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अवैध घुसपैठ और फर्जी पहचान को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच UIDAI ने आधार जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त किया है. (AI Generated Image)
Wrong Date of Birth in Aadhaar Can Lead to Legal Trouble : अगर आप यह मानते हैं कि आधार बनवाते समय जन्मतिथि में थोड़ी बहुत हेराफेरी कोई बड़ी बात नहीं है, तो सतर्क हो जाइए. UIDAI ने स्पष्ट कर दिया है कि आधार में गलत जानकारी देना, खासकर जन्मतिथि से जुड़ी गड़बड़ी, अब सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि कानूनी अपराध भी बन सकता है. इतना ही नहीं, अगर माता-पिता ने अपने बच्चे का आधार जानबूझकर गलत जन्मतिथि के साथ बनवाया है, तो उनके खिलाफ FIR दर्ज होने तक की कार्रवाई हो सकती है.
UIDAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भुवनेश कुमार ने हाल ही में इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जन्मतिथि जैसी बुनियादी जानकारी में जानबूझकर गलत विवरण देना गंभीर मामला है. उन्होंने एक उदाहरण का भी जिक्र किया, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बच्चे की जन्मतिथि में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अभिभावक के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे. यह मामला साफ संकेत देता है कि आधार से जुड़ी जानकारी में लापरवाही या चालाकी अब भारी पड़ सकती है.
जन्मतिथि में बदलाव पर UIDAI की सख्ती
UIDAI अब आधार डेटा की शुद्धता को लेकर और ज्यादा सतर्क हो गया है. सीईओ भुवनेश कुमार के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति के अलग अलग दस्तावेजों में जन्मतिथि अलग अलग दर्ज है, तो उनमें से एक को गलत ही माना जाएगा. जो लोग पहले ही एक बार जन्मतिथि में बदलाव कर चुके हैं, उन्हें अब हलफनामा देकर यह स्वीकार करना होगा कि पहले बदलाव में केवल कागजी या तकनीकी गलती हुई थी. हालांकि दूसरी बार जन्मतिथि बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
UIDAI का साफ कहना है कि बच्चों के आधार में जानबूझकर गलत जन्मतिथि दर्ज कराना, चाहे वह स्कूल एडमिशन, उम्र से जुड़ी सरकारी योजनाओं या किसी अन्य लाभ के लिए क्यों न हो, सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है.
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फील्ड वेरिफिकेशन के बाद ही जारी हो रहा आधार
अवैध घुसपैठ और फर्जी पहचान को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच UIDAI ने आधार जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त किया है. हाल के महीनों में कई मामलों में आधार जिला प्रशासन द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन के बाद ही जारी किया जा रहा है. 18 साल से ऊपर वालों यानी वयस्क आवेदकों में बड़ी संख्या में अनिवासी भारतीय (NRI) और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) शामिल हैं. UIDAI ने एक बार फिर साफ किया है कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन इसके लिए दी जाने वाली जानकारी पूरी तरह सही और सत्यापित होनी चाहिए.
एर्नाकुलम में खुला केरल का पहला न्यू मॉडल आधार सेवा केंद्र
इसी सख्ती और पारदर्शिता के संदेश के बीच हाल ही में केरल के एर्नाकुलम में नए UIDAI आधार सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया. यह केरल का पहला न्यू मॉडल आधार सेवा केंद्र है, जिसे अत्याधुनिक ढांचे और पूरी तरह नागरिक केंद्रित सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है. इस मौके पर UIDAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भुवनेश कुमार स्वयं मौजूद रहे.
उद्घाटन के बाद उन्होंने आधार सेवा केंद्र के कर्मचारियों से मुलाकात कर सेवा की गुणवत्ता, कामकाज के मानकों और संचालन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की. साथ ही, आधार से जुड़ी सेवाएं लेने आए लोगों से संवाद कर यह संदेश दिया कि UIDAI की प्राथमिकता आम नागरिकों के लिए सेवाओं को आसान, पारदर्शी और सुलभ बनाना है.
सितंबर 2026 तक 473 आधार सेवा केंद्र खोलने की योजना
UIDAI ने इस मौके पर अपनी आगे की बड़ी योजना की भी जानकारी दी. बेंगलुरु स्थित UIDAI के आधिकारिक X हैंडल के अनुसार, सितंबर 2026 तक केरल के हर जिले में 13 नए आधार सेवा केंद्र खोले जाएंगे. इसके साथ ही पूरे देश में कुल 473 पूर्ण रूप से संचालित आधार नामांकन और अपडेट केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है.
Looking ahead, UIDAI plans to open 13 more Aadhaar Seva Kendras in every districts of Kerala and 473 ASK across the nation by September 2026. (9/10)
— Aadhaar Office Bengaluru (@UIDAIBengaluru) December 20, 2025
फिलहाल ऐसे केंद्रों की संख्या देशभर में सिर्फ 88 है.
भुवनेश कुमार ने बताया कि बच्चों का आधार नामांकन पोस्ट ऑफिस में भी हो जाता है, लेकिन 18 साल से ऊपर वालों के लिए विकल्प सीमित हैं. कई बार लोगों को आधार से जुड़े काम के लिए अपने जिले से बाहर जाना पड़ता है. नए केंद्र खुलने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. इन केंद्रों पर आधार नामांकन, डेमोग्राफिक और बायोमेट्रिक अपडेट, शिकायत निवारण और आवेदन की स्थिति की जानकारी जैसी सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी. UIDAI गूगल के साथ भी काम कर रहा है, ताकि जल्द ही आधार सेवा केंद्रों की लोकेशन गूगल मैप्स पर आसानी से देखी जा सके.
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