scorecardresearch

SCSS क्यों है सीनियर सिटिजन्स के लिए बेस्ट स्कीम, इंटरेस्ट रेट से लेकर टैक्स बेनिफिट तक हर जरूरी जानकारी

Senior Citizens Savings Scheme : ब्याज दरों में कमी के दौर में SCSS यानी सीनियर सिटिजन्स सेविंग स्कीम और भी आकर्षक बन गई है, क्योंकि इसमें अब भी 8% से ज्यादा सालाना ब्याज मिल रहा है.

Senior Citizens Savings Scheme : ब्याज दरों में कमी के दौर में SCSS यानी सीनियर सिटिजन्स सेविंग स्कीम और भी आकर्षक बन गई है, क्योंकि इसमें अब भी 8% से ज्यादा सालाना ब्याज मिल रहा है.

author-image
FE Hindi Desk
New Update
Senior citizen investment plan, Best government scheme for senior citizens, SCSS account details, SCSS interest payout, SCSS 2025 update, Safe investment for retirees, SCSS quarterly income, एसीएसएस, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम

SCSS scheme Benefits : बुजुर्गों के लिए सबसे भरोसेमंद निवेश है सीनियर सिटिजन्स सेविंग्स स्कीम. Photograph: (AI Generated Image)

Senior Citizens Savings Scheme : बुजुर्गों के लिए निवेश के सुरक्षित और भरोसेमंद ऑप्शन्स की बात हो तो सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) का नाम सबसे पहले ध्यान में आता है. रिटायरमेंट के बाद बिना कोई रिस्क उठाए रेगुलर इनकम हासिल करनी हो, तो इस स्कीम को एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. ब्याज दरों में कटौती के इस दौर में तो यह स्कीम और भी आकर्षक बन गई है, क्योंकि इसमें अब भी 8% से ज्यादा सालाना ब्याज मिल रहा है. सरकार की गारंटी वाली यह स्कीम रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित और स्टेबल इनकम का इंतजाम करने में सबसे आगे नजर आती है. 

SCSS में कितना कर सकते हैं निवेश

सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम में निवेश और रिटर्न पर सरकार की तरफ से पूरी गारंटी रहती है. और इसमें शुरुआत में 5 साल के लिए निवेश करना होता है. इसके बाद निवेशक चाहें तो इसे 3-3 साल के लिए बढ़ाते रह सकते हैं. SCSS में निवेश मिनिमम 1,000 रुपये से शुरू होता है और एक व्यक्ति अधिकतम 30 लाख रुपये तक जमा कर सकता है. पति-पत्नी दोनों अलग-अलग खाता खोलें तो दोनों में 30-30 लाख जमा करके कुल 60 लाख रुपये पर रेगुलर इनकम ले सकते हैं.

Advertisment

Also read : Mahila Rozgar Yojana: बिहार की 21 लाख महिलाओं के खातों में सीएम नीतीश कुमार ने भेजे 10-10 हजार रुपये, आपको मिले या नहीं? ऐसे करें चेक

इंटरेस्ट रेट और भुगतान का तरीका

इस स्कीम की सबसे खास बात है 8.2% की मौजूदा ब्याज दर, जो कई बैंकों और फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा है. जमा रकम पर मिलने वाले ब्याज का भुगतान हर तीन महीने पर किया जाता है, जिससे रेगुलर कैश फ्लो बना रहता है. खासकर उन बुजुर्गों के लिए जो अपने हर महीने के खर्च का इंतजाम अपनी जमापूंजी से करते हैं, इस योजना से होने वाली इनकम काफी मददगार साबित होती है. अगर कोई व्यक्ति इस स्कीम में 30 लाख रुपये जमा कर दे तो हर 3 महीने में 61,500 रुपये ब्याज मिलेगा. यानी इससे 20,500 रुपये की मंथली इनकम का इंतजाम किया जा सकता है.

