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Top 5 Multi Asset Allocation Funds : टॉप 5 मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने 1, 3 और 5 साल में आकर्षक रिटर्न दिए हैं. (AI Generated Image)
Top 5 Multi Asset Allocation Funds : अगर आप अपने इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो को बैलेंस्ड और डायवर्सिफाइड रखने के लिए शेयर, डेट और गोल्ड समेत अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करना चाहते हैं, तो मल्टी एसेट एलोकेशन फंड इसका सबसे आसान तरीका है. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको एक ही स्कीम में कई एसेट क्लास में एक्सपोजर मिल जाता है. वो भी कम खर्च में. पिछले 1, 3 और 5 साल के दौरान मल्टी एसेट एलोकेशन फंड कैटेगरी ने हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स (Hybrid Mutual Funds) की किसी भी दूसरी कैटेगरी से बेहतर रिटर्न दिया है. आइए एक नजर डालते हैं इस कैटेगरी के 1, 3 और 5 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले टॉप 5 फंड्स पर.
टॉप 5 मल्टी एसेट फंड्स का 1, 3 और 5 साल का प्रदर्शन
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने पिछले एक साल में औसतन 12.78% रिटर्न दिया है, जबकि तीन साल में यह औसत 16.67% और 5 साल में 16.59% रहा है. आइए नजर डालते हैं पिछले 1, 3 और 5 साल में इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले टॉप 5 फंड्स के प्रदर्शन पर. सभी आंकड़े इन फंड्स के डायरेक्ट प्लान के हैं. साथ ही हर स्कीम का लेटेस्ट एक्सपेंस रेशियो (Expense Ratio) भी दिया है.
1 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले टॉप 5 फंड
Mahindra Manulife Multi Asset Allocation Fund : 19.56% (एक्सपेंस रेशियो : 0.36 %)
DSP Multi Asset Allocation Fund : 18.98% (एक्सपेंस रेशियो : 0.25 %)
Sundaram Multi Asset Allocation Fund : 18.21% (एक्सपेंस रेशियो : 0.37 %)
WhiteOak Capital Multi Asset Allocation Fund : 18.07% (एक्सपेंस रेशियो : 0.34 %)
Nippon India Multi Asset Allocation Fund : 17.51% (एक्सपेंस रेशियो : 0.28 %)
3 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले टॉप 5 फंड
Quant Multi Asset Allocation Fund : 21.70% (एक्सपेंस रेशियो : 0.63%)
Nippon India Multi Asset Allocation Fund : 20.92% (एक्सपेंस रेशियो : 0.28 %)
UTI Multi Asset Allocation Fund : 20.91% (एक्सपेंस रेशियो : 0.58 %)
ICICI Prudential Multi Asset Allocation Fund : 19.89% (एक्सपेंस रेशियो : 0.69 %)
SBI Multi Asset Allocation Fund : 18.19% (एक्सपेंस रेशियो : 0.62 %)
5 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले टॉप 5 फंड
Quant Multi Asset Allocation Fund : 27.47% (एक्सपेंस रेशियो : 0.63 %)
ICICI Prudential Multi Asset Allocation Fund : 24.28% (एक्सपेंस रेशियो : 0.69 %)
Nippon India Multi Asset Allocation Fund : 18.78% (एक्सपेंस रेशियो : 0.28 %)
Tata Multi Asset Allocation Fund : 17.90% (एक्सपेंस रेशियो : 0.40 %)
UTI Multi Asset Allocation Fund : 16.54% (एक्सपेंस रेशियो : 0.58 %)
(Source : AMFI, Updated till 24 November 2025)
इनमें से ज्यादातर स्कीम का रिस्क लेवल हाई से लेकर वेरी हाई तक है. सिर्फ एक स्कीम (WhiteOak Capital Multi Asset Allocation Fund) का रिस्क लेवल मॉडरेटरी हाई (Moderately High) है. पिछले 1 साल में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड कैटेगरी की किसी भी स्कीम का रिटर्न निगेटिव नहीं रहा है. एक साल में सबसे कम 7.53% रिटर्न श्रीराम मल्टी एसेट एलोकेशन फंड का है. जबकि 3 और 5 साल में किसी भी स्कीम का एनुअल रिटर्न (CAGR) सिंगल डिजिट में नहीं है.
