scorecardresearch

Sholay Restored: अब तेरा क्या होगा गब्बर- 50 साल बाद पता चलेगा शोले में गब्बर के साथ सच में क्या हुआ था

Sholay Returns: शोले के री-रिलीज़ में फिल्म का ओरिजिनल क्लाइमैक्स दिखाया जाएगा, जिसमें ठाकुर गब्बर को मार देता है. 4K रिस्टोर वर्ज़न और डिलीटेड सीन के साथ फिल्म फिर से थिएटर्स में आएगी, जिससे नई और पुरानी दोनों पीढ़ियाँ इसे नए अंदाज़ में देख सकेंगी.

Sholay Returns: शोले के री-रिलीज़ में फिल्म का ओरिजिनल क्लाइमैक्स दिखाया जाएगा, जिसमें ठाकुर गब्बर को मार देता है. 4K रिस्टोर वर्ज़न और डिलीटेड सीन के साथ फिल्म फिर से थिएटर्स में आएगी, जिससे नई और पुरानी दोनों पीढ़ियाँ इसे नए अंदाज़ में देख सकेंगी.

author-image
FE Hindi Desk
New Update
Sholay returns on silver screen

Sholay Recut: गब्बर की किस्मत दोबारा लिखी गई, शोले अपने ओरिजिनल क्लाइमैक्स के साथ फिर से थिएटर्स में लौट रही है.

Sholay Back in Theatres: थिएटर्स में जबरदस्त धूम मचाने के पचास साल बाद अब आइकॉनिक फिल्म शोले फिर से बड़े पर्दे पर लौट रही है. इस बार फिल्म में एक अनसीन एंड के साथ आ रही है. ये फिल्म उनके लिए खास है जो सदी की इस सबसे बड़ी एंटरटेनर को बार-बार देखकर बड़े हुए हैं. ये रिलीज़ फिल्म की 50वीं सालगिरह के मौके पर रिलीज़ हो रही है और इसे 1,500 थिएटर्स में दिखाया जाएगा.

शोले का रीस्टोर्ड वर्ज़न उन फैंस को एक अलग अनुभव देगा जो इसे फिर से देखने वाले हैं, साथ ही नई पीढ़ी को भी फिल्म के जादू को अनुभव करने का मौका मिलेगा, जो अब 4K और डॉल्बी 5.1 में आ रही है. स्पेशल एडिशन में फिल्म का ऑरिजिनल एंड भी दिखाया जाएगा जिसमें ठाकुर अपने स्पाइक्ड जूतों से गब्बर को मारता है. साथ ही दो अन्य डिलीट किए गए सीन भी फिल्म में शामिल होंगे.

Advertisment

Also Read: वो दांव जिसने जुही चावला को भारत की सबसे धनी अभिनेत्री बना दिया

फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन कर रही है इस फिल्म को रिस्टोर 

आज सोच पाना मुश्किल है कि 1975 में जब शोले और जय संतोषी माँ लगभग एक ही समय में रिलीज़ हुई थी, तब शोले को एक साधारण फिल्म जय संतोषी माँ ने पीछे छोड़ दिया था. रमेश सिप्पी की फिल्म ने उस वक़्त कई रिकॉर्ड तोड़े थे और साल की सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्म बनी थी, लेकिन वो फिल्म जय संतोषी माँ थी जिसने ज़्यादा मुनाफ़ा कमाया था. अगर ओरिजिनल शोले में गब्बर मर जाता, तो क्या कुछ अलग होता? इस सवाल का जवाब अब फिल्म के री-रिलीज़ के साथ मिलेगा.

Also Read: घर के लिए कौन सा एयर प्यूरीफायर है बेस्ट, खरीदने से पहले जानें ये 5 जरूरी स्पेसिफिकेशन

अभिषेक बच्चन शोले को बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेताब

इस बीच अभिषेक बच्चन ने थिएटर में पहली बार अपने पिता अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की यादगार फिल्म देखने की अपनी खुशी साझा की.

उन्होंने X पर लिखा, “सबसे बड़ी कहानी जो कभी नहीं बताई गई! बड़े पर्दे पर #Sholay को पूरी भव्यता में देखने का इंतजार नहीं कर सकता. मैंने शोले कभी बड़े पर्दे पर नहीं देखी, सिर्फ टीवी और VHS/DVD पर देखी है. फिल्म को बड़े परदे पर देखना ज़िन्दगी का सपना रहा है.”

धर्मेंद्र ने शोले का अपना सबसे यादगार सीन साझा किया था 

फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के डायरेक्टर शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर के साथ बातचीत में, धर्मेंद्र ने बताया कि फिल्म का उनका पसंदीदा सीन वह है जब अमिताभ बच्चन का किरदार मरता है, जो पूरी फिल्म की कहानी का रुख बदल देता है. इस सीन की तैयारी के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने कहा था, “मेरे लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है,” क्योंकि मैं किरदार में पूरी तरह डूब जाता हूं और असली धर्मेंद्र को पीछे छोड़ देता हूं. उन्होंने आगे कहा, “ये भगवान की देन है.”

Also Read: नींद का दुश्मन कौन? जानें वे कारण जो आपको दिनभर सुस्त रखते हैं

शोले का ओरिजिनल क्लाइमैक्स क्या था

जैसा कि फैंस जानते हैं, शोले का अंत उस वक्त होता है जब विलेन गब्बर सिंह को पुलिस के हवाले कर दिया जाता है, क्योंकि ठाकुर जिसका रोल संजीव कुमार द्वारा निभाया गया था, उसे छोड़ देते हैं. हालांकि, रिस्टोर की गई फिल्म में गब्बर सिंह ठाकुर के क्रोध से बच नहीं पाता और यही बदलाव शोले की कहानी को हमेशा के लिए बदलने वाला है.

जावेद अख्तर के बेटे और डायरेक्टर फरहान अख्तर ने एक प्रमोशनल इवेंट में रिपोर्टर्स को सलीम-जावेद की ओरिजिनल एंडिंग के बारे में अनकही बातें बताईं. फरहान ने कहा, “ओरिजिनल क्लाइमैक्स में संजीव कुमार यानी ठाकुर अपने परिवार और हाथों को डाकू से खोने के बाद ब्रूटल रिवेंज में गब्बर सिंह को अपने नंगे पैर से मारने वाले थे.”

Also Read: Dhurandhar Smashes Records: क्या आने वाली फिल्में धुरंधर को चुनौती दे पाएंगी?

उन्होंने आगे कहा, “यही फिल्म का असली इमोशनल कोर था — ठाकुर का अपना बदला, जब उनके हाथ काट दिए गए थे. हम जय–वीरू की दोस्ती में खो जाते हैं, लेकिन असली रीढ़ तो वह ईमानदार पुलिसवाला था जो उस डाकू के पीछे पड़ा था जिसने उसकी ज़िंदगी तबाह कर दी.”

फरहान ने यह भी बताया, “इमरजेंसी के चलते उस वक्त एंडिंग बदलनी पड़ी थी, और अब ओरिजिनल एंड सामने आ रहा है. असल में ठाकुर तभी रोते हैं जब वे अपने पैरों से गब्बर को कुचल देते हैं.”

Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.

To read this article in English, click here.

Amitabh Bachchan