेट्स भविष्य में कम या ज्यादा हो सता है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश के पहले एक्सपर्ट की सलाह लें.)
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