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Fabtech Tech : 230 करोड़ का आईपीओ खुला, जीएमपी 18%, निवेश के पहले समझें पॉजिटिव और रिस्क फैक्टर्स

Fabtech Technologies IPO : फैबटेक टेक्नोलॉजीज का एसेट लाइट मॉडल, अपना प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम और उभरते बाजारों में मौजूदगी, इसे ग्लोबल फार्मा इंडस्ट्री की बढ़ोतरी से फायदा दिला सकती है.

Fabtech Technologies IPO : फैबटेक टेक्नोलॉजीज का एसेट लाइट मॉडल, अपना प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम और उभरते बाजारों में मौजूदगी, इसे ग्लोबल फार्मा इंडस्ट्री की बढ़ोतरी से फायदा दिला सकती है.

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Sushil Tripathi
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IPO Alert : Fabtech Technologies फार्मा, बायोटेक और हेल्थकेयर इंडस्ट्री के लिए टर्नकी इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस प्रदान करती है. (Image : Pixabay)

Fabtech Technologies IPO : बायोटेक फार्मा कंपनी फैबटेक टेक्नोलॉजीज का आईपीओ आज 29 सितंबर को निवेश के लिए खुल गया है. इसमें 1 अक्टूबर तक सब्सक्राइब किया जा सकता है. आईपीओ का साइज 230 करोड़ रुपये है. कंपनी ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 181 से 191 रुपये प्रति शेयर तय किया है. यह इश्यू पूरी तरह से फ्रेश है, जिसके तहत कंपनी कुल 1.21 करोड़ नये शेयर जारी कर रही है.

Fabtech Technologies का जीएमपी पहले दिन 35 रुपये दिख रहा है. यह अपर प्राइस बैंड 191 रुपये के लिहाज से 18% से कुछ अधिक है. 6 अक्टूबर को कंपनइके स्टॉक बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे.  

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निवेशक 1 लॉट यानी कम से कम 75 शेयर के लिए बोली लगा सकते हैं. रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि 14,325 रुपये होगी और इसके बाद 75 के मल्टीपल में निवेश कर सकते हैं.

आईपीओ में कम से कम 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व है, जबकि 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए और कम से कम 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व है.

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कंपनी के बारे में

Fabtech Technologies फार्मा, बायोटेक और हेल्थकेयर इंडस्ट्री के लिए टर्नकी इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस प्रदान करती है. इसकी सेवाओं में डिजाइन, उपकरण खरीद, सप्लाई, लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट और क्लीनरूम इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं.

कंपनी नए प्रोजेक्ट्स (ग्रीनफील्ड) और पुराने प्रोजेक्ट्स (ब्राउनफील्ड) दोनों में काम करती है. यह एसेट लाइट मॉडल पर काम करती है और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, सॉफ़्टवेयर इंटीग्रेशन और एक्सिक्यूशन पर ध्यान देती है.

कंपनी की मौजूदगी 62 से अधिक देशों में है, जैसे मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, एशिया, यूरोप, लैटिन अमेरिका और नॉर्थ अमेरिका.

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ब्रोकरेज की क्या है राय?

SBI सिक्योरिटीज के अनुसार कंपनी का एसेट लाइट मॉडल, अपना प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम और उभरते बाजारों में मौजूदगी, इसे ग्लोबल फार्मा इंडस्ट्री की बढ़ोतरी से फायदा दिला सकती है.

लेकिन, कम कन्वर्जन रेट और थर्ड-पार्टी से सामान खरीदने पर निर्भरता इसके लिए बड़े रिस्क हैं. आईपीओ प्राइस उचित (फेयरली वैल्यूड) लग रहा है. इसलिए ब्रोकरेज ने इस आईपीओ में अपनी “न्यूट्रल” रेटिंग दी है.

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कंपनी के कैसे हैं फाइनेंशियल

फैबटेक टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में रेवेन्यू 46 फीसदी बढ़कर ₹326.7 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह ₹226.1 करोड़ रुपये था. फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 71 फीसदी बढ़कर 46.45 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में यह 21.7 करोड़ रुपये था.

लेकिन, EBITDA मार्जिन घटकर 8.8% रह गया, जबकि पिछले साल यह 12% था. कंपनी का RoE (रिटर्न ऑन इक्विटी) और RoCE भी कम होकर 16.5% और 19.5% रह गया (पहले यह 20% से ज्यादा था).

फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का EBITDA 47.28 करोड़ रुपये रहा, जो फाइनेंशियल ईयर 2024 में 40.69 करोड़ रुपये था. इसी दौरान कंपनी की कुल एसेट्स 269.24 करोड़ रुपये से बढ़कर 426.56 करोड़ रुपये हो गई. हालांकि इस दौरान कंपनी का कर्ज बढ़कर 9.88 करोड़ रुपये से 54.62 करोड़ रुपये हो गया.

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क्‍या हैं रिस्क फैक्टर्स 

पिछले 3 सालों में कंपनी की सिर्फ 11% प्रपोजल्स पक्के ऑर्डर में बदले हैं.

कंपनी काफी हद तक थर्ड-पार्टी सप्लायर्स पर निर्भर है. सप्लाई चेन में कोई दिक्कत होने पर प्रोजेक्ट में देरी हो सकती है.

कंपनी की 78% कमाई MENA और GCC रीजन (मिडिल ईस्ट, नॉर्थ अफ्रीका, गल्फ देश) से आती है, जिससे भौगोलिक जोखिम ज्यादा है.

कंपनी का कैश फ्लो अस्थिर  है और RoE व RoCE लगातार गिर रहे हैं.

(Disclaimer: आईपीओ में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दिए गए हैं. यह फाइनेंशियल एक्सप्रेस के निजी विचार नहीं है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश के पहले एक्सपर्ट की राय लें.)

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