Also read : Financial Fitness: आपकी वित्तीय हालत कैसी है, इसे दुरुस्त करने की जरूरत है या नहीं? इन 6 स्टेप में करें पता

कौन कर सकता है निवेश

SCSS में निवेश करने का मौका 60 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों को मिलता है. अगर कोई 55 से 60 साल की उम्र में रिटायर हुआ है, तो वह भी रिटायरमेंट बेनिफिट मिलने के एक महीने के भीतर इस स्कीम में निवेश कर सकता है. डिफेंस पर्सनल के लिए भी इसमें छूट है और वे 50 साल की उम्र के बाद इसमें निवेश कर सकते हैं. हालांकि एनआरआई और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के नाम से SCSS अकाउंट नहीं खोले जा सकते.

Also read : NPS Rules Change : PFRDA ने पेश किए 3 नए पेंशन मॉडल, SWP, लिक्विडिटी, महंगाई और निश्चित पेमेंट पर फोकस

निवेश पर टैक्स बेनिफिट और ब्याज पर टैक्स

SCSS का एक और बड़ा फायदा है टैक्स सेविंग. इस स्कीम में हर साल 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत की टैक्स छूट मिलती है. हालांकि इस स्कीम से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल है. ब्याज तय सीमा से ज्यादा हो जाए, तो बैंक या पोस्ट ऑफिस TDS काट सकते हैं. लेकिन जिन सीनियर सिटिजन्स की कुल इनकम टैक्सेबल लिमिट से कम है, वे फॉर्म 15H भरकर TDS से बच सकते हैं. अच्छी बात ये है कि नई टैक्स रिजीम में टैक्स फ्री इनकम की लिमिट 12 लाख रुपये सालाना किए जाने के बाद अब ज्यादातर सीनियर सिटिजन्स को इसका लाभ मिल सकता है. 

SCSS अकाउंट कैसे खोलें 

SCSS का अकाउंट खोलना बेहद आसान है. इसके लिए किसी भी पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक की शाखा में जाकर फॉर्म A भरना होता है. साथ में आधार, पैन, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे KYC डॉक्यूमेंट जमा करने होते हैं. एड्रेस के लिए बिजली का बिल या कोई अन्य वैलिड प्रूफ देना होता है. साथ ही जन्म की तारीख का प्रमाण या सीनियर सिटिजन कार्ड और दो पासपोर्ट साइज फोटो भी लगते हैं. अकाउंट खोलते समय नॉमिनी की जानकारी देना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो.

Also read : SBI Card New Rules : रिलायंस एसबीआई कार्ड होल्डर्स को अब पहले से ज्यादा रिवॉर्ड प्वाइंट, यहां खरीदारी करने पर मिलेगा फायदा

अकाउंट होल्डर का निधन होने पर क्या होगा

अगर अकाउंट होल्डर का निधन हो जाता है, तो नॉमिनी या कानूनी वारिस की तरफ से अकाउंट बंद करने का एप्लिकेशन दिया जा सकता है. खाताधारक का निधन होने के बाद अगर अकाउंट समय से पहले बंद किया जाए, तो कोई पेनाल्टी नहीं लगती. लेकिन निधन होने के अगले दिन से खाते में पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट यानी बचत खाते पर लागू ब्याज दिया जाता है. सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम उन लोगों के लिए सबसे भरोसेमंद इनवेस्टमेट हो सकता है, जो रिटायरमेंट के बाद बिना किसी जोखिम के सुरक्षित इनकम चाहते हैं.

किन बातों का रखें ध्यान

SCSS लोगों को सुरक्षित और स्टेबल रिटर्न देता है, वहीं इसकी कुछ सीमाएं भी हैं. ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होने से उन लोगों के लिए रियल रिटर्न घट सकता है, जिनकी कुल इनकम टैक्सेबल लिमिट से ज्यादा है. निवेश की मैक्सिमम लिमिट 30 लाख रुपये है, इसलिए एक व्यक्ति इस स्कीम के जरिये फिलहाल 20,500 रुपये से ज्यादा मंथली इनकम का इंतजाम नहीं कर सकता. समय से पहले अकाउंट बंद करने पर 1 से 1.5% तक पेनाल्टी भी लगती है.

Senior Citizens Saving Scheme Scss