scorecardresearch

UIDAI दे रही है 7.7 लाख रुपये जीतने का मौका, Aadhaar का आईरिस-फेस मैच चैलेंज शुरू

UIDAI Bio Challenge : आधार बनाने वाली संस्था UIDAI ने बायोमेट्रिक चैलेंज के दूसरे चरण के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए हैं. फिंगरप्रिंट के बाद अब आईरिस और फेस मैचिंग तकनीक को बेहतर बनाने के लिए लोगों को इनवाइट किया गया है.

UIDAI Bio Challenge : आधार बनाने वाली संस्था UIDAI ने बायोमेट्रिक चैलेंज के दूसरे चरण के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए हैं. फिंगरप्रिंट के बाद अब आईरिस और फेस मैचिंग तकनीक को बेहतर बनाने के लिए लोगों को इनवाइट किया गया है.

author-image
FE Hindi Desk
New Update
UIDAI Bio Challenge, UIDAI biometric challenge, UIDAI BioChallenge 2025, UIDAI Iris Match Challenge, UIDAI Face Match Challenge, UIDAI biometric SDK benchmarking challenge, Aadhaar biometric challenge, UIDAI registration biochallenge, biochallenge.uidai.gov.in, UIDAI cash prize competition, UIDAI tech challenge India, biometric algorithm age invariance, iris recognition challenge India, face recognition challenge UIDAI, fingerprint challenge UIDAI, IIIT Hyderabad UIDAI challenge, biometric research competition India, UIDAI developer challenge, Aadhaar biometric technology, next generation biometric solutions, UIDAI contest win cash prize, UIDAI बायोमेट्रिक चैलेंज, UIDAI बायो चैलेंज 2025, UIDAI आईरिस मैच चैलेंज, UIDAI फेस मैच चैलेंज, आधार बायोमेट्रिक चैलेंज, UIDAI प्रतियोगिता रजिस्ट्रेशन, बायोचैलेंज UIDAI वेबसाइट, UIDAI कैश प्राइज प्रतियोगिता, आधार तकनीकी चैलेंज, बायोमेट्रिक एल्गोरिदम सुधार, आईरिस पहचान तकनीक, फेस पहचान तकनीक, फिंगरप्रिं

UIDAI के खास बायो लैचेज जीतने पर 7.7 लाख रुपये की कैश प्राइज और संस्था के साथ काम करने का मौका मिलेगा. (Image : X/UIDAI)

UIDAI Bio Challenge, Biometric SDK Benchmarking Competition,  Face and Iris Match Challenge: आधार बनाने वाली संस्था UIDAI ने बायोमेट्रिक चैलेंज के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है. फिंगरप्रिंट के बाद अब अथॉरिटी ने आईरिस और फेस मैचिंग तकनीक को बेहतर बनाने के लिए एक विशेष बायोमेट्रिक चैलेंज लॉन्च किया है. इस चैलेंज में सफल प्रतिभागियों को लाखों रुपये कैश प्राइज मनी जीतने और UIDAI के साथ काम करने का मौका मिलेगा. बायो चैलेंज में हिस्सा लेने के इच्छुक उम्मीदवार UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट biochallenge.uidai.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके लिए विंडो 31 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी.

क्या है UIDAI बायो चैलेंज?

आधार में दर्ज बायोमेट्रिक को परखने और सुरक्षित बनाने के मकसद से शुरूआत किया गया एक खास तरह का चैलेंज है. जिसे UIDAI ने ट्रिपल आईटी हैदराबाद (IIIT-H) के साथ मिलकर इस साल शुरू किया है. यह एक बड़े स्तर की बायोमेट्रिक चैलेंज है.

Advertisment

इस चैलेंज में डेवलपर्स के बायोमेट्रिक एल्गोरिदम जैसे फिंगरप्रिंट, आईरिस या फेस को बड़े और पूरी तरह सुरक्षित, बिना नाम वाले डेटा पर परखा जाता है, ताकि यह देखा जा सके कि वे असली हालात में कितनी तेजी और सटीकता से काम करते हैं. यह डेटा भारत के अलग-अलग इलाकों और हर उम्र के लोगों से जुड़ा होता है, जिससे टेस्टिंग बिल्कुल वास्तविक जैसी होती है.

