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December 2025 में कारों पर मिल रहे आकर्षक ऑफर, लेकिन सही डील पहचानना जरूरी. (AI Generated Image)
December 2025 Car Discounts, Offers, Deals : दिसंबर का महीना आते ही कार बाजार में अलग ही हलचल दिखने लगती है. हर साल की तरह 2025 के अंत में भी कंपनियां ऑफर लेकर आई हैं, लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी बदली हुई है. GST में कटौती के कारण गाड़ियों के दाम पहले ही कम हो चुके हैं, जिसके चलते त्योहारी सीजन से ही मांग में तेजी है. लिहाजा, कंपनियों के पास पहले जितनी भारी इन्वेंट्री नहीं है. इस माहौल में कारों पर डिस्काउंट्स भी हर मॉडल पर एक जैसे नहीं मिल रहे. इसलिए इस बार दिसंबर में कार खरीदने का फैसला सिर्फ ऑफर देखकर नहीं, बल्कि सोच-समझकर लेना होगा.
दिसंबर 2025 में क्या है ऑफर्स का हाल?
इस महीने कार कंपनियां एक बार फिर साल के आखिरी दिनों में स्टॉक निकालने की कोशिश कर रही हैं. लग्जरी SUV से लेकर नई इलेक्ट्रिक कारों तक, लगभग हर सेगमेंट में ऑफर देखे जा सकते हैं. MG Gloster और Jeep Grand Cherokee जैसे प्रीमियम मॉडल्स पर 4 लाख रुपये तक के फायदे दिए जा रहे हैं. Mahindra अपने XEV9e पर करीब 3.8 लाख और BE 6 पर 2.5 लाख रुपये का फायदा दे रही है.
मिड-साइज SUV और सेडान सेगमेंट में Honda Elevate, Honda City से लेकर Volkswagen Virtus और Jeep Compass जैसे मॉडल भी अच्छे ऑफर उपलब्ध हैं. EV यानी इलेक्ट्रिक वेहिकल्स पर भी डील्स मिल रही हैं, जिनमें MG ZS EV पर करीब 1.25 लाख और MG Comet EV पर लगभग 1 लाख तक की छूट ऑफर की जा रही है.
लेकिन एक फर्क साफ दिखाई देता है. GST कटौती के कारण कई कारों की कीमतें पहले ही कम हो चुकी हैं. ऐसे में जिन मॉडल्स की मांग पहले से मजबूत है, उन पर भारी डिस्काउंट नहीं हैं. असली आकर्षक ऑफर ज्यादातर पुराने स्टॉक या धीमी बिक्री वाले वेरिएंट्स पर हैं.
कौन से सेगमेंट में मिल सकते हैं बेहतर दाम?
हर खरीददार अपने सेगमेंट की मांग देखकर समझ सकता है कि कहां ज्यादा मोल-भाव की गुंजाइश है. एंट्री-लेवल हैचबैक्स इस समय सबसे तेजी से बिक रही हैं, इसलिए इन पर सौदे सीमित हैं. दूसरी तरफ कॉम्पैक्ट SUV बाजार में उछाल जारी है, जिसमें मारुति सुजुकी ब्रेज़ा (Maruti Suzuki Brezza) और होंडा एलिवेट (Honca Elevate) जैसे मॉडल की मांग ज्यादा हैं, इसलिए इन पर ऑफर आमतौर पर कम मिलेंगे.
जिन सेगमेंट्स में मांग स्टेबल है लेकिन बहुत ज्यादा नहीं है, उन पुराने बॉडी-स्टाइल वाली कारों या कम पॉपुलर मॉडल्स पर बेहतर डील्स मिल सकती हैं. अगर कोई खरीदार साफ तौर पर “वैल्यू फॉर मनी” ढूंढ रहा है, तो ऐसे ऑफर उसके लिए बेहद फायदेमंद हो सकते हैं.
क्या दिसंबर में कार लेना घाटे का सौदा है?
दिसंबर में कार खरीदने वालों का सबसे बड़ा डर हमेशा मॉडल-ईयर से जुड़ा रहता है. कई खरीदार मानते हैं कि दिसंबर में खरीदी गई या रजिस्टर्ड कार की रीसेल वैल्यू, उसी मॉडल की अगले साल खरीदी गई कार से कम होती है. यह बात कुछ हद तक सही जरूर है, लेकिन उतनी बड़ी नहीं जितनी समझी जाती है.
जो लोग कार खरीदने के बाद तीन साल या उससे ज्यादा समय तक रखने वाले हैं, उनके लिए रिसेल वैल्यू का यह अंतर अक्सर बहुत मामूली होता है, क्योंकि शुरुआती 3 साल के बाद रीसेल वैल्यू में आने वाली गिरावट की रफ्तार काफी धीमी हो जाती है. यानी 5 साल और 6 साल पुरानी कार की कीमत में अंतर उतना नहीं होगा, जितना 2 साल और 3 साल पुरानी कार की कीमत में हो सकता है.
कार चुनते समय कौन सी बातें रखें ध्यान में?
कार चुनते समय सिर्फ दिसंबर ऑफर या इयर एंड डील्स (Year End Deals) पर नहीं, बल्कि कई और बातों पर भी जरूर गौर करना चाहिए. मिसाल के तौर पर - कार का माइलेज, सेफ्टी फीचर्स, लेटेस्ट टेक्नोलॉजी, आफ्टर-सेल्स सर्विस, वारंटी और रीसेल वैल्यू जैसी बातें महत्वपूर्ण हैं. जिस कार में फीचर और सेफ्टी का बैलेंस अच्छा है और जिसकी ब्रांड वैल्यू मजबूत है, वह लंबे समय में बेहतर साबित होती है और उसकी रीसेल वैल्यू भी अच्छी मिलती है. यही कारण है कि आजकल एक्सटेंडेड वारंटी और सर्विस पैकेज भी लोगों के बीच पहले से ज्यादा पॉपुलर हो रहे हैं.
बैंक लोन और EMI का कैलकुलेशन
कार की अच्छी डील का मतलब सिर्फ गाड़ी की कीमत नहीं है. कार लोन (Car Loan) की ब्याज दर और EMI भी उतने ही अहम फैक्टर हैं. कार की असल लागत तय करने में इनकी बड़ी भूमिका है. आमतौर पर कार लोन वही बेहतर लगता है, जिसमें ब्याज दर सबसे कम हो. लेकिन प्रीपेमेंट से जुड़ी शर्तें और प्रोसेसिंग फीस जैसी बातें भी ध्यान में रखनी चाहिए. यह भी समझ लें कि आपको कार लोन पर कुल मिलाकर कितना ब्याज भरना होगा, यह इंटरेस्ट रेट के साथ ही साथ लोन की अवधि से भी तय होता है. बल्कि अक्सर कुल इंटरेस्ट पेमेंट पर लोन की अवधि का ज्यादा असर होता है. लंबी अवधि के लोन में मंथली EMI जरूर कम होती है, लेकिन कुल मिलाकर ब्याज का बोझ बढ़ जाता है. कम अवधि के लोन में EMI थोड़ी ज्यादा भले ही हो, लेकिन कुल इंटरेस्ट पेमेंट में अच्छी-खासी बचत हो जाती है.
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