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पीएम किसान योजना में देशभर के करोड़ों किसानों को आखिरी यानी 19वीं किस्त 24 फरवरी 2025 को भेजी गई थी. अगली किस्त की तारीख कभी भी आ सकती है. (Image: X/@AgrGOI)
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को एक पोस्ट के ज़रिए पीएम किसान योजना से जुड़ी जानकारी साझा की है. पोस्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसकी शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी. इसका उद्देश्य खेती योग्य जमीन रखने वाले किसानों को आर्थिक सहायता देना है.
योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की मदद दी जाती है, जो 2,000 रुपये की तीन बराबर किश्तों में DBT के ज़रिए सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है. कृषि मंत्रालय ने दोहराया कि पीएम किसान योजना के तहत पात्र लाभार्थी किसानों को हर चार महीने के अंतराल पर उनके बैंक खातों में 2000 रुपये की किस्त DBT के जरिए भेजी जाती है. लेकिन 20वीं किस्त की तारीख अब तक घोषित नहीं हुई, जबकि 5 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है.
सही जवाब-
— Agriculture INDIA (@AgriGoI) July 28, 2025
A) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) एक केंद्रीय योजना है, जिसे 24 फरवरी 2019 को शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य खेती योग्य भूमि रखने वाले किसान परिवारों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। इसके अंतर्गत देशभर के किसानों… pic.twitter.com/u1ZvV24nrI
इस साल 24 फरवरी को बिहार के भागलपुर से प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त जारी की थी. इसके तहत 9.8 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए गए थे.
इसी रविवार को एक क्विज पोस्ट के जरिए यूजर्स से पूछा गया कि पीएम किसान योजना को कौन सा मंत्रालय संचालित करता है? इसके लिए चार विकल्प भी दिए गए गए थे. जिनमें पहला विकल्प कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, दूसरा ग्रामीण विकास मंत्रालय, तीसरा वित्त मंत्रालय और आखिरी विकल्प खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय दिया गया. अपने लेटेस्ट पोस्ट में मंत्रालय ने सही जवाब - कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को बताया है.
संसद के मानसून सत्र में पीएम किसान योजना को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनका जवाब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में दिया. साउथ दिल्ली से बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली और देशभर में अब तक दी गई किस्तों का ब्योरा मांगा. जवाब में मंत्री ने बताया कि दिल्ली में अब तक किसानों को 17 किस्तों में ₹48.79 करोड़ की राशि दी गई है, जबकि देशभर के किसानों को 19 किस्तों में 3.69 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं. उन्होंने यह भी बताया कि 16 जुलाई 2025 तक 19वीं किस्त के तहत 10.06 करोड़ से ज्यादा किसानों को ₹23,500.83 करोड़ की राशि भेजी गई है.
कौन उठा सकता है योजना का लाभ
पीएम किसान योजना एक केंद्रीय योजना है, जिसे फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री ने शुरू किया था. इसका मकसद है कि जिन किसानों के पास खेती योग्य जमीन है, उन्हें सालाना 6,000 रुपये की सीधी आर्थिक मदद दी जाए. योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके पास खेती योग्य जमीन है.
कोई भी पात्र किसान इस योजना के लाभ से छूट न जाए सरकार इसके लिए समय-समय पर सैचुरेशन ड्राइव (सबको जोड़ने का अभियान) चलाती है. विकसित भारत संकल्प यात्रा (VBSY) के दौरान 15 नवंबर 2023 से एक बड़ा अभियान चलाया गया, जिसमें 1 करोड़ से ज्यादा किसानों को योजना में जोड़ा गया. नई सरकार के 100 दिन के लक्ष्य के तहत और 25 लाख नए किसानों को शामिल किया गया. इसके अलावा, लंबे समय से रुके हुए पंजीकरण (Self Registration) वाले किसानों के मामलों को भी निपटाया गया, और 30 लाख से ज्यादा पेंडिंग केस मंज़ूर किए गए. इन सब प्रयासों के चलते 19वीं किश्त का लाभ 10 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिल सका.
किन्हें योजना का लाभ नहीं मिलता?
कुछ ऐसे किसान जो ज्यादा आय वर्ग में आते हैं, उन्हें इस योजना से बाहर रखा गया है. इस योजना से कुछ लोग बाहर रखे गए हैं, जैसे:
- संस्थागत जमीन के मालिक (जैसे कंपनी या ट्रस्ट)
- वे किसान परिवार जिनके सदस्य इनमें से किसी श्रेणी में आते हैं:
- पूर्व/वर्तमान सांसद, विधायक, मंत्री, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष
- केंद्र/राज्य सरकार के सेवारत या रिटायर्ड अधिकारी (ग्रुप D को छोड़कर)
- 10,000 रुपये या उससे अधिक पेंशन पाने वाले रिटायर्ड व्यक्ति (ग्रुप D को छोड़कर)
- इनकम टैक्स देने वाले व्यक्ति
- डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, सीए, आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर
- NRI किसान परिवार
किसानों का रजिस्ट्रेशन और प्रक्रिया
PM-KISAN योजना में रजिस्ट्रेशन लगातार चलता रहता है.
किसान PM-KISAN पोर्टल, PM-KISAN ऐप, या नजदीकी CSC केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
राज्य सरकारें सभी आवेदन जांचने के बाद मंजूरी देती हैं.
यदि कोई जरूरी जानकारी या दस्तावेज़ नहीं दिया गया हो, तो आवेदन रिजेक्ट भी हो सकता है.
जैसे ही आवेदन मंज़ूर होता है, अगली किश्त में पैसा जारी कर दिया जाता है.
पैसा DBT से सीधे खाते में
पीएम किसान योजना के जरिए किसानों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे आर्थिक सहायता दी जाती है. इसके लिए आधार से जुड़े बैंक खाते और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. सभी किसानों को पैसा DBT के जरिए उनके बैंक खातों में भेजा जाता है. इस प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए सरकार ने तकनीक का उपयोग किया है, जैसे: PFMS (पेमेंट सिस्टम), UIDAI (आधार), और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ सिस्टम लिंक करना.
PM-KISAN पोर्टल पर सुविधाएं
PM-KISAN पोर्टल पर एक खास ‘Farmers Corner’ बनाया गया है, जहां किसान खुद:
अपना नाम चेक कर सकते हैं कि वे लाभार्थी हैं या नहीं,
उन्हें किस्त मिली या नहीं, ये भी ऑनलाइन देख सकते हैं.
"Know Your Status" फीचर से पात्रता और भुगतान स्थिति जान सकते हैं
इसके अलावा किसान अपने नजदीकी CSC सेंटर जाकर भी ये जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
शिकायतों का समाधान भी आसान
- अगर किसी किसान को पैसा नहीं मिला या कोई और समस्या है, तो उसके लिए भी ऑनलाइन सुविधा है.
- किसानों की समस्याएं सुलझाने के लिए PM-KISAN पोर्टल पर Grievance Module दिया गया है. इस पोर्टल पर जाकर किसान शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जो जिला या राज्य स्तर के अधिकारी तय समय में हल करते हैं.
- इसके अलावा किसान CPGRAMS पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
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AI आधारित चैटबॉट – किसान ई-मित्र
किसानों के सवालों का तुरंत जवाब देने के लिए सरकार ने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट – ‘किसान ई-मित्र’ शुरू किया है: ये चैटबॉट सप्ताह में सातों दिन चौबीसों घंटे के लिए उपलब्ध है. यह चैटबॉट हिंदी, अंग्रेज़ी, उड़िया, तमिल, बंगाली, मलयालम, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तेलुगू और मराठी जैसे 11 भाषाओं में काम करता है. इसे किसान मोबाइल या वेबसाइट के जरिए इस्तेमाल कर सकते हैं. कृषि मंत्री का दावा है कि यह चैटबॉट तेज, सटीक और आसान भाषा में जवाब देता है.
अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थियों को जानना जरूरी है कि अब योजना लाभ पाने के लिए आधार से लिंक खाता, ई-केवाईसी, और जमीन की जानकारी देना अनिवार्य है. जिन किसानों ने अबतक ये जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं, वे अगली किस्त समय पर पाने के वंचित हो सकते हैं यानी योजना के तहत उन्हें मिलने वाली किस्तें रोक दी जाएंगी. हालांकि जैसे ही वे इन प्रक्रियाओं को पूरी कर लेते हैं, रोकी गई सभी पिछली किस्तें और अगामी किस्तें भी समय पर ट्रांसफर की जाएगी.
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