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मार्क जुकरबर्ग या टिम कुक नहीं, बल्कि भारतीय मूल के सत्य नडेला बने 2025 के सबसे महंगे टेक CEO. Photograph: (File Photo : Reuters)
साल 2025 में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीईओ (CEO) वे नहीं थे जिनके बारे में आमतौर पर चर्चा की जाती है. इसके बजाय, शीर्ष स्थान पर माइक्रोसॉफ्ट के भारतीय मूल के सीईओ सत्य नडेला (Satya Nadella) रहे. उनकी कमाई उस वर्ष विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी जब ग्लोबल चैलेंजेज के बावजूद कई टेक कंपनियों ने अपनी बढ़त जारी रखी.
टेक सीईओ के लिए असाधारण वर्ष रहा 2025
साल 2025 टेक कंपनियों के सीईओ (CEOs) के लिए असाधारण रहा है, जिन्होंने किसी भी कंपनी के औसत कर्मचारी की तुलना में कहीं अधिक कमाई की. इस साल सितंबर में जारी की गई 'इकोनॉमिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन सीईओ ने पिछले वर्ष औसतन कुल 22.98 मिलियन डॉलर (लगभग 193 करोड़ रुपये) की कमाई की.
सत्य नडेला ने सबसे अधिक कमाई क्यों की?
वित्त वर्ष 2025 में सत्य नडेला टेक इंडस्ट्री के सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीईओ रहे, जिन्होंने 96.5 मिलियन डॉलर (लगभग 846 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम पैकेज प्राप्त किया. माइक्रोसॉफ्ट की एक फाइलिंग के अनुसार, उन्हें सैलरी के रूप में केवल 2.5 मिलियन डॉलर शामिल थे, जबकि उनकी कुल कमाई का 90% हिस्सा कंपनी के शेयरों से आया. पिछले वित्त वर्ष में उन्हें 79.1 मिलियन डॉलर मिले थे.
माइक्रोसॉफ्ट के लिए यह साल बेहद शानदार रहा, विशेष रूप से क्लाउड सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में. कंपनी ने व्यवसायों के लिए अपने AI टूल्स का विस्तार किया और अपने कोर प्रोडक्ट्स को मजबूत किया, जिससे उसे कॉम्पिटिटर्स से आगे रहने में मदद मिली. इनोवेशन पर नडेला के लॉन्ग टर्म फोकस ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
अन्य टेक सीईओ के साथ तुलना
अन्य जाने-माने टेक लीडर्स ने भी उच्च वेतन प्राप्त किया, लेकिन वे सत्य नडेला के बराबर नहीं थे. एप्पल (Apple) के सीईओ टिम कुक को कंपनी की निरंतर वृद्धि और मजबूत उत्पाद ईकोसिस्टम से जुड़े होने के कारण एक बड़ा पारिश्रमिक पैकेज मिला. वहीं, एनवीडिया (Nvidia) के सीईओ जेनसन हुआंग को AI से संबंधित तकनीक की बढ़ती मांग का लाभ मिला हालांकि उनकी कुल कमाई नडेला से कम रही.
अल्फाबेट (गूगल) के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी इसी तरह के पैटर्न का पालन किया, जहाँ उनके वेतन का अधिकांश हिस्सा कंपनी के प्रदर्शन पर आधारित था. इस बीच, मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बहुत कम सैलरी लेने की अपनी प्रथा को जारी रखा, और इसके बजाय वेल्थ के लिए अपनी कंपनी के मालिकाना हक (शेयरों) पर निर्भर रहने का विकल्प चुना.
टेक उद्योग के लिए इसके क्या मायने हैं?
सत्य नडेला का टॉप पर होना यह दर्शाता है कि टेक इंडस्ट्री में सीईओ (CEO) के वेतन का स्वरूप कैसे बदल रहा है. आज लीडर्स को लॉन्ग टर्म प्लांनिंग्स, इनोवेशन और कंपनी ग्रोथ के लिए अधिक पुरस्कृत किया जा रहा है. विशेष रूप से, 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) कंपनी की सफलता और एग्जीक्यूटिव पे दोनों को निर्धारित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है.
आंकड़ों से परे, सत्य नडेला की यह उपलब्धि ग्लोबल टेक वर्ल्ड में भारतीय मूल के लीडर्स की बढ़ती भूमिका को भी हाईलाइट करती है.
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Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
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