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Miss Universe 2025 winner: मेक्सिको की फातिमा बॉश ने दुनिया भर से आए 100 से अधिक प्रतियोगियों को हराकर मिस यूनिवर्स का खिताब अपने नाम किया.
Miss Universe 2025 winner:मेक्सिको की फातिमा बॉश ने 21 नवंबर को थाईलैंड (Thailand) में आयोजित भव्य समारोह में 74वां मिस यूनिवर्स खिताब जीतकर देश का मान बढ़ाया. 25 वर्षीय फातिमा ने दुनिया भर से आए 100 से अधिक प्रतियोगियों को पीछे छोड़ते हुए यह खिताब हासिल किया. इस प्रतियोगिता में भारत की प्रतिनिधि, राजस्थान की मनिका विश्वकर्मा भी शामिल थीं. उन्हें पिछले वर्ष की विजेता, डेनमार्क की विक्टोरिया क्ज़ेयर थेलविग ने ताज पहनाया.
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थाईलैंड की कंटेस्टेंट प्रवीनार सिंह फर्स्ट रनर-अप बनीं, जबकि वेनेजुएला की स्टीफनी अबासली सेकंड रनर-अप के रूप में उभरीं. फिलीपींस की आतिसा मनालो और आइवरी कोस्ट की ओलिविया यासे भी टॉप 5 में शामिल रहीं.
फिनाले से पहले, मिस यूनिवर्स थाईलैंड की निदेशक नवात इत्सराग्रिसिल ने फातिमा बॉश पर अन्य प्रतियोगियों के सामने निशाना साधा. उन्होंने सभी के सामने उन्हें 'मूर्ख' कहा था. उनका आरोप था कि फातिमा ने प्रमोशनल कंटेंट पोस्ट नहीं किया, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई.
नवात ने सुरक्षा को बुलाया और धमकी दी कि जो लोग फातिमा का समर्थन करेंगे उन्हें प्रतियोगिता से बाहर कर दिया जाएगा. इसके बाद फातिमा बाहर चली गईं और कई अन्य प्रतियोगी भी उनके साथ बाहर चले गए.
सस्टेनेबल फैशन में दिलचस्पी रखने वाली फातिमा बॉश
मेक्सिको के टबैस्को राज्य के विलेहर्मोस में रहने वाली फातिमा बॉश ने फैशन और परिधान डिजाइन की पढ़ाई की हैं. उन्होंने यह डिग्री मेक्सिको सिटी की यूनिवर्सिडैड इबेरोअमेरिकाना से प्राप्त की आगे की पढ़ाई उन्होंने इटली के मिलान में स्थित NABA – नुओवा एकेडेमिया डी बेले आर्टी से की.
फातिमा बॉश फैशन के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति भी सजग हैं. वह कचरे को फेंकने की बजाय उसे काम का सामान या कला में बदलकर इस्तेमाल करती हैं. उन्होंने पुराने और बेकार सामानों को अपने डिजाइन में शामिल करके टिकाऊ फैशन को बढ़ावा दिया है.
डिस्लेक्सिया और ADHD के बावजूद किया संघर्ष
फातिमा को 6 साल की उम्र में डिस्लेक्सिया, ADHD और ज्यादा एक्टिव होने की समस्या पाई गई थी, जिससे उनकी पढ़ाई थोड़ी मुश्किल हो गई. लेकिन, इससे वो रुकी नहीं बल्कि उन्होंने इन मुश्किलों को अपनी ताकत बना लिया और बड़े होते-होते और भी स्मार्ट और क्रिएटिव बन गईं.
फातिमा ने अपनी जिंदगी में हमेशा दूसरों की मदद को महत्व दिया. उन्होंने लगभग दस साल तक कैंसर से पीड़ित बच्चों के साथ वॉलंटियरिंग की और टबैस्को के ऑन्कोलॉजी हॉस्पिटल में हर साल क्रिसमस के मौके पर खिलौनों का वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया.
इस बार प्रतियोगिता में आठ नामी जज थे, जिनमें बैडमिंटन की दिग्गज सायना नेहवाल भी शामिल थीं, जिन्होंने पहली बार इस तरह के पेजेंट को जज किया.
फातिमा बॉश मिस यूनिवर्स का ताज जीतने वाली चौथी मेक्सिकन महिला बनीं. इससे पहले यह खिताब लुपिता जोन्स (1991), ज़िमेना नवरेते (2010) और एंड्रिया मेज़ा (2020) जीत चुकी हैं.
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
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