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Nano Banana AI Fake PAN, Aadhaar Cards Generation: टेक विशेषज्ञ ने Nano Banana से 'उच्च-सटीक' दस्तावेज़ बनाए जाने पर दी चेतावनी

AI Security Alert: Bengaluru Techie Create FAKE PAN News: बेंगलुरु के एक टेक विशेषज्ञ ने Nano Banana टूल से फर्जी पैन और आधार कार्ड बनाए, जो असली जैसे दिखते हैं. पोस्ट के बाद X पर पहचान सत्यापन की सुरक्षा पर चिंता बढ़ी.

AI Security Alert: Bengaluru Techie Create FAKE PAN News: बेंगलुरु के एक टेक विशेषज्ञ ने Nano Banana टूल से फर्जी पैन और आधार कार्ड बनाए, जो असली जैसे दिखते हैं. पोस्ट के बाद X पर पहचान सत्यापन की सुरक्षा पर चिंता बढ़ी.

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Anwesha Sharma
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Fake PAN Card

'Fake PAN Card News in Bengaluru: बेंगलुरु के टेक विशेषज्ञ ने Nano Banana से 'सटीक फर्जी दस्तावेज़' बनाकर दी चेतावनी. Photograph: (X)

Bengaluru Techie Create FAKE PAN: बेंगलुरु में एक टेक विशेषज्ञ द्वारा किए गए हालिया खुलासे ने एआई (Artificial Intelligence) दुरुपयोग को लेकर चिंताओं की नई लहर पैदा कर दी है. उन्होंने दिखाया कि किस तरह Google Nano Banana जैसे लोकप्रिय इमेज-जनरेशन टूल का उपयोग सरकारी दस्तावेज़ों की फर्जी प्रतियां तैयार करने के लिए किया जा सकता है. पिछले कुछ समय से यह टूल नेटिज़न्स के बीच गलत कामों के लिए एक आसान हथियार बनता जा रहा है. लोग ऑनलाइन ऐसे तरीके शेयर कर रहे हैं जिनसे कंपनियों को फंसाया जा सके और आम लोगों को गुमराह किया जा सके. सोमवार को एक चेतावनी-भरे पोस्ट ने इस चिंता को और गहरा दिया, जिसमें बताया गया कि यह एआई प्लेटफॉर्म PAN और आधार कार्ड जैसे संवेदनशील दस्तावेज़ों की हाइपर-रियलिस्टिक प्रतियां तैयार करने में सक्षम है.

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फेक आधार और पैन कार्ड

एक X यूज़र ने लिखा, “Nano Banana अच्छा है, लेकिन यही इसकी सबसे बड़ी समस्या भी है. ये बहुत सटीक तरीके से फेक ID कार्ड बना सकता है. पुराने इमेज वेरिफिकेशन वाले सिस्टम अब फेल हो ही जाएंगे. ये देखो, एक काल्पनिक आदमी के PAN और Aadhaar कार्ड के उदाहरण.” 

एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्विटर यूज़र प्रीत सिंह के ‘आधिकारिक’ सरकारी दस्तावेज़ साझा किए गए, जिनमें ऐसे विवरण थे जो असली लग रहे थे. हालाँकि कुछ X यूज़र्स ने दस्तावेज़ों में फॉन्ट संबंधी कुछ खामियां बताई, लेकिन कुल मिलाकर यह फर्जी दस्तावेज़ काफी भरोसेमंद और वास्तविक दिख रहा था.

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‘पहचान सत्यापन के लिए गंभीर खतरा’

पोस्ट वायरल होने के बाद X पर इसको लेकर बड़ी चिंता देखने को मिली. कई यूज़र्स का मानना था कि इस तरह के फर्जी सरकारी दस्तावेज़ बनाना आसान हो गया है, और जल्द ही मौजूदा पहचान सत्यापन प्रणालियाँ बेअसर हो सकती हैं. कुछ यूज़र्स ने यह भी याद दिलाया कि पहले भी ऐसे नतीजे बारीक एडिटिंग से हासिल किए जा सकते थे, और हाल ही में ChatGPT जैसे टूल्स से भी ऐसा संभव हुआ है.

एक X यूज़र ने चेतावनी दी, “यह पहचान सत्यापन के लिए गंभीर समस्या बन सकता है, क्योंकि हम पूरी तरह से आधार और पैन पर निर्भर हैं. पहचान पत्र बनाने में जो गड़बड़ियाँ हम देखते हैं, उन्हें वह लोग जो इसे वेरिफाई कर रहे हैं, शायद नोटिस ही न करें.” 

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एक अन्य यूज़र ने लिखा, “इसकी वजह से जल्द ही आधार का QR स्कैन करना और उसे वेरिफाई करना आम बात हो जाएगी. और नया आधार ऐप भी प्राइवेट होटल्स और दूसरी जगहों के लिए आधार खुद से वेरिफाई करना आसान बना देता है.” 

तीसरे यूज़र ने मजाक में लिखा, “धन्यवाद! ड्राइविंग लाइसेंस में स्पेलिंग की गलती हो गई थी, अब ठीक हो जाएगा.” 

चौथे यूज़र ने कहा, “ChatGPT तो अप्रैल से ही ये कर रहा है. जैसा उस पोस्ट में बताया गया था, असली सवाल ये है कि इन्हें सारा ट्रेनिंग डेटा कहां से मिला.” 

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Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.

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