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Gold Outlook : सोने में 2020 के बाद सबसे तेज गिरावट से आगे अब क्या होगा? कीमतों पर किन फैक्टर्स का पड़ रहा असर

Gold Outlook : रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में अचानक आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है. क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी या फिर सोना एक बार फिर ऊपर की ओर रुख करेगा.

Gold Outlook : रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में अचानक आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है. क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी या फिर सोना एक बार फिर ऊपर की ओर रुख करेगा.

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Viplav Rahi
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सोने में 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट, आगे क्या होगा कीमतों का हाल (Image : Freepik)

Gold Outlook : पिछले कुछ महीनों में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में अचानक आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है. 2020 के बाद यह सबसे तेज एकदिवसीय गिरावट रही, जिसने बाजार के सेंटीमेंट को हिला दिया. सवाल अब यह है कि क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी या फिर सोना एक बार फिर ऊपर की ओर रुख करेगा. आइए समझते हैं कि कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे क्या वजहें हैं और आगे क्या संकेत दिख रहे हैं.

अमेरिका-चीन रिश्तों में सुधार से बदला माहौल

हाल ही में अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों में नरमी के संकेत मिले हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली मुलाकात को लेकर "फेयर डील" की उम्मीद जताई है. इस खबर के बाद जियो-पोलिटिकल टेंशन घटने से निवेशकों ने सोने में हुई जबरदस्त बढ़त पर मुनाफा वसूली शुरू कर दी. नतीजा यह हुआ कि मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 5% तक गिर गई, जो अगस्त 2020 के बाद सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट थी. बुधवार को भी गिरावट जारी रही और स्पॉट गोल्ड 0.4% टूटकर 4,109.19 डॉलर प्रति औंस पर आ गया.

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2025 में अब तक का सबसे बेहतरीन एसेट बना सोना

गौर करने वाली बात यह है कि इस करेक्शन के बावजूद सोना 2025 के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले एसेट्स में बना हुआ है. इस साल अब तक इसमें करीब 56% की बढ़त दर्ज की जा चुकी है. बीते सोमवार को यह 4,381.21 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था. केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद, वैश्विक अनिश्चितता और अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने सोने की कीमतों को ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

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अमेरिकी इंफ्लेशन डेटा पर नजर 

अब बाजार की नजरें अमेरिका के सितंबर महीने के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा पर हैं, जो ट्रंप सरकार के शटडाउन के कारण टल गया था. यह आंकड़ा यूएस फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर नीति को दिशा देगा. रायटर्स पोल के अनुसार, फेड अगले हफ्ते 25 बेसिस पॉइंट की दर कटौती कर सकता है और दिसंबर में एक और कटौती संभव है. अगर ब्याज दरों में कमी जारी रही तो सोने को फिर से सहारा मिल सकता है.

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घरेलू बाजार पर कैसा रहेगा असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस गिरावट का असर भारतीय बाजार में भी दिखेगा. भारत में सोने की कीमतें कमजोर शुरुआत के साथ खुलने की संभावना है. हालांकि, दिवाली और शादी के सीजन की मांग फिलहाल सोने को सपोर्ट दे रही है. जिन परिवारों में आने वाले दिनों में शादियां हैं, उनके लिए यह गिरावट राहत की खबर है क्योंकि सोना अब कुछ सस्ता हुआ है.

आगे का रास्ता

माना यही जा रहा है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतें कुछ कमजोर भले ही रहें, लेकिन लंबी अवधि में तेजी बनी रहेगी. अगर अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला जारी रहता है और दुनिया के पैमाने पर आर्थिक अस्थिरता बनी रहती है, तो सोना फिर से ऊपर का रुख कर सकता है.

(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, निवेश की सलाह देना नहीं. निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने के बाद और अपने इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेकर ही करें.)

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