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क्या होते हैं मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स?
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स को हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स की कैटेगरी में ही रखा जाता है. सेबी की गाइडलाइन के अनुसार इन फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में हर वक्त कम से कम तीन एसेट क्लास में 10-10% निवेश बनाए रखना पड़ता है. आम तौर पर ये फंड्स इक्विटी, डेट और गोल्ड में निवेश करते हैं, लेकिन कुछ स्कीम्स में इंटरनेशनल इक्विटी, REITs और InvITs जैसे ऑप्शन भी जोड़े जाते हैं. इन फंड्स में इक्विटी का अलोकेशन 0% से लेकर 70% तक हो सकता है. वहीं, एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स (Aggressive Hybrid Funds) में फंड्स में इक्विटी का हिस्सा 50-65% तक और कंज़र्वेटिव हाइब्रिड फंड्स में 35-50% तक होता है.
क्यों टैक्स एफीशिएंट है ये फंड कैटेगरी
अगर आप गोल्ड (Gold), डेट (Debt) और इक्विटी फंड्स (Equity Funds) में अलग-अलग निवेश करेंगे और हर साल पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करेंगे, तो उस पर आपकी टैक्स देनदारी बन सकती है. टैक्स का ये बोझ आपके ओवरऑल पोस्ट-टैक्स रिटर्न को घटा सकता है. लेकिन मल्टी एसेट फंड्स में ऐसा नहीं होता. फंड मैनेजर पोर्टफोलियो को बैलेंस रखने के लिए जो भी एडजस्टमेंट करे, उस पर आपको कोई टैक्स नहीं देना पड़ता. अगर फंड में इक्विटी एलोकेशन 65% से ज्यादा हो, तो उस पर इक्विटी फंड वाले टैक्सेशन के नियम लागू होंगे, जिससे टैक्स देनदारी और भी कम रहेगी.
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क्या अभी निवेश करना चाहिए?
जब बाजार में ग्लोबल लेवल पर उथल-पुथल और असमंजस का माहौल हो, तो मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स का डाइवर्सिफाइड स्ट्रक्चर निवेशकों को वोलैटिलिटी से बचाता है. ऐसे में ये फंड्स उन निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं, जो एक ही स्कीम के जरिये अलग-अलग एसेट्स में निवेश करके बैलेंस्ड पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं. साथ ही अगर आप अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड को शामिल करना चाहते हैं, तो भी सीधे तौर पर एक्सपोजर लेने की जगह मल्टी एसेट फंड का रास्ता अपना सकते हैं.
रिस्क फैक्टर समझकर फैसला करें
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने हाल के वर्षों में बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन जरूरी नहीं कि भविष्य में भी ऐसा ही प्रदर्शन जारी रहे. फिर भी बाजार के मौजूदा माहौल में अगर आप एक बैलेंस्ड, टैक्स-एफिशिएंट और लो-मेंटेनेंस इनवेस्टमेंट ऑप्शन की तलाश में हैं, तो मल्टी एसेट फंड्स पर विचार कर सकते हैं. हर म्यूचुअल फंड स्कीम की निवेश रणनीति और पोर्टफोलियो अलग होता है, इसलिए निवेश से पहले फंड के स्ट्रक्चर, रिस्क प्रोफाइल और ट्रैक रिकॉर्ड को जरूर समझ लें. इस कैटेगरी की ज्यादातर स्कीम्स का रिस्क लेवल हाई या वेरी हाई है. इसलिए निवेश से पहले अपनी रिस्क लेने की क्षमता को भी ध्यान में रखें.
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, निवेश की सिफारिश करना नहीं. निवेश का कोई भी फैसला सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार की राय लेने के बाद ही करें.)
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