UIDAI और IIIT-हैदराबाद की इस पहल से डेवलपर्स को अपने सिस्टम की खूबियां और कमियां समझने का मौका मिलता है, यह भी पता चलता है कि उनका समाधान दूसरों के मुकाबले कहां खड़ा है और वे उसे आगे कैसे बेहतर बना सकते हैं. 

यह कॉम्पटिशन कई फेज में कराई जा रही है. पहले फेज में फिंगरप्रिंट चैलेंज कराया गया. अब इसके दूसरे फेज का आगाज हो चुका है.

SDK बेंचमार्किंग चैलेंज क्या है?

SDK बेंचमार्किंग चैलेंज दरअसल एक ऐसा मंच है, जहां रिसर्चर्स और टेक डेवलपर्स अपने बायोमेट्रिक सॉल्यूशंस की असली परीक्षा कर सकते हैं. इसमें भाग लेने वाले लोग अपने बनाए फिंगरप्रिंट, आईरिस या फेस पहचान एल्गोरिदम को UIDAI के एक सुरक्षित सिस्टम (सैंडबॉक्स) में परखते हैं.

Also read : Aadhaar : आधार का एनरोलमेंट है फ्री लेकिन बनाने में कितना आता है खर्च? अपडेशन चार्ज से अधिक या कम

आईरिस मैच चैलेंज

एक्स पर किए पोस्ट में UIDAI ने बायोमेट्रिक चैलेंज की जानकारी साझा करते हुए कहा है कि Iris Match Challenge में हिस्सा लेकर प्रतिभागी 5 से 18 साल के बच्चों में उम्र बढ़ने के बावजूद सटीक बनी रहने वाली आईरिस पहचान तकनीक के विकास में योगदान दे सकते हैं. अथॉरिटी के मुताबिक, इस चुनौती के जरिए प्रतिभागियों को अपनी तकनीकी दक्षता दिखाने का मौका मिलेगा, साथ ही आकर्षक कैश प्राइज जीतने का अवसर भी दिया जा रहा है.

फेस मैच चैलेंज

एक्स पर किए पोस्ट में UIDAI ने लिखा है कि फेस मैच चैलेंज में हिस्सा लेकर पार्टिसिपेंट्स नेक्स्ट जनरेशन बायोमेट्रिक तकनीक के विकास में योगदान दे सकते हैं.

Also read : New Labour Code: 2025:अपॉइंटमेंट लेटर अब बना कानूनी दस्तावेज, जानें कर्मचारियों पर क्या होगा असर

इस चैलेंज में कौन लोग ले सकते हैं हिस्सा और क्या है प्रासेस?

इस चैलेंज में बायोमेट्रिक पहचान तकनीक पर काम कर रहे रिसर्चर या डेवलपर हिस्सा ले सकते हैं.

बायोमेट्रिक टेक्नोलॉजी पर काम करने का एक्सपीरियंस रखने वाले इंडस्ट्री, रिसर्च संस्थान या यूनिवर्सिटी से जुड़े लोग भी पार्टिसिपेट कर सकते हैं. 

रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार द्वारा जारी आईडी देना अनिवार्य होगा, बिना पहचान के किसी को भी हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिलेगी.

पार्टिसिपेंट्स को एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने होंगे, जिसमें यह साफ होगा कि उनके सबमिशन के नतीजे उनके संस्थान या संगठन के नाम से जारी किए जाएंगे, न कि व्यक्तिगत नाम से. साथ ही, जिन व्यक्तियों या संस्थानों की तकनीक पिछले 7 सालों में UIDAI इस्तेमाल कर चुका है या फिलहाल इस्तेमाल कर रहा है, वे उसी एल्गोरिदम के साथ इस चैलेंज में भाग नहीं ले सकते.

चैलेंज के वैल्यूएशन के लिए UIDAI एक इनडिपेन्डेंट कमेटी बनाएगा, जो पार्टिसिपेंट की योग्यता, तकनीकी एक्सपीरियंस और रिकॉर्ड की जांच करेगी.

UIDAI का फैसला सभी प्रतिभागियों के लिए अंतिम और बाध्यकारी होगा. अगर कोई प्रतिभागी रजिस्ट्रेशन के बाद प्रतियोगिता छोड़ देता है, तो UIDAI उसकी जगह किसी दूसरे योग्य उम्मीदवार को मौका दे सकता है.

रजिस्ट्रेशन के बाद कैसे सबमिट करें एल्गोरिदम

  • रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद प्रतिभागी पोर्टल पर लॉगिन कर चैलेंज से जुड़ी जानकारी और फाइल्स डाउनलोड करेंगे.
  • इसके बाद दिए गए गाइडलाइन्स के अनुसार कोड लिखकर डॉकर (Docker) इमेज तैयार करनी होगी.
  • यह फाइल पहले अपने सिस्टम पर टेस्ट की जाएगी और फिर SDK बेंचमार्किंग पोर्टल पर अपलोड की जाएगी.
  • इसके बाद UIDAI के सुरक्षित सिस्टम में उस कोड को चलाकर अंतिम मूल्यांकन किया जाएगा.

बायो चैलेंज का पहला फेज हाल ही में हुआ पूरा

इसी महीने बायोमेट्रिक चैलेंज का पहला चरण पूरा हुआ है. 12 दिसंबर को नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में UIDAI ने फिंगरप्रिंट चैलेंज के विजेताओं के सम्मान समारोह के साथ फिंगरप्रिंट मोडैलिटी के लिए बायोमेट्रिक SDK बेंचमार्किंग चैलेंज 2025 का औपचारिक समापन किया. इसी कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि जल्द ही बायो चैलेंज के दूसरे चरण की शुरुआत की जाएगी. फिंगरप्रिंट चैलेंज के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 25 मार्च से 25 मई के बीच चली थी और इसके नतीजे 12 दिसंबर को घोषित किए गए.

पहले चरण में UIDAI बायो चैलेंज (Biometric SDK Benchmarking Challenge) का फोकस फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन पर था. इसमें 5 से 10 साल के बच्चों के फिंगरप्रिंट डेटा के आधार पर 1:1 मैचिंग एल्गोरिदम को परखा गया, ताकि यह समझा जा सके कि 5–10 साल बाद भी पहचान प्रणाली कितनी प्रभावी रहती है.

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में डेटा पूरी तरह सुरक्षित और गुमनाम (Anonymized) रहेगा और प्रतिभागियों के साथ कोई कच्चा डेटा साझा नहीं किया जाएगा. इस प्रतियोगिता में दुनिया भर के रिसर्चर्स और डेवलपर्स को भाग लेने का मौका दिया गया है, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों से जुटाए गए डेटा के जरिए अपने बायोमेट्रिक मॉडल को बेहतर बना सकें.

पहले चरण में विजेताओं के लिए 7.7 लाख रुपये का कैश प्राइज तय किया गया था और UIDAI के साथ मिलकर तकनीक पर काम करने का अवसर देने की बात भी कही गई थी.

अब फिंगरप्रिंट के बाद आईरिस और फेस ऑथेंटिकेशन पर केंद्रित SDK बेंचमार्किंग चैलेंज शुरू किया गया है. रजिस्ट्रेशन और पूरी जानकारी UIDAI की वेबसाइट और biochallenge.uidai.gov.in पर उपलब्ध है.

Also read : Aadhaar Online Services : आधार कार्ड में ऑनलाइन क्या कर सकते हैं बदलाव, क्या नहीं? UIDAI ने दी जानकारी

आधार से जुड़ी अहम जानकारी

आज आधार भारत में डिजिटल गवर्नेंस और डिजिटल समावेशन का एक मजबूत आधार बन चुका है. रोजाना करीब 9 करोड़ ऑथेंटिकेशन ट्रांजैक्शन आधार के जरिए किए जा रहे हैं, जिससे लोग विभिन्न सरकारी और निजी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं. 29 सितंबर 2010 से लेकर अब तक 143 करोड़ से अधिक आधार नंबर जारी किए जा चुके हैं. हाल ही में सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि UIDAI के डेटाबेस में किसी तरह की डेटा सेंधमारी नहीं हुई है. आधार को दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली बताया गया है, जिसके करीब 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक हैं और अब तक 16,000 करोड़ से ज्यादा प्रमाणीकरण लेनदेन पूरे किए जा चुके हैं.

Aadhaar Uidai Aadhaar Card