/financial-express-hindi/media/media_files/2025/12/10/solar-eclipse-2025-12-10-09-50-53.jpg)
Next Solar Eclipse in India: आ रहा है ‘सदी का सूर्य ग्रहण’
NASA Solar Eclipse Update:खगोलीय घटनाओ में रूचि रखने वालों के लिए आने वाला साल एक बेहद अनोखा अनुभव लेकर आने वाला है, क्योंकि पिछले 100 वर्षों का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण, जिसे ‘सदी का ग्रहण’ कहा जा रहा है, कई शहरों को दिन में ही पूरी तरह अंधकार में डुबो देगा. कई मिनटों तक चलने वाला यह ग्रहण इसलिए भी खास है क्योंकि इसे देखना बेहद आसान होगा. यह दुर्लभ ग्रहण प्रमुख आबादी वाले क्षेत्रों में दिखाई देगा, जिसका मतलब है कि लाखों लोग इस खगोलीय दृश्य को अपनी आँखों से देख पाएंगे. कुछ स्थानों पर यह आंशिक रूप से दिखाई देगा, जिसमें भारत के कई शहर भी शामिल हैं. यहाँ इस दुर्लभ ग्रहण से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई हैं.
कब है सूर्य ग्रहण?
इस सदी में एक बार होने वाले इस अनोखे सूर्य ग्रहण को देखने के लिए आपको लगभग डेढ़ साल से थोड़ा ज़्यादा इंतज़ार करना होगा. NASA ने घोषणा की है कि यह बहुप्रतीक्षित सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा. क्योंकि यह ग्रहण बहुत लंबा चलेगा, इसलिए ज़्यादा से ज़्यादा जगहों से यह दिखाई देगा, और कई खूबसूरत जगहों पर इसका शानदार नज़ारा मिलेगा. इसी वजह से यह घटना एक बड़ा पर्यटन आकर्षण भी बन सकती है.
कहाँ देखा जा सकेगा?
यह सूर्य ग्रहण यूरोप, उत्तर अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई शहरों में दिखाई देगा. इन जगहों पर दोपहर के समय अचानक अंधेरा छा जाएगा. कई अन्य स्थानों पर यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा.
यह कितनी देर तक चलेगा?
NASA के मुताबिक, यह खगोलीय घटना कुल 6 मिनट 23 सेकंड तक चलेगी. यह पृथ्वी पर संभव सबसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहणों में से एक माना जा रहा है. भौतिकी के नियमों के अनुसार, किसी भी पूर्ण सूर्य ग्रहण की अधिकतम अवधि 7 मिनट 32 सेकंड तक हो सकती है. यह ग्रहण उस अधिकतम सीमा से बहुत करीब है, इसलिए यह बेहद दुर्लभ और आकर्षक माना जा रहा है.
इतनी लंबी अवधि वाला सूर्य ग्रहण आप अब दोबारा आसानी से नहीं देख पाएंगे. इसकी लंबाई को देखते हुए, ऐसा अगला मौका 2114 से पहले मिलने की संभावना बहुत कम है.
कौन-सा ग्रहण रहा सबसे लंबा?
आने वाला सूर्य ग्रहण हाल के समय का दूसरा सबसे लम्बी अवधि वाला ग्रहण होगा. अब आप सोच रहे हैं कि सबसे लंबा सूर्य ग्रहण कब हुआ था? NASA के अनुसार, 1991 में लगा सूर्य ग्रहण कुल 6 मिनट 53 सेकंड तक चला था, जो इस बार वाले ‘सदी के ग्रहण’ से भी थोड़ा ज्यादा लंबा था. यह ग्रहण 11 जुलाई 1991 को दिखा था और इसने हवाई, मेक्सिको, सेंट्रल अमेरिका और साउथ अमेरिका जैसे बड़े शहरों में दोपहर के समय ही पूरा अंधेरा छा गया था.
2017 में, यानी करीब 8 साल पहले, ‘ग्रेट अमेरिकन इक्लिप्स’ ने अमेरिका के एक बड़े हिस्से को ढक लिया था. यह करीब 2 मिनट 40 सेकंड तक चला था.
क्या यह भारत में दिखाई देगा?
यह सूर्य ग्रहण भारत में पूरी तरह नहीं दिखेगा, बल्कि आंशिक रूप में दिखाई देगा. यहाँ से टोटैलिटी यानी पूर्ण ग्रहण नहीं देखा जा सकेगा. 2 अगस्त 2027 को आंशिक सूर्य ग्रहण दोपहर 15:34 बजे शुरू होगा और शाम 17:53 बजे तक चलेगा. भारत में इसका सबसे अच्छा नज़ारा गुजरात के पीपर इलाके से मिलेगा, जहाँ यह लगभग 1 घंटा 46 मिनट तक दिखेगा. अमेरिका में भी पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. वहाँ मेन राज्य के कुछ हिस्सों में ही आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा.
कौन-कौन से भारतीय राज्यों में यह दिखाई देगा
2 अगस्त 2027 का आंशिक सूर्य ग्रहण भारत के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से देखा जा सकेगा. इनमें अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुदुच्चेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं.
Also Read: Meesho का शेयर बाजार में दमदार डेब्यू, लिस्टिंग पर दे दिया 45% रिटर्न
पूरा विवरण देखें
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | आंशिक ग्रहण की शुरुआत (IST) | आंशिक ग्रहण का अंत (IST) |
|---|---|---|
| अंडमान और निकोबार | 16:16 | 17:40 |
| आंध्र प्रदेश | 15:56 | 17:43 |
| अरुणाचल प्रदेश | 16:30 | 16:46 |
| असम | 16:19 | 17:01 |
| बिहार | 16:06 | 17:10 |
| चंडीगढ़ | 15:52 | 16:56 |
| छत्तीसगढ़ | 16:00 | 17:30 |
| दिल्ली | 15:52 | 17:03 |
| गोवा | 15:50 | 17:40 |
| गुजरात | 15:34 | 17:29 |
| हरियाणा | 15:47 | 17:06 |
| हिमाचल प्रदेश | 15:50 | 16:56 |
| जम्मू और कश्मीर | 15:46 | 16:52 |
| झारखंड | 16:05 | 17:16 |
| कर्नाटक | 15:51 | 17:46 |
| केरल | 15:54 | 17:52 |
| लक्षद्वीप | 15:52 | 17:53 |
| मध्य प्रदेश | 15:47 | 17:25 |
| महाराष्ट्र | 15:46 | 17:38 |
| मणिपुर | 16:24 | 17:00 |
| मेघालय | 16:19 | 17:00 |
| मिजोरम | 16:21 | 17:09 |
| नागालैंड | 16:28 | 16:53 |
| ओडिशा | 16:02 | 17:30 |
| पुदुच्चेरी | 15:55 | 17:46 |
| पंजाब | 15:45 | 17:01 |
| राजस्थान | 15:36 | 17:21 |
| सिक्किम | 16:18 | 16:55 |
| तमिलनाडु | 15:57 | 17:52 |
| तेलंगाना | 15:56 | 17:36 |
| त्रिपुरा | 16:20 | 17:07 |
| उत्तर प्रदेश | 15:53 | 17:15 |
| उत्तराखंड | 15:54 | 17:00 |
| पश्चिम बंगाल | 16:10 | 17:16 |
और किन देशों में दिखेगा सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण निम्न देशों से देखा जा सकेगा : स्पेन, जिब्राल्टर, मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, मिस्र, सूडान, सोमालिया, सऊदी अरब और यमन.
प्राचीन मिस्र का शहर लक्सोर इस सूर्य ग्रहण को देखने के लिए पर्यटकों की सबसे पसंदीदा जगह बन गया है. यहाँ लगभग साढ़े छह मिनट तक पूर्ण अंधेरा देखा जा सकेगा.
सदी का ग्रहण क्यों रहेगा खास और लंबा
यह सूर्य ग्रहण चाँद के पृथ्वी के सबसे करीब आने से लगभग 2.5 घंटे पहले होगा. इस समय चाँद बड़ा दिखेगा, इसलिए यह सूर्य को ज्यादा देर तक ढक पाएगा और ग्रहण लंबा लगेगा.
(स्रोत: timeanddate.com)
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
To read this article in English, click here.